टीएमसी की अंदरूनी कलह पर भाजपा का प्रहार: 'पार्टी में न तृण बचा, न मूल' — बाजोरिया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 12 जून 2026 को न्यूटाउन में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की बढ़ती अंदरूनी खींचतान पर तीखा हमला बोला। भाजपा नेता शिशिर बाजोरिया और लॉकेट चटर्जी ने TMC सांसद कल्याण बनर्जी की विवादित टिप्पणियों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी के भविष्य पर सवाल खड़े किए। भाजपा का आरोप है कि टीएमसी अपने मूल स्वरूप से भटक चुकी है और पश्चिम बंगाल की जनता का भरोसा उससे उठ रहा है।
बाजोरिया का तीखा हमला
शिशिर बाजोरिया ने कहा कि जिस राजनीतिक दल की नींव भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर टिकी हो, उसका दीर्घकालिक अस्तित्व संदिग्ध है। उन्होंने बंगाल के राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस और वामपंथी दलों ने दशकों तक शासन किया, जबकि टीएमसी का प्रभाव अपेक्षाकृत कम समय में ही सिकुड़ता दिख रहा है।
बाजोरिया ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'पार्टी के नाम में भले ही तृणमूल हो, लेकिन अब उसमें न तृण बचा है और न मूल।' उनके अनुसार, जनता का विश्वास टीएमसी से लगातार कम हो रहा है और भाजपा राज्य में एकमात्र सशक्त राजनीतिक विकल्प के रूप में उभर रही है।
कल्याण बनर्जी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कथित तौर पर कहा था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी में से किसी एक को चुनना होगा। इस बयान को लेकर बाजोरिया ने कहा कि पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर असंतोष अब छिपा नहीं रहा। उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक बनर्जी का राजनीतिक व्यवहार सत्ता और प्रभाव में कमी आने के बाद बदला है, जो टीएमसी की आंतरिक दरारों को और गहरा करता है।
लॉकेट चटर्जी का बयान
लॉकेट चटर्जी ने कहा कि भाजपा को पहले से अनुमान था कि टीएमसी को राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन पार्टी इतनी तेज़ी से आंतरिक संकट में फँस जाएगी, यह अप्रत्याशित था। उन्होंने कल्याण बनर्जी की टिप्पणियों को 'टीएमसी का पूर्णतः आंतरिक मामला' बताते हुए कहा कि भाजपा का उससे कोई संबंध नहीं।
चटर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा विकास और जनकल्याण के एजेंडे पर केंद्रित है। उनका कहना था कि उनकी पार्टी राजनीतिक विवादों में उलझने की बजाय जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने को प्राथमिकता देती है।
TMC-कांग्रेस विलय की चर्चाओं पर
टीएमसी और कांग्रेस के संभावित विलय की अटकलों पर बाजोरिया ने कहा कि भाजपा का मुख्य उद्देश्य पश्चिम बंगाल को विकास और सुशासन की राह पर आगे ले जाना है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष की भूमिका अनिवार्य है, और यह तय करना जनता का अधिकार है कि कौन-सी पार्टी राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बनी रहेगी। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी के बीच राजनीतिक तनाव लंबे समय से बना हुआ है, और इस तरह के बयान विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में विशेष महत्व रखते हैं।