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सीबीडीटी की नई सुविधा: AIS पोर्टल पर दिखेगी विदेशी संपत्ति और आय की जानकारी, 100+ देशों से मिला डेटा

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सीबीडीटी की नई सुविधा: AIS पोर्टल पर दिखेगी विदेशी संपत्ति और आय की जानकारी, 100+ देशों से मिला डेटा

सारांश

सीबीडीटी ने इनकम टैक्स AIS पोर्टल पर विदेशी संपत्ति और आय की जानकारी सीधे दिखाने की सुविधा शुरू की है। 100 से अधिक देशों से AEOI के तहत प्राप्त यह डेटा अब करदाताओं को ई-फाइलिंग अकाउंट में उपलब्ध है — ताकि रिटर्न में शेड्यूल FA और FSI की सटीक जानकारी भरना आसान हो सके।

मुख्य बातें

सीबीडीटी ने 16 जुलाई 2026 को इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल के AIS में विदेशी संपत्ति और आय की जानकारी प्रदर्शित करने की सुविधा शुरू की।
यह डेटा AEOI व्यवस्था के तहत 100 से अधिक साझेदार देशों से प्राप्त होता है और इसमें विदेशी बैंक खाते, ब्याज, डिविडेंड व अन्य वित्तीय आय शामिल हो सकती है।
फिलहाल कैलेंडर वर्ष 2022, 2023 और 2024 का डेटा AIS में उपलब्ध; 2025 का डेटा सितंबर-अक्टूबर 2026 में आएगा।
करदाताओं के लिए शेड्यूल FA और FSI में सभी विदेशी संपत्तियों और आय का पूर्ण विवरण देना अनिवार्य है — चाहे AIS में दिखे या नहीं।
AI-आधारित वर्चुअल असिस्टेंट 'कर साथी' और SMS/ई-मेल अलर्ट के ज़रिए करदाताओं को आकलन वर्ष 2026-27 के लिए सहायता दी जा रही है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने 16 जुलाई 2026 को इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक अहम सुविधा शुरू की है, जिसके तहत पात्र करदाता अब अपने एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) में विदेशों में मौजूद संपत्तियों और विदेशी स्रोत से होने वाली आय की जानकारी सीधे देख सकेंगे। यह डेटा ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इन्फॉर्मेशन (AEOI) व्यवस्था के अंतर्गत 100 से अधिक साझेदार देशों से प्राप्त होता है। इस पहल का उद्देश्य स्वैच्छिक कर अनुपालन को सरल और पारदर्शी बनाना है।

नई सुविधा में क्या शामिल है

सीबीडीटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह सुविधा करदाताओं की जाँच के लिए नहीं, बल्कि उन्हें कर नियमों का सही पालन करने में सहायता देने के लिए शुरू की गई है। AIS में प्रदर्शित जानकारी में विदेशी बैंक खाते, कस्टोडियल खाते, कुछ वित्तीय निवेश, ब्याज, डिविडेंड और अन्य निर्धारित वित्तीय आय शामिल हो सकती है — जिसे साझेदार देश अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत भारत को साझा करते हैं।

फिलहाल कैलेंडर वर्ष 2022, 2023 और 2024 से संबंधित उपलब्ध जानकारी AIS में प्रदर्शित कर दी गई है। कैलेंडर वर्ष 2025 की जानकारी सितंबर या अक्टूबर 2026 में प्राप्त होने के बाद पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।

पोर्टल पर जानकारी कैसे देखें

विदेशी संपत्ति की जानकारी देखने के लिए करदाताओं को इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। इसके बाद AIS सेक्शन में जाकर कंप्लायंस पोर्टल खोलना होगा और 'रिपोर्ट्स' विकल्प में 'फॉरेन एसेट्स इन्फॉर्मेशन' चुनना होगा। संबंधित कैलेंडर वर्ष का चयन कर PDF डाउनलोड करके पूरी जानकारी देखी जा सकती है। इसके अलावा करदाता पोर्टल पर उपलब्ध AI-आधारित वर्चुअल असिस्टेंट 'कर साथी' की मदद भी ले सकते हैं।

करदाताओं के लिए जरूरी बात

सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि AIS में दिखाई गई विदेशी संपत्ति और आय की जानकारी केवल वही है जो साझेदार देशों से प्राप्त हुई है — यह किसी करदाता की विदेशों में मौजूद सभी संपत्तियों और आय का पूर्ण रिकॉर्ड नहीं है। इसलिए करदाताओं के लिए अनिवार्य है कि वे अपनी सभी विदेशी संपत्तियों और विदेशी स्रोत से होने वाली आय का सही और पूर्ण विवरण इनकम टैक्स रिटर्न के शेड्यूल FA और शेड्यूल FSI में दें — चाहे वह जानकारी AIS में दिखाई दे रही हो या नहीं।

