पवन कल्याण मुंबई अस्पताल से डिस्चार्ज, दाएं कंधे की सर्जरी के बाद चार महीने में पूरी रिकवरी की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं जन सेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण को 15 जुलाई 2026 (बुधवार) को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उनके दाएं कंधे की सफल आर्थ्रोस्कोपिक सर्जरी 11 जुलाई को की गई थी। उपमुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, वह अब हैदराबाद लौटेंगे और घर पर आराम करेंगे।
चोट की प्रकृति और सर्जरी का विवरण
अस्पताल की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, पवन कल्याण के दाएं कंधे में रोटेटर कफ इंजरी पाई गई थी, जिसमें सुप्रास्पिनेटस और इन्फ्रास्पिनेटस टेंडन में गंभीर क्षति के साथ-साथ ग्रेटर ट्यूबरोसिटी हड्डी में फ्रैक्चर भी शामिल था। यह सर्जरी अस्पताल के डायरेक्टर (आर्थ्रोस्कोपी एवं शोल्डर सर्विस) डॉ. दिनशॉ पारडीवाला ने सफलतापूर्वक संपन्न की।
बुलेटिन में कहा गया, 'आराम और शुरुआती रिकवरी के बाद पवन कल्याण एक व्यवस्थित शोल्डर रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम से गुजरेंगे। उम्मीद है कि अगले चार महीनों में उनके कंधे की कार्यक्षमता पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।'
रिकवरी योजना और आगे का इलाज
डॉक्टरों ने पवन कल्याण को तीन सप्ताह तक पूर्ण आराम की सलाह दी है, जिसके बाद फिजियोथेरेपी शुरू की जाएगी। उल्लेखनीय है कि उनके दूसरे कंधे में भी समस्या बताई जा रही है, जिसके लिए फिलहाल फिजियोथेरेपी की सलाह दी जा रही है और छह महीने बाद उसकी स्थिति का पुनः आकलन किया जाएगा।
वरिष्ठ नेताओं ने की मुलाकात
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू 12 जुलाई को अस्पताल पहुंचे और पवन कल्याण से मुलाकात कर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। नायडू ने कहा था, 'डॉक्टरों ने उन्हें तीन सप्ताह आराम करने और उसके बाद फिजियोथेरेपी कराने की सलाह दी है। छह महीने बाद उसकी स्थिति का फिर से आकलन किया जाएगा और आगे के इलाज पर फैसला लिया जाएगा।'
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी 13 जुलाई को अस्पताल पहुंचकर पवन कल्याण का हाल जाना और शीघ्र स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं।
राजनीतिक एवं प्रशासनिक प्रभाव
पवन कल्याण आंध्र प्रदेश की एन. चंद्रबाबू नायडू सरकार में उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ जन सेना पार्टी के प्रमुख नेता भी हैं। उनकी अनुपस्थिति में राज्य के प्रशासनिक कामकाज पर नज़र रखी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, रिकवरी की समय-सीमा करीब चार महीने है, जो उनकी सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियों को कुछ समय के लिए प्रभावित कर सकती है।
फिलहाल पवन कल्याण की सेहत में सुधार की खबर है और उनके हैदराबाद लौटने के बाद रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम के तहत उनकी देखभाल जारी रहेगी।