पवन कल्याण के दाहिने कंधे की मुंबई में सफल सर्जरी, साढ़े तीन घंटे चला ऑपरेशन; नायडू ने दी शुभकामनाएँ
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के दाहिने कंधे की मुंबई के एक अस्पताल में शनिवार, 11 जुलाई की सुबह सफलतापूर्वक सर्जरी की गई। डॉक्टरों के अनुसार, उनके दोनों कंधों में रोटेटर कफ की गंभीर चोट पाई गई थी, जिसके चलते यह ऑपरेशन अनिवार्य हो गया था। फिलहाल वह चिकित्सकों की निगरानी में हैं और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
सर्जरी का विवरण और चिकित्सकीय निर्णय
डॉक्टरों के अनुसार, एक साथ दोनों कंधों का ऑपरेशन करने से अत्यधिक दर्द और जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती थीं, इसलिए पहले दाहिने कंधे की सर्जरी को प्राथमिकता दी गई। बाएं कंधे का ऑपरेशन लगभग दो महीने बाद किए जाने की संभावना है। सर्जरी करीब साढ़े तीन घंटे तक चली।
शुक्रवार को ऑपरेशन से पूर्व सभी आवश्यक चिकित्सकीय जाँचें पूरी की गईं, जिसके बाद शनिवार को सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। विशेषज्ञों ने हाल की जाँच के दौरान उन्हें जल्द से जल्द सर्जरी कराने की सलाह दी थी।
सरकारी दायित्वों के कारण टला था ऑपरेशन
पवन कल्याण ने पहले से तय सरकारी और राजनीतिक कार्यक्रमों के कारण डॉक्टरों से कुछ समय का आग्रह किया था। महत्वपूर्ण दायित्व पूरे करने के बाद ही उन्होंने ऑपरेशन कराने का निर्णय लिया। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश सरकार कई नीतिगत मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री नायडू ने दी शुभकामनाएँ
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सामाजिक माध्यम एक्स पर पवन कल्याण के शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करते हुए लिखा कि वह उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं और इस कठिन समय में उन्हें शक्ति मिले। गौरतलब है कि पवन कल्याण तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद संभाल रहे हैं।
वर्षों पुरानी चोट की पूरी कहानी
पवन कल्याण को पहली बार वर्ष 2016 में कंधे में चोट लगी थी। उस समय डॉक्टरों ने पर्याप्त आराम की सलाह दी थी, लेकिन सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक जिम्मेदारियों के कारण वह सक्रिय रहे।
वर्ष 2018 की 'पोराटा यात्रा' के दौरान समर्थकों से हाथ मिलाने और भीड़ द्वारा हाथ खींचे जाने से कंधों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद रायलसीमा क्षेत्र, विशेषकर मदनपल्ले के दौरे के दौरान भी यही स्थिति बनी रही। इसके बाद 'वाराही यात्रा' और वर्ष 2024 के आम चुनाव प्रचार के दौरान भी लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों के कारण दोनों कंधों की चोट गंभीर होती चली गई।
आगे क्या
चिकित्सकों की निगरानी में रिकवरी के बाद बाएं कंधे का ऑपरेशन लगभग दो महीने में किए जाने की संभावना है। पवन कल्याण की सेहत पर आंध्र प्रदेश के राजनीतिक हलकों की नज़र बनी हुई है, क्योंकि राज्य सरकार के कई अहम कार्यक्रम उनकी सक्रिय भागीदारी पर निर्भर हैं।