15 जुलाई 2026
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नोएडा में अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरफ्तार: 12 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद, 33 आपराधिक मुकदमे दर्ज

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नोएडा में अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरफ्तार: 12 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद, 33 आपराधिक मुकदमे दर्ज

सारांश

नोएडा पुलिस ने एक ऐसे शातिर चोर को पकड़ा जिस पर दिल्ली-एनसीआर के तीन राज्यों में 33 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। 12 चोरी के दोपहिया वाहनों की बरामदगी और एक नाबालिग की हिरासत ने इस संगठित गिरोह की गहरी जड़ों को उजागर किया है।

मुख्य बातें

आशु ढेढा (26 वर्ष) , दिल्ली निवासी, को नोएडा के बर्ड सेंचुरी अंडरपास के पास 15 जुलाई को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने 10 मोटरसाइकिल , एक स्कूटी और एक मोटरसाइकिल का चेसिस — कुल 12 वाहन — बरामद किए।
आरोपी पर दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के विभिन्न थानों में 33 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
एक नाबालिग आरोपी को भी पुलिस हिरासत में लिया गया है।
वाहनों की पहचान जिपनेट , यक्ष ऐप और गाण्डीव पोर्टल की मदद से की गई।
गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के शेष वाहनों की तलाश में जाँच जारी है।

नोएडा के थाना फेस-1 की पुलिस ने 15 जुलाई को एक शातिर अंतर्राज्यीय दोपहिया वाहन चोर को गिरफ्तार कर 12 चोरी के वाहन10 मोटरसाइकिल, एक स्कूटी और एक मोटरसाइकिल का चेसिस — बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार बरामद वाहनों की कुल कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई में एक नाबालिग आरोपी को भी हिरासत में लिया गया है।

गिरफ्तारी का विवरण

मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर चलाए गए अभियान में पुलिस ने बर्ड सेंचुरी अंडरपास के पास से मुख्य आरोपी आशु ढेढा (26 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय सुखबीर सिंह, निवासी पीपल चौक, दल्लूपुरा, थाना न्यू अशोक नगर, दिल्ली को दबोचा। आरोपी की निशानदेही पर ही सभी 12 वाहन बरामद हुए।

चोरी का तरीका

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथी के साथ पहले दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के विभिन्न इलाकों की रेकी करता था। इसके बाद पार्किंग स्थलों या सुनसान जगहों से मोटरसाइकिल और स्कूटी चुराकर उन्हें तुरंत बेचने के बजाय आसपास खड़े अन्य वाहनों के बीच छिपा देता था, ताकि किसी को संदेह न हो। बाद में ये वाहन कबाड़ियों या राह चलते लोगों को कम कीमत पर बेचे जाते थे और प्राप्त रकम दोनों आरोपियों के बीच बाँट ली जाती थी।

तकनीकी जाँच और आपराधिक इतिहास

बरामद एक मोटरसाइकिल की जाँच जिपनेट के माध्यम से की गई, जो थाना ईस्ट विनोद नगर, दिल्ली से चोरी होना पाई गई। इसके बाद आरोपी की फोटो उत्तर प्रदेश पुलिस के 'यक्ष ऐप' और 'गाण्डीव पोर्टल' पर मिलान कराई गई, जिससे उसके खिलाफ पहले से दर्ज 33 आपराधिक मुकदमों की पुष्टि हुई। इनमें वाहन चोरी, लूट, चोरी का माल रखने और आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं — जो दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के विभिन्न थानों में दर्ज हैं।

बरामद वाहनों का विवरण

बरामद वाहन नोएडा के फेस-1, सेक्टर-24 और सेक्टर-49 थानों के अलावा दिल्ली के कल्याणपुरी, गोविंदपुरी, शकरपुर और अन्य क्षेत्रों से चोरी हुए थे। कुछ वाहनों की पहचान इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर की जा रही है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। जाँच में यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन से सदस्य शामिल हैं तथा चोरी के अन्य वाहन कहाँ हैं और उन्हें खरीदने वाले कौन हैं। यह मामला दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय संगठित वाहन-चोरी नेटवर्क की ओर संकेत करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि इतने मुकदमों के बावजूद आरोपी इतने लंबे समय तक सक्रिय कैसे रहा। एक नाबालिग की संलिप्तता इस गिरोह के विस्तार और नई भर्ती की चिंताजनक प्रवृत्ति को भी उजागर करती है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में गिरफ्तार बाइक चोर कौन है और उस पर क्या आरोप हैं?
गिरफ्तार आरोपी का नाम आशु ढेढा (26 वर्ष) है, जो दिल्ली के दल्लूपुरा का निवासी है। उस पर दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के विभिन्न थानों में वाहन चोरी, लूट, चोरी का माल रखने और आर्म्स एक्ट सहित कुल 33 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
नोएडा पुलिस ने कितने वाहन बरामद किए और वे कहाँ से चोरी हुए थे?
पुलिस ने कुल 12 दोपहिया वाहन बरामद किए — 10 मोटरसाइकिल, एक स्कूटी और एक मोटरसाइकिल का चेसिस। ये वाहन नोएडा के फेस-1, सेक्टर-24, सेक्टर-49 और दिल्ली के कल्याणपुरी, गोविंदपुरी, शकरपुर सहित अन्य क्षेत्रों से चोरी हुए थे।
आरोपी वाहन चोरी के बाद उन्हें कैसे छिपाता था?
आरोपी चोरी के तुरंत बाद वाहनों को बेचता नहीं था, बल्कि उन्हें आसपास खड़े अन्य वाहनों के बीच छिपा देता था ताकि संदेह न हो। बाद में इन वाहनों को कबाड़ियों या राह चलते लोगों को कम कीमत पर बेच दिया जाता था।
पुलिस ने आरोपी की पहचान कैसे की?
बरामद एक मोटरसाइकिल की जाँच जिपनेट से की गई और उसे दिल्ली के थाना ईस्ट विनोद नगर से चोरी पाया गया। इसके बाद आरोपी की फोटो उत्तर प्रदेश पुलिस के यक्ष ऐप और गाण्डीव पोर्टल पर मिलान कराई गई, जिससे उसके 33 पुराने मुकदमों की पुष्टि हुई।
क्या इस मामले में और आरोपी भी हैं?
हाँ, एक नाबालिग आरोपी को भी पुलिस हिरासत में लिया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पूछताछ जारी रखे हुए है और चोरी के शेष वाहनों तथा उन्हें खरीदने वालों तक पहुँचने की कोशिश की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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