कर्नाटक कांग्रेस में 'चार पावर सेंटर': भाजपा के विजयेंद्र की चुनौती — विधानसभा भंग करो
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने 6 जून 2025 को बेंगलुरु में आरोप लगाया कि राज्य की कांग्रेस सरकार चार अलग-अलग पावर सेंटरों के बीच बुरी तरह फँसी हुई है, जिससे शासन व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को सीधी चुनौती दी कि यदि पार्टी बिना अंदरूनी कलह के सरकार नहीं चला सकती, तो विधानसभा भंग कर नए चुनाव कराए जाएँ।
मुख्य आरोप और चुनौती
भाजपा प्रदेश कार्यालय जगन्नाथ भवन में पत्रकारों से बात करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि पिछले दो वर्षों से मुख्यमंत्री पद को लेकर सत्ता-संघर्ष जारी है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि सरकार ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) और स्थानीय निकाय चुनावों के साथ-साथ विधानसभा चुनाव भी कराने में सक्षम नहीं है, तो जनता को नया जनादेश देने का अवसर मिलना चाहिए।
विजयेंद्र के अनुसार, शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 48 घंटे के भीतर ही मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था — जो उनके अनुसार इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार अपनी स्थापना से ही आंतरिक विवादों से उबर नहीं पाई।
कांग्रेस के 'चार पावर सेंटर'
भाजपा नेता ने दावा किया कि कर्नाटक कांग्रेस में चार प्रमुख शक्ति-केंद्र एक साथ काम कर रहे हैं — मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया। विजयेंद्र का आरोप है कि इन चारों के बीच समन्वय की कमी के कारण प्रशासनिक निर्णय लेना कठिन हो गया है।
उन्होंने मंत्रियों के.एच. मुनियप्पा और के.जे. जॉर्ज के विभागों के बँटवारे को लेकर सार्वजनिक रूप से जताए असंतोष का भी हवाला दिया, यह कहते हुए कि कैबिनेट के भीतर नाराज़गी अब छिपाए नहीं छिप रही।
किसान और जनता की उपेक्षा का आरोप
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि सरकार तीन वर्षों में किसानों, गरीबों और आम जनता के लिए कोई सार्थक विकास कार्य नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी माँगों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं, जो इस बात का संकेत है कि सरकार की प्राथमिकताएँ जनता से दूर हो गई हैं। आलोचकों का कहना है कि सत्ता-संघर्ष में उलझी सरकार ने कुशासन और वित्तीय कुप्रबंधन को बढ़ावा दिया है।
भाजपा की अपनी रणनीति
एक सवाल के जवाब में विजयेंद्र ने स्पष्ट किया कि भाजपा की चुनावी तैयारी केवल कांग्रेस की कमज़ोरियों पर आधारित नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी के पास संगठनात्मक ताकत, समर्पित कार्यकर्ता और अगले विधानसभा चुनावों के लिए एक स्पष्ट रणनीति पहले से तैयार है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा के इन आरोपों पर अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयानबाज़ी आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले भाजपा की रणनीतिक पहल का हिस्सा हो सकती है।