'नशामुक्त युवा, विकसित भारत' अभियान: 13 जुलाई से जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए पंजीकरण शुरू
सारांश
मुख्य बातें
युवा मामले और खेल मंत्रालय ने 13 जुलाई 2026 से देशव्यापी 'नशामुक्त युवा, विकसित भारत' अभियान के तहत जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया आरंभ कर दी है। मेरा युवा भारत (माय भारत) पोर्टल के माध्यम से संचालित यह अभियान 15 से 29 वर्ष के युवाओं को नशामुक्ति के संदेश को रचनात्मक माध्यमों से जन-जन तक पहुँचाने का अवसर देता है। नशीले पदार्थों के विरुद्ध लड़ाई को 'जन आंदोलन' बनाने के प्रधानमंत्री के आह्वान के अनुरूप यह पहल 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय विजन से सीधे जुड़ी है।
प्रतियोगिता की संरचना और चरण
यह अभियान तीन क्रमिक स्तरों पर आयोजित किया जाएगा। 24 से 27 जुलाई 2026 के बीच जिला स्तर पर प्रतियोगिताएँ होंगी, जिनमें प्रत्येक श्रेणी से शीर्ष तीन प्रविष्टियाँ चुनी जाएंगी। इसके बाद 30 जुलाई से 6 अगस्त 2026 तक राज्य स्तरीय चयन दौर आयोजित होगा।
राज्य स्तर के विजेताओं को 12 और 13 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 'नेशनल यूथ समिट' — राष्ट्रीय फिनाले — में भाग लेने का अवसर मिलेगा। यह आयोजन स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर होने के कारण राष्ट्रीय महत्व का प्रतीक भी बनता है।
पाँच रचनात्मक श्रेणियाँ
माय भारत ने युवाओं की अभिव्यक्ति को केंद्र में रखते हुए पाँच रचनात्मक श्रेणियाँ निर्धारित की हैं — नृत्य (डांस), संगीत (म्यूज़िक), रील एवं लघु फिल्म, नुक्कड़ नाटक और कविता पाठ। ये श्रेणियाँ संस्कृति, कहानी कहने की परंपरा और डिजिटल माध्यमों का समन्वय करती हैं, जिससे युवा अपने समुदायों में नशामुक्ति का संदेश प्रभावशाली ढंग से पहुँचा सकें।
गौरतलब है कि प्रतिभागी अकेले या समूह में — और हिंदी, अंग्रेज़ी अथवा किसी भी क्षेत्रीय भाषा में — अपनी प्रविष्टि जमा कर सकते हैं। यह व्यवस्था भाषाई और भौगोलिक विविधता के बावजूद अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करती है।
पंजीकरण प्रक्रिया
जिला दौर के लिए पंजीकरण 13 जुलाई 2026 से माय भारत पोर्टल पर उपलब्ध है। युवा पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करने के साथ-साथ अपनी रचनात्मक प्रविष्टि भी अपलोड कर सकते हैं। यह सबमिशन प्रतियोगिता का पहला और अनिवार्य चरण है।
अभियान का व्यापक उद्देश्य
यह ऐसे समय में आया है जब देश में नशे की लत से जुड़ी सामाजिक चुनौतियाँ नीति-निर्माताओं के लिए प्राथमिकता बनी हुई हैं। माय भारत के माध्यम से मंत्रालय का लक्ष्य युवाओं को महज़ जागरूकता के प्राप्तकर्ता के बजाय सक्रिय परिवर्तन-वाहक के रूप में स्थापित करना है। अभियान को 'विकसित भारत 2047' और अमृत काल के राष्ट्रीय मिशन से जोड़कर इसे दीर्घकालिक नीतिगत ढाँचे का हिस्सा बनाया गया है।
नेशनल यूथ समिट में देशभर के बेहतरीन युवा प्रतिभाएँ एकत्र होंगी और राष्ट्रीय मंच पर अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन करेंगी — यह आयोजन नशामुक्ति आंदोलन को युवा नेतृत्व की शक्ति से जोड़ने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है।