नोएडा में अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरफ्तार: 12 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद, 33 आपराधिक मुकदमे दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के थाना फेस-1 की पुलिस ने 15 जुलाई को एक शातिर अंतर्राज्यीय दोपहिया वाहन चोर को गिरफ्तार कर 12 चोरी के वाहन — 10 मोटरसाइकिल, एक स्कूटी और एक मोटरसाइकिल का चेसिस — बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार बरामद वाहनों की कुल कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई में एक नाबालिग आरोपी को भी हिरासत में लिया गया है।
गिरफ्तारी का विवरण
मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर चलाए गए अभियान में पुलिस ने बर्ड सेंचुरी अंडरपास के पास से मुख्य आरोपी आशु ढेढा (26 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय सुखबीर सिंह, निवासी पीपल चौक, दल्लूपुरा, थाना न्यू अशोक नगर, दिल्ली को दबोचा। आरोपी की निशानदेही पर ही सभी 12 वाहन बरामद हुए।
चोरी का तरीका
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथी के साथ पहले दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के विभिन्न इलाकों की रेकी करता था। इसके बाद पार्किंग स्थलों या सुनसान जगहों से मोटरसाइकिल और स्कूटी चुराकर उन्हें तुरंत बेचने के बजाय आसपास खड़े अन्य वाहनों के बीच छिपा देता था, ताकि किसी को संदेह न हो। बाद में ये वाहन कबाड़ियों या राह चलते लोगों को कम कीमत पर बेचे जाते थे और प्राप्त रकम दोनों आरोपियों के बीच बाँट ली जाती थी।
तकनीकी जाँच और आपराधिक इतिहास
बरामद एक मोटरसाइकिल की जाँच जिपनेट के माध्यम से की गई, जो थाना ईस्ट विनोद नगर, दिल्ली से चोरी होना पाई गई। इसके बाद आरोपी की फोटो उत्तर प्रदेश पुलिस के 'यक्ष ऐप' और 'गाण्डीव पोर्टल' पर मिलान कराई गई, जिससे उसके खिलाफ पहले से दर्ज 33 आपराधिक मुकदमों की पुष्टि हुई। इनमें वाहन चोरी, लूट, चोरी का माल रखने और आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं — जो दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के विभिन्न थानों में दर्ज हैं।
बरामद वाहनों का विवरण
बरामद वाहन नोएडा के फेस-1, सेक्टर-24 और सेक्टर-49 थानों के अलावा दिल्ली के कल्याणपुरी, गोविंदपुरी, शकरपुर और अन्य क्षेत्रों से चोरी हुए थे। कुछ वाहनों की पहचान इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर की जा रही है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। जाँच में यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन से सदस्य शामिल हैं तथा चोरी के अन्य वाहन कहाँ हैं और उन्हें खरीदने वाले कौन हैं। यह मामला दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय संगठित वाहन-चोरी नेटवर्क की ओर संकेत करता है।