15 जुलाई 2026
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माई भारत का 'विकसित भारत युवा कनेक्ट प्रोग्राम' शुरू, 15 जुलाई से 15 अगस्त तक नशा मुक्ति अभियान

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माई भारत का 'विकसित भारत युवा कनेक्ट प्रोग्राम' शुरू, 15 जुलाई से 15 अगस्त तक नशा मुक्ति अभियान

सारांश

माई भारत ने 15 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक देश भर के कॉलेजों में 'विकसित भारत युवा कनेक्ट प्रोग्राम' शुरू किया है। 'नशा मुक्त युवा' थीम पर आधारित यह अभियान युवाओं को 2047 के विकसित भारत विज़न से जोड़ने और नशे के खिलाफ एंबेसडर बनाने की कोशिश है।

मुख्य बातें

माई भारत और खेल मंत्रालय ने विकसित भारत युवा कनेक्ट प्रोग्राम (VBYCP) की शुरुआत की।
कार्यक्रम 15 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक देश भर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में चलेगा।
थीम है 'विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा' ; लक्षित आयु वर्ग 15 से 25 वर्ष ।
ग्रामीण, शहरी और आदिवासी समुदायों के युवा शामिल; NSS पुरस्कार और राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता संस्थानों का दौरा करेंगे।
प्रतिभागी नशा मुक्त भारत शपथ लेंगे; संस्थान माई भारत चैप्टर बना सकते हैं।
सभी पंजीकरण और गतिविधियाँ माई भारत पोर्टल के माध्यम से संचालित होंगी।

भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने माई भारत मंच के ज़रिए विकसित भारत युवा कनेक्ट प्रोग्राम (VBYCP) की शुरुआत की है, जो 15 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक देश भर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में चलेगा। यह कार्यक्रम 'विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा' विशेष थीम के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को एक विकसित और नशा-मुक्त राष्ट्र बनाने के विज़न से प्रेरित है।

कार्यक्रम का उद्देश्य और थीम

एक महीने तक चलने वाले इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का केंद्रीय लक्ष्य 15 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को विकसित भारत के विज़न से जोड़ना है। साथ ही, नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना भी इसका अहम उद्देश्य है। नागरिक सहभागिता को नशा-विरोधी जागरूकता से जोड़कर, यह पहल ग्रामीण, शहरी और आदिवासी समुदायों के युवाओं को एक स्वस्थ, ज़िम्मेदार और नशा-मुक्त भारत का दूत बनाने का प्रयास करती है।

मुख्य गतिविधियाँ और कार्यक्रम संरचना

प्रतिभागियों को इंटरैक्टिव सत्र, प्रेज़ेंटेशन, जागरूकता गतिविधियाँ और माई भारत पोर्टल पर डिजिटल भागीदारी के माध्यम से जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम स्थलों पर माई भारत सुविधा डेस्क स्थापित किए जाएंगे, जहाँ मौके पर ही पंजीकरण की सुविधा मिलेगी।

प्रतिभागी एक विशेष रूप से निर्मित जागरूकता फिल्म भी देखेंगे, जिसमें नशे की लत से पीड़ित व्यक्तियों और परिवारों के अनुभव दर्शाए जाएंगे। इसके बाद नशा मुक्त भारत शपथ ली जाएगी। जहाँ संभव होगा, वहाँ गैर-सरकारी संगठनों और आध्यात्मिक संस्थाओं के सहयोग से 'रिकवरी वॉरियर्स' के व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए जाएंगे।

यूथ आइकॉन की भूमिका

कार्यक्रम के तहत प्रतिष्ठित युवा आइकॉन — जिनमें विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के राज्य चैंपियन, विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट के विजेता, NSS पुरस्कार विजेता और राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता शामिल हैं — शैक्षणिक संस्थानों का दौरा करेंगे। ये युवा नेता छात्रों के साथ भारत के विकास की यात्रा पर संवाद करेंगे और बताएंगे कि किस प्रकार नशे की लत व्यक्तिगत आकांक्षाओं, सामाजिक कल्याण और राष्ट्रीय प्रगति के लिए एक बड़ी बाधा है।

दीर्घकालिक प्रभाव और माई भारत चैप्टर

कार्यक्रम में भाग लेने वाले संस्थान बाद में माई भारत चैप्टर गठित कर सकते हैं, जिससे युवाओं का निरंतर जुड़ाव बना रहे और भविष्य की माई भारत पहलों के क्रियान्वयन में सहयोग मिले। बैनर, स्टैंडी और डिजिटल प्रचार-प्रसार के ज़रिए इस अभियान को व्यापक स्तर पर फैलाने की योजना है।

यह कार्यक्रम माई भारत की उस प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिसके तहत जागरूक, ज़िम्मेदार और सक्रिय युवा नागरिकों की एक पीढ़ी तैयार की जाए — जो 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के साथ-साथ नशा-मुक्त समाज के निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि एक महीने की जागरूकता गतिविधियाँ नशे की गहरी सामाजिक-आर्थिक जड़ों को कितना प्रभावित कर सकती हैं। माई भारत चैप्टर का विचार निरंतरता की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, पर इसकी सफलता संस्थागत प्रतिबद्धता पर निर्भर करेगी। नशा मुक्ति को केवल शपथ और फिल्म तक सीमित न रखकर, यदि इसे मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और पुनर्वास तंत्र से जोड़ा जाए, तो यह अभियान दीर्घकालिक बदलाव ला सकता है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विकसित भारत युवा कनेक्ट प्रोग्राम क्या है?
यह खेल मंत्रालय और माई भारत द्वारा शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी युवा जागरूकता कार्यक्रम है, जो 15 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक देश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में चलेगा। इसकी थीम 'विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा' है और यह प्रधानमंत्री मोदी के 2047 विज़न से प्रेरित है।
इस कार्यक्रम में कौन भाग ले सकता है?
मुख्य रूप से 15 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवा, जो ग्रामीण, शहरी और आदिवासी समुदायों से हैं, इस कार्यक्रम के लक्षित प्रतिभागी हैं। पंजीकरण माई भारत पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है।
कार्यक्रम में किस तरह की गतिविधियाँ होंगी?
प्रतिभागी इंटरैक्टिव सत्र, जागरूकता फिल्म, यूथ आइकॉन के साथ संवाद और नशा मुक्त भारत शपथ में भाग लेंगे। जहाँ संभव होगा, वहाँ NGO और आध्यात्मिक संगठनों के सहयोग से 'रिकवरी वॉरियर्स' के व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए जाएंगे।
माई भारत चैप्टर क्या है और इसका क्या फायदा होगा?
भाग लेने वाले संस्थान कार्यक्रम के बाद माई भारत चैप्टर बना सकते हैं, जिससे युवाओं का निरंतर जुड़ाव बना रहे। यह भविष्य की माई भारत पहलों के क्रियान्वयन में भी सहायक होगा।
यह कार्यक्रम 2047 के विकसित भारत विज़न से कैसे जुड़ा है?
कार्यक्रम का मानना है कि नशा-मुक्त समाज, 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अनिवार्य शर्त है। नागरिक सहभागिता और नशा-विरोधी जागरूकता को एक साथ जोड़कर यह पहल युवाओं को राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करती है।
राष्ट्र प्रेस
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