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क्या पाकिस्तान में लश्कर और हमास नेताओं की मुलाकात हुई?

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क्या पाकिस्तान में लश्कर और हमास नेताओं की मुलाकात हुई?

सारांश

हाल ही में पाकिस्तान में लश्कर और हमास के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है, जिसमें आतंकवाद और भारत के खिलाफ रणनीतियों पर चर्चा की गई। यह बैठक भारत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि हो सकती है। जानिए इस बैठक के पीछे की गहराई और उसके संभावित प्रभाव।

मुख्य बातें

पाकिस्तान में हमास और लश्कर की बैठक हुई।
बैठक में आतंकवाद से संबंधित रणनीतियों पर चर्चा हुई।
नाजी जहीर और राशिद अली ने एक मंच साझा किया।
यह बैठक भारत के लिए चिंता का विषय है।
आतंकवाद को बढ़ावा देने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता है। हाल ही में जानकारी मिली है कि पाकिस्तानी सेना आईएसआई के कमांडरों को न केवल प्रशिक्षण देगी, बल्कि उन्हें हथियारों से भी मदद करेगी। हाल ही में पाकिस्तान में हमास और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के नेताओं के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2025 में भारत के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले से पहले हमास का नेता पीओके पहुंचा था।

इस बैठक के बाद, कयास लगाए जा रहे हैं कि फिलिस्तीनी समूह और इस्लामिक आतंकवादी संगठन के बीच बातचीत फिर से शुरू हो गई है। सीनियर हमास कमांडर नाजी जहीर ने पाकिस्तान के गुजरांवाला में पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) के एक कार्यक्रम में एलईटी कमांडर राशिद अली संधू से मुलाकात की।

राशिद अली को लश्कर का राजनीतिक मोर्चा माना जाता है। एक बिना तारीख वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें जहीर और संधू एक ही मंच पर दिखाई दे रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जहीर गुजरांवाला के पीएमएमएल कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे, जबकि संधू पीएमएमएल के नेता हैं।

हमास के नेता जहीर ने अन्य अधिकारियों के साथ पहलगाम आतंकी हमले से कुछ हफ्ते पहले, फरवरी 2025 में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के कमांडरों के साथ मिलकर भारत विरोधी एक संयुक्त रैली को संबोधित किया।

इससे पहले, जनवरी 2024 में जहीर ने कराची का दौरा किया, जहां उन्होंने कराची प्रेस क्लब में मीडिया से बातचीत की। फिर अप्रैल 2024 में वे इस्लामाबाद गए, जहां इस्लामाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने उनका सम्मान किया।

इसके पूर्व, 14 अक्टूबर 2023 को दक्षिणी इजरायल में 7 अक्टूबर के आतंकवादी हमले के ठीक एक हफ्ते बाद जहीर पाकिस्तान गए थे और वहां की एक प्रमुख इस्लामी राजनीतिक पार्टी, जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के नेता मौलाना फजल-उर-रहमान से मुलाकात की थी।

उसी दिन उन्होंने पेशावर में मुफ्ती महमूद कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया, जहां खालिद मशाल ने वीडियो लिंक के माध्यम से भाग लिया। इसके बाद, 29 अक्टूबर 2023 को जहीर अल-अक्सा स्टॉर्म कॉन्फ्रेंस के लिए बलूचिस्तान के क्वेटा पहुंचे। नवंबर 2023 में वे फिर से मशाल के साथ कराची में तूफान-ए-अक्सा कॉन्फ्रेंस में दिखाई दिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। हमें इस पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या लश्कर और हमास की बैठक का आतंकवाद पर क्या असर पड़ेगा?
यह बैठक आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली रणनीतियों को फिर से सक्रिय कर सकती है, जिससे भारत की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
हमास का नेता कब पीओके पहुंचा था?
हमास का नेता अप्रैल 2025 में भारत के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से पहले पीओके पहुंचा था।
राष्ट्र प्रेस
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