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बद्रीनाथ मंदिर दान विवाद: बीकेटीसी कोषाध्यक्ष का तबादला, 18 पन्नों की जांच रिपोर्ट सीईओ को सौंपी

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बद्रीनाथ मंदिर दान विवाद: बीकेटीसी कोषाध्यक्ष का तबादला, 18 पन्नों की जांच रिपोर्ट सीईओ को सौंपी

सारांश

बद्रीनाथ मंदिर में दान की कथित हेराफेरी का मामला गहराता जा रहा है — चार सदस्यीय जांच टीम की 18 पन्नों की रिपोर्ट में कई बार अनियमितता के संकेत, कोषाध्यक्ष का तबादला और पर्सनल असिस्टेंट का निलंबन। बीकेटीसी सीईओ ने मानवीय भूल की संभावना जताई, पर मामला अभी बंद नहीं हुआ।

मुख्य बातें

बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने 15 जुलाई को पुष्टि की कि बद्रीनाथ मंदिर दान विवाद के बीच कोषाध्यक्ष का तबादला किया गया है।
डबल-लॉक में रखी चांदी की वस्तुओं की रजिस्टर एंट्री और वास्तविक सामान में अंतर पाया गया; सीईओ ने इसे संभावित मानवीय भूल बताया।
चार सदस्यीय विभागीय जांच टीम ने 18 पन्नों की रिपोर्ट सीईओ को सौंपी; प्रारंभिक निष्कर्षों में कई बार अनियमितता के संकेत।
तीन एम्बुलेंस में से एक 2016 में नीलाम, एक सीएमओ रुद्रप्रयाग को हस्तांतरित, तीसरी ऊखीमठ में; दान के लैपटॉप कर्मचारियों के पास सुरक्षित।
पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल को 7 जुलाई को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था।

श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बुधवार, 15 जुलाई को पुष्टि की कि उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित बद्रीनाथ मंदिर में दान प्रबंधन की कथित अनियमितताओं की जांच के बाद समिति के कोषाध्यक्ष का तबादला कर दिया गया है। विभागीय जांच टीम ने अपनी 18 पन्नों की रिपोर्ट सीईओ को सौंप दी है, जिसमें संकेत मिलता है कि भक्तों के चढ़ावे और कीमती सामान की हेराफेरी एक से अधिक बार हुई।

मुख्य घटनाक्रम

सीईओ रांगड़ ने स्पष्ट किया कि कोषाध्यक्ष को बर्खास्त नहीं, बल्कि तबादला किया गया है। उन्होंने बताया कि जांच टीम ने डबल-लॉक में रखी चांदी की वस्तुओं की समीक्षा की, जहाँ रजिस्टर में दर्ज मात्रा और वास्तव में मिले सामान के बीच अंतर पाया गया। उन्होंने कहा, 'रजिस्टर में दर्ज मात्रा कम थी, जबकि असल में वहाँ मिला सामान ज़्यादा था। पूरी संभावना है कि यह मानवीय भूल थी।' रांगड़ ने यह भी कहा कि यदि सामान दर्ज मात्रा से कम होता, तो यह चिंता का विषय होता, परंतु अधिक होना संभवतः ओवरराइटिंग की त्रुटि हो सकती है।

जांच के निष्कर्ष

चार सदस्यीय विभागीय जांच टीम ने अपनी जांच पूर्ण कर 18 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट सीईओ को सौंपी है। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक निष्कर्षों से पता चलता है कि श्री बद्रीनाथ धाम में भक्तों के चढ़ावे और कीमती सामान की अनियमितता केवल एक बार नहीं, बल्कि कई अवसरों पर हुई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोषाध्यक्ष का तबादला प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में किया गया है।

एम्बुलेंस और लैपटॉप विवाद पर सफाई

सीईओ रांगड़ ने दान में मिली एम्बुलेंस और लैपटॉप के गायब होने के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने बताया कि समिति के पास तीन एम्बुलेंस थीं — पहली को 2016 में 'बेकार' घोषित कर उचित प्रक्रिया के तहत नीलाम किया गया, दूसरी औपचारिक रूप से सीएमओ रुद्रप्रयाग को हस्तांतरित की गई, और तीसरी ऊखीमठ में सेवारत है। दान में मिले लैपटॉप कर्मचारियों को वितरित किए गए थे और जांच में पाया गया कि वे अभी भी उन्हीं के पास हैं।

पूर्व में की गई कार्रवाई

गौरतलब है कि बीकेटीसी ने 7 जुलाई को प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए चेयरमैन कार्यालय में तैनात पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। यह ऐसे समय में आया है जब धार्मिक स्थलों के दान प्रबंधन में पारदर्शिता को लेकर देशभर में बहस तेज़ हो रही है।

आगे क्या होगा

जांच रिपोर्ट सीईओ के पास पहुँच चुकी है और अब आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय समिति स्तर पर होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में पारदर्शी सार्वजनिक जवाबदेही तंत्र की आवश्यकता है, ताकि भक्तों का विश्वास बना रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संस्थागत जवाबदेही की व्यापक विफलता का संकेत है। सीईओ का 'मानवीय भूल' वाला स्पष्टीकरण तब तक अधूरा है जब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न हो — क्योंकि 18 पन्नों की रिपोर्ट में 'कई बार' अनियमितता के संकेत गंभीर प्रश्न उठाते हैं। कोषाध्यक्ष का तबादला और एक कर्मचारी का निलंबन कार्रवाई की शुरुआत है, परंतु भक्तों का विश्वास बहाल करने के लिए स्वतंत्र और पारदर्शी जांच अनिवार्य है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बद्रीनाथ मंदिर दान विवाद क्या है?
बद्रीनाथ मंदिर में डबल-लॉक में रखी चांदी की वस्तुओं की रजिस्टर एंट्री और वास्तव में मिले सामान के बीच अंतर पाया गया, जिससे दान प्रबंधन में कथित अनियमितताओं का विवाद उठा। चार सदस्यीय विभागीय जांच टीम ने 18 पन्नों की रिपोर्ट में कई बार हेराफेरी के संकेत दिए हैं।
बीकेटीसी कोषाध्यक्ष का तबादला क्यों किया गया?
मामले की संवेदनशीलता और जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों को देखते हुए बीकेटीसी सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने कोषाध्यक्ष का तबादला किया। सीईओ ने स्पष्ट किया कि यह बर्खास्तगी नहीं, प्रशासनिक तबादला है।
जांच रिपोर्ट में क्या पाया गया?
चार सदस्यीय विभागीय जांच टीम ने 18 पन्नों की रिपोर्ट सीईओ को सौंपी है। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक निष्कर्षों में भक्तों के चढ़ावे और कीमती सामान की अनियमितता एक से अधिक बार होने के संकेत मिले हैं।
दान में मिली एम्बुलेंस और लैपटॉप के बारे में क्या स्थिति है?
बीकेटीसी सीईओ ने बताया कि तीन एम्बुलेंस में से एक 2016 में नीलाम, एक सीएमओ रुद्रप्रयाग को हस्तांतरित और तीसरी ऊखीमठ में है। दान के लैपटॉप कर्मचारियों को वितरित किए गए थे और जांच में वे उन्हीं के पास पाए गए।
बीकेटीसी ने इस मामले में पहले क्या कार्रवाई की थी?
बीकेटीसी ने 7 जुलाई को चेयरमैन कार्यालय में तैनात पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। यह कार्रवाई प्रशासनिक पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से की गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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