गौरतलब है कि भारत ने 100 से अधिक देशों के साथ वित्तीय जानकारी के आदान-प्रदान हेतु अंतरराष्ट्रीय समझौते किए हैं। AEOI के तहत पिछले कैलेंडर वर्ष की जानकारी हर साल सितंबर से मिलनी शुरू होती है।

SMS और ई-मेल अलर्ट भी भेजे जा रहे हैं

इस पहल के अंतर्गत करदाताओं को SMS और ई-मेल भी भेजे जा रहे हैं, जिनमें उन्हें इस सुविधा की जानकारी दी जा रही है और यह याद दिलाया जा रहा है कि आकलन वर्ष 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय विदेशी संपत्ति और आय का सही विवरण अवश्य दें।

आगे क्या होगा

सीबीडीटी के अनुसार इस सुविधा से अनजाने में होने वाली रिपोर्टिंग संबंधी गलतियाँ कम होंगी, इनकम टैक्स रिटर्न अधिक सटीक बनेंगे और कर अनुपालन पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी होगा। यह पहल भारत की अंतरराष्ट्रीय कर पारदर्शिता की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जो करदाता अब तक विदेशी संपत्ति छुपाते आए हैं, वे महज पोर्टल पर जानकारी दिखने से अनुपालन की राह पर आ जाएंगे — यह मानना अतिआशावाद होगा। AEOI डेटा की सीमाएँ खुद सीबीडीटी ने स्वीकार की हैं कि यह 'पूर्ण रिकॉर्ड' नहीं है, जिससे चूक की गुंजाइश बनी रहती है। 'जाँच नहीं, सहायता' का संदेश सकारात्मक है, लेकिन बिना सख्त प्रवर्तन ढाँचे के यह सुविधा केवल अनुपालन-अनुकूल करदाताओं तक सीमित रह सकती है — जिन्हें इसकी सबसे कम जरूरत है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीडीटी की AIS में विदेशी संपत्ति जानकारी की नई सुविधा क्या है?
सीबीडीटी ने इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल के AIS (एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट) में पात्र करदाताओं की विदेशी संपत्तियों और विदेशी आय की जानकारी प्रदर्शित करने की सुविधा शुरू की है। यह डेटा AEOI व्यवस्था के तहत 100 से अधिक साझेदार देशों से प्राप्त होता है और करदाताओं को सटीक रिटर्न भरने में मदद करता है।
AIS में कौन-से कैलेंडर वर्षों का विदेशी संपत्ति डेटा उपलब्ध है?
फिलहाल कैलेंडर वर्ष 2022, 2023 और 2024 से संबंधित जानकारी AIS में प्रदर्शित की जा चुकी है। कैलेंडर वर्ष 2025 का डेटा सितंबर या अक्टूबर 2026 में साझेदार देशों से प्राप्त होने के बाद पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा।
क्या AIS में दिखी जानकारी ही विदेशी संपत्ति का पूरा रिकॉर्ड है?
नहीं। सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि AIS में केवल वही जानकारी दिखती है जो साझेदार देशों से प्राप्त हुई है — यह किसी करदाता की विदेशी संपत्तियों और आय का संपूर्ण रिकॉर्ड नहीं है। करदाताओं को इनकम टैक्स रिटर्न के शेड्यूल FA और शेड्यूल FSI में सभी विदेशी संपत्तियों और आय का पूर्ण विवरण देना अनिवार्य है।
पोर्टल पर विदेशी संपत्ति की जानकारी कैसे देखें?
इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें, AIS सेक्शन में जाकर कंप्लायंस पोर्टल खोलें, 'रिपोर्ट्स' विकल्प में 'फॉरेन एसेट्स इन्फॉर्मेशन' चुनें और संबंधित कैलेंडर वर्ष का चयन कर PDF डाउनलोड करें। AI-आधारित वर्चुअल असिस्टेंट 'कर साथी' भी इस प्रक्रिया में मदद कर सकता है।
यह सुविधा किस आकलन वर्ष के रिटर्न के लिए प्रासंगिक है?
यह सुविधा आकलन वर्ष 2026-27 के इनकम टैक्स रिटर्न के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है। सीबीडीटी करदाताओं को SMS और ई-मेल के ज़रिए याद दिला रहा है कि यदि उनके पास विदेशी संपत्ति या विदेशी आय है, तो इस वर्ष के रिटर्न में उसका सही विवरण अवश्य दें।
राष्ट्र प्रेस
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