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क्या देश में आतंकी प्रशिक्षण केंद्र बनाने के लिए जमीन तलाश रहे थे? पांच गिरफ्तार

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क्या देश में आतंकी प्रशिक्षण केंद्र बनाने के लिए जमीन तलाश रहे थे? पांच गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली पुलिस ने एक आतंकवादी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, जो भारतीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की कोशिश कर रहा था। यह समूह पाकिस्तान से संचालित हो रहा था और आतंकवाद के लिए जमीन खरीदने की योजना बना रहा था। जानें इस ऑपरेशन की सभी जानकारियाँ।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने एक आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है।
गिरफ्तार व्यक्तियों में युवा शामिल हैं, जो कट्टरपंथी बनने की कोशिश कर रहे थे।
पाकिस्तान से संचालित नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है।
पुलिस ने हथियारों और विस्फोटक सामग्री को जब्त किया है।

नई दिल्ली, 11 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान से संचालित एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस संयुक्त ऑपरेशन में झारखंड, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की पुलिस भी शामिल थी।

पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है जो भारत में इस्लामिक स्टेट की स्थापना की साजिश रच रहे थे। आरोपी "गजवा-ए-हिंद" के बैनर तले एक हिंसक जिहाद शुरू करने की योजना बना रहे थे।

उनका पहला कदम जमीन पर कब्जा करना और वहां आतंकी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करना था। गिरफ्तार किए गए लोगों में से कोई भी पाकिस्तान नहीं गया, लेकिन वे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे, जो उन्हें लगातार निर्देश दे रहे थे।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान झारखंड के बोकारो निवासी अशर दानिश (23), मुंबई के आफताब कुरैशी (25), महाराष्ट्र के मुंब्रा निवासी सूफियान अबुबकर खान (20), तेलंगाना के निजामाबाद निवासी मोहम्मद हुजैफ यमन (20) और मध्य प्रदेश के राजगढ़ निवासी कामरान कुरैशी (26) के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड अशर दानिश था, जो खुद को "गजवा लीडर" और "सीईओ" कहता था। दानिश ने इंग्लिश ऑनर्स में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।

वहीं, आफताब कुरैशी का काम आतंकी गतिविधियों के लिए लक्ष्य तय करना था, जबकि हुजैफ यमन हथियार बनाने का काम करता था। इन लोगों ने अपने ग्रुप का नाम "प्रोजेक्ट मुस्तफा" रखा था।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोपियों के पास से आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और हथियार बरामद किए हैं, जिनमें सल्फर, नाइट्रिक एसिड, कॉपर प्लेट, कारतूस, एक देसी पिस्तौल और कई इलेक्ट्रॉनिक सामान शामिल हैं। इसके अलावा, दो अर्ध-स्वचालित पिस्तौल, एक एयर गन और रसायन भी जब्त किए गए हैं।

जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया के एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर युवाओं को बरगला रहे थे। वे खुद को एक एनजीओ की तरह पेश करते थे और धर्म के नाम पर युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का काम कर रहे थे।

पुलिस के अनुसार, यह ग्रुप उन जगहों की तलाश में था, जहां वे जमीन खरीदकर अपनी गतिविधियों का केंद्र बना सकें। वे हथियार बनाने के लिए पैसे भी इकट्ठा कर रहे थे। इस ऑपरेशन की सफलता के बाद पुलिस का मानना है कि समय रहते इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ नहीं होता तो देश में कई बड़े आतंकी हमले हो सकते थे।

फिलहाल, गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है। आफताब और सूफियान को 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि बाकी आरोपियों से पूछताछ जारी है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान गए थे?
नहीं, गिरफ्तार आरोपियों में से कोई भी पाकिस्तान नहीं गया, लेकिन वे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे।
आरोपी किस प्रकार की सामग्री का उपयोग कर रहे थे?
आरोपी आईईडी बनाने के लिए सल्फर, नाइट्रिक एसिड, और अन्य रासायनिक सामग्री का उपयोग कर रहे थे।
राष्ट्र प्रेस
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