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चिराग शेट्टी: 2016 में कोच के एक फैसले ने बदली किस्मत, कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में जीता स्वर्ण

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चिराग शेट्टी: 2016 में कोच के एक फैसले ने बदली किस्मत, कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में जीता स्वर्ण

सारांश

कोच किम टैन हेर का 2016 का एक फैसला — चिराग को सिंगल्स से हटाकर सात्विक के साथ डबल्स में उतारना — भारतीय बैडमिंटन के लिए वरदान साबित हुआ। इस जोड़ी ने विश्व रैंकिंग में नंबर एक का मुकाम हासिल किया और कॉमनवेल्थ व एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीते।

मुख्य बातें

चिराग शेट्टी का जन्म 4 जुलाई 1997 को मुंबई के मलाड में हुआ; 7 साल की उम्र में बैडमिंटन से जुड़े।
2016 में कोच किम टैन हेर ने चिराग और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी की डबल्स जोड़ी बनाई, जो करियर का निर्णायक मोड़ रही।
जोड़ी ने 2019 थाईलैंड ओपन समेत सिंगापुर ओपन , इंडोनेशिया ओपन सुपर 1000 और कोरिया ओपन जीते।
2022 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2023 एशियाई खेलों में पुरुष डबल्स में स्वर्ण पदक जीते।
विश्व चैंपियनशिप में दो बार कांस्य पदक ; विश्व रैंकिंग में नंबर एक जोड़ी बने।
चिराग को 2020 में अर्जुन पुरस्कार और 2023 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न से सम्मानित किया गया।

भारतीय बैडमिंटन स्टार चिराग शेट्टी की सफलता की कहानी उस एक फैसले से शुरू होती है जो उनके कोच किम टैन हेर ने 2016 में लिया था। सिंगल्स में बार-बार निराशा के बाद, कोच ने चिराग को सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी के साथ डबल्स जोड़ी में उतारा — और यह निर्णय भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ।

शुरुआती जीवन और बैडमिंटन की शुरुआत

चिराग शेट्टी का जन्म 4 जुलाई 1997 को मुंबई के मलाड में हुआ। महज 7 साल की उम्र में उन्हें बैडमिंटन से प्रेम हो गया और उन्होंने इसी खेल में अपना भविष्य तलाशने का संकल्प लिया। बारीकियाँ सीखने के लिए उन्होंने गोरेगांव स्पोर्ट्स क्लब स्थित उदय पवार बैडमिंटन अकादमी में दाखिला लिया। कुछ समय बाद वह मुंबई से हैदराबाद शिफ्ट हो गए और पुलेला गोपीचंद अकादमी में प्रशिक्षण लेने लगे।

सिंगल्स की नाकामी और डबल्स में नई पारी

शुरुआती करियर में सिंगल्स चिराग के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। जूनियर इंटरनेशनल सर्किट में उन्होंने एमआर अर्जुन के साथ डबल्स में हाथ आज़माया और प्रभावशाली प्रदर्शन किया। फिर 2016 में कोच किम टैन हेर ने चिराग और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी को एक जोड़ी के रूप में उतारने का फैसला किया। यह जोड़ी जल्द ही डबल्स कोर्ट पर एक के बाद एक मुकाम हासिल करती चली गई।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर धमाकेदार प्रदर्शन

चिराग-सात्विक की जोड़ी ने 2019 में थाईलैंड ओपन का खिताब जीतकर इतिहास रचा — यह उनकी पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जीत थी। इसके बाद इस जोड़ी ने सिंगापुर ओपन, इंडोनेशिया ओपन सुपर 1000 और कोरिया ओपन जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट भी अपने नाम किए। गौरतलब है कि इस जोड़ी ने विश्व बैडमिंटन रैंकिंग में नंबर एक का स्थान भी हासिल किया — जो किसी भारतीय पुरुष डबल्स जोड़ी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।

स्वर्णिम उपलब्धियाँ: कॉमनवेल्थ और एशियाई खेल

2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में चिराग-सात्विक ने पुरुष डबल्स में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया। इसके अगले ही वर्ष 2023 एशियाई खेलों में भी इस जोड़ी ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया — यह लगातार दो बड़े मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में शीर्ष पोडियम पर खड़े होने का कमाल था। इसके अलावा, यह जोड़ी विश्व चैंपियनशिप में दो बार कांस्य पदक जीतने में भी सफल रही।

पुरस्कार और सम्मान

बैडमिंटन में उत्कृष्ट योगदान के लिए चिराग शेट्टी को 2020 में भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके बाद 2023 में उन्हें देश के सर्वोच्च खेल सम्मानों में से एक मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार भी प्रदान किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय बैडमिंटन वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति लगातार मजबूत कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी स्पष्ट है कि ऐसी सफलताएँ व्यवस्था की उपज कम और व्यक्तिगत कोचिंग दृष्टि की उपज अधिक हैं।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिराग शेट्टी कौन हैं और वे किस खेल से जुड़े हैं?
चिराग शेट्टी भारत के शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी हैं, जो पुरुष डबल्स में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी के साथ जोड़ी बनाते हैं। उनका जन्म 4 जुलाई 1997 को मुंबई में हुआ और उन्होंने 7 साल की उम्र से बैडमिंटन खेलना शुरू किया।
2016 में कोच के किस फैसले ने चिराग शेट्टी का करियर बदल दिया?
2016 में कोच किम टैन हेर ने चिराग शेट्टी को सिंगल्स से हटाकर सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी के साथ डबल्स जोड़ी में उतारने का निर्णय लिया। इस फैसले के बाद चिराग-सात्विक की जोड़ी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक के बाद एक बड़ी उपलब्धियाँ हासिल कीं।
चिराग शेट्टी ने कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में कब स्वर्ण पदक जीते?
चिराग शेट्टी ने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2023 एशियाई खेलों में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी के साथ पुरुष डबल्स में स्वर्ण पदक जीते। इसके अलावा, इस जोड़ी ने विश्व चैंपियनशिप में दो बार कांस्य पदक भी जीते।
चिराग शेट्टी को कौन-से राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं?
चिराग शेट्टी को 2020 में अर्जुन पुरस्कार और 2023 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ये भारत सरकार के सर्वोच्च खेल सम्मानों में गिने जाते हैं।
चिराग शेट्टी ने अपनी बैडमिंटन ट्रेनिंग कहाँ ली?
चिराग शेट्टी ने शुरुआती प्रशिक्षण मुंबई के गोरेगांव स्पोर्ट्स क्लब स्थित उदय पवार बैडमिंटन अकादमी में लिया। इसके बाद वह हैदराबाद शिफ्ट हो गए और पुलेला गोपीचंद अकादमी में उच्चस्तरीय प्रशिक्षण लिया।
राष्ट्र प्रेस
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