रक्तांचल 3 प्रमोशन: निकितन धीर बोले — 'मन का अहंकार मिटाना हो तो काशी जरूर आएं'
सारांश
मुख्य बातें
वेब सीरीज 'रक्तांचल' का बहुप्रतीक्षित सीजन-3 रिलीज की दहलीज पर है, और प्रमोशन के सिलसिले में पूरी स्टार कास्ट वाराणसी पहुंची। 15 जुलाई 2026 को काशी की गलियों में हुई इस मुलाकात में अभिनेता निकितन धीर, निर्देशक रितम श्रीवास्तव और अभिनेता क्रांति प्रकाश झा ने नए सीजन के बारे में खुलकर बात की। टीम का कहना है कि यह सीजन दर्शकों को पिछले दोनों सीजन से कहीं अधिक तीव्र और भावनात्मक अनुभव देगा।
वसीम खान की कहानी का तीसरा पड़ाव
निर्देशक रितम श्रीवास्तव ने बताया कि सीजन-3 में वसीम की कहानी एक नए और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि यह सीजन पिछले दशक की शुरुआत की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें सत्ता की प्रतिस्पर्धा और भी गहरी होती जा रही है। श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि उनकी टीम में ऐसे दक्ष कलाकार हैं जिन्हें बार-बार दिशा-निर्देश देने की ज़रूरत नहीं पड़ती — यह किसी भी निर्देशक के लिए बड़ी राहत की बात होती है।
निकितन धीर का काशी-दर्शन
अभिनेता निकितन धीर ने काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि यदि कोई अपने मन के अहंकार को — उस 'मैं' को — समाप्त करना चाहता है, या जब जीवन में कोई राह न सूझे, तो उसे एक बार काशी अवश्य आना चाहिए। उनके अनुसार, यह नगरी यह सिखाती है कि मृत्यु केवल एक ठहराव है, अंत नहीं।
धीर ने अपने किरदार वसीम खान के बारे में कहा, 'सात साल से वसीम खान अलग-अलग रूपों में दर्शकों के सामने आ रहे हैं और उन्हें दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। मैं ईश्वर से यही प्रार्थना करता हूं कि ऐसे किरदार मेरे लिए लिखे जाते रहें और मैं हर बार नए रूप में सामने आता रहूं।'
काशी में शूटिंग का अनुभव
निर्देशक रितम श्रीवास्तव ने वाराणसी की तारीफ करते हुए कहा कि यहां समय के साथ उल्लेखनीय बदलाव आया है। गंगा का जल पहले से काफी स्वच्छ हुआ है और यहां के स्थानीय लोग अत्यंत पेशेवर हैं, जिससे शूटिंग का काम सुगम हो जाता है। उन्होंने निकितन धीर को एक अनुशासित और परिश्रमी कलाकार बताया, जो अपने किरदार के लिए लगातार मेहनत करते हैं।
क्रांति प्रकाश झा का किरदार और भावनात्मक जुड़ाव
अभिनेता क्रांति प्रकाश झा ने बताया कि इस सीजन में उनका किरदार उनके अपने व्यक्तित्व से बिल्कुल अलग है। उन्होंने एक संवाद साझा किया जो इस सीजन की आत्मा को दर्शाता है: 'बाबा, बाबा, सब कहे पर मैया कहे न कोई — अब बाबा के दरबार में मैया कहोगे तो हो जाएगा।' झा ने कहा कि उनके किरदार और उनके बीच एकमात्र समानता यह है कि दोनों के लिए उनकी माँ ही उनका ब्रह्मांड हैं। इस किरदार में ढलना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन निर्देशक की मार्गदर्शन में यह संभव हो सका।
दर्शकों के लिए क्या है खास
टीम का सामूहिक संदेश है कि 'रक्तांचल 3' केवल एक क्राइम-ड्रामा नहीं, बल्कि काशी की आत्मा और मानवीय संघर्ष का एक गहरा चित्रण है। यह सीजन उन दर्शकों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है जो पिछले दो सीजन से इस यात्रा का हिस्सा रहे हैं। रिलीज की तारीख की आधिकारिक घोषणा जल्द अपेक्षित है।