पवन कल्याण की रीढ़ सर्जरी के बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने फोन कर जाना हाल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मंगलवार, 19 मई को आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण को व्यक्तिगत रूप से फोन कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना। पवन कल्याण हाल ही में रीढ़ की हड्डी की सर्जरी से उबर रहे हैं, जो लगातार चुनाव प्रचार और कार्यभार के दबाव के चलते आवश्यक हो गई थी। डॉक्टरों ने उन्हें पूर्ण विश्राम की सलाह दी है।
जोशी ने क्या कहा
केंद्रीय मंत्री जोशी ने फोन पर पवन कल्याण से कहा, 'स्वास्थ्य ही धन है। कृपया अपने स्वास्थ्य पर पहले ध्यान दें। स्वस्थ रहने से आप जनता की और भी प्रभावी ढंग से सेवा कर पाएंगे। इसलिए डॉक्टरों की सलाह के अनुसार पर्याप्त आराम करें।' उन्होंने यह भी बताया कि आंध्र प्रदेश दौरे के दौरान वे उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे।
जोशी ने आश्वासन दिया कि वे तिरुपति बालाजी मंदिर में पवन कल्याण के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करेंगे। यह फोन कॉल दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत सौहार्द को दर्शाती है, जो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों से जुड़े हैं।
पवन कल्याण की सर्जरी की पृष्ठभूमि
पवन कल्याण आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री होने के साथ-साथ एक प्रमुख अभिनेता भी हैं। चिकित्सकों के अनुसार, लगातार राजनीतिक व्यस्तताओं और चुनाव प्रचार के दबाव ने उनकी रीढ़ की स्थिति को प्रभावित किया, जिसके कारण सर्जरी अनिवार्य हो गई। सर्जरी के बाद उन्हें विशेष आराम करने की हिदायत दी गई है।
कर्नाटक सरकार पर जोशी का हमला
इसी दिन केंद्रीय मंत्री जोशी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब राज्य की जनता बढ़ती कीमतों और आर्थिक तंगी से जूझ रही है, तब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार 'सरकारी उपलब्धि सम्मेलन' आयोजित कर रही है।
जोशी ने सवाल उठाया कि महंगाई का बोझ डालकर और राज्य को 'शून्य विकास' की ओर धकेलने के बाद उपलब्धि सम्मेलन आयोजित करना कहाँ तक उचित है। उन्होंने सिद्धारमैया सरकार को कर्नाटक के इतिहास की 'सबसे गैर-जिम्मेदार और आर्थिक रूप से दिवालिया सरकारों में से एक' बताया।
कांग्रेस गारंटियों पर सवाल
आलोचकों का कहना है कि कांग्रेस ने गारंटी योजनाओं के वादे पर सत्ता हासिल की थी, लेकिन जोशी के अनुसार पिछले तीन वर्षों में आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें लगातार बढ़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 'प्रशासन एक हाथ से दे रहा है और दूसरे हाथ से ले रहा है' — अर्थात कल्याण योजनाओं के साथ-साथ शुल्क और कर भी बढ़ाए जा रहे हैं।
जोशी ने कहा कि जब किसान, आम नागरिक और परिवहन कर्मचारी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, तब सरकार अपने कार्यकाल की तीसरी वर्षगाँठ मनाने में करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने इन आयोजनों को 'जनहित का अपव्यय' करार दिया।
आगे क्या
पवन कल्याण के शीघ्र स्वस्थ होने के बाद जोशी के आंध्र प्रदेश दौरे पर उनकी भेंट अपेक्षित है। वहीं, कर्नाटक में BJP की यह आलोचना राज्य की राजनीतिक बहस को और तेज़ करने वाली मानी जा रही है, क्योंकि आगामी स्थानीय चुनावों की तैयारियाँ पहले से ही जोर पकड़ रही हैं।