क्या कर्नाटक भाजपा ने वीबी जी राम जी की बजाय ड्रग माफिया पर चर्चा की मांग की?

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क्या कर्नाटक भाजपा ने वीबी जी राम जी की बजाय ड्रग माफिया पर चर्चा की मांग की?

सारांश

कर्नाटक भाजपा ने कांग्रेस सरकार के निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ड्रग माफिया और अन्य गंभीर मुद्दों पर विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। क्या यह कदम राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है?

Key Takeaways

  • कर्नाटक भाजपा ने वीबी जी राम जी पर विशेष सत्र बुलाने का विरोध किया।
  • ड्रग माफिया और जनहित के मुद्दों पर चर्चा की मांग की गई।
  • मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर विपक्ष द्वारा निशाना साधा गया।
  • कांग्रेस सरकार का वीबी जी राम जी पर विरोध जारी है।

बेंगलुरु, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक भाजपा ने कांग्रेसड्रग माफिया और केरल में कन्नड़ भाषियों के हितों को कथित रूप से कमजोर करने जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा की जाए।

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार वीबी जी राम जी का विरोध कर रही है। यह योजना केंद्र सरकार ने 2025 के अंत में मौजूदा मनरेगा ग्रामीण रोजगार योजना को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से शुरू की थी, जिसमें 125 दिनों के गारंटीकृत रोजगार के साथ ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास को भारत-2047 के विजन से जोड़ा गया है।

बुधवार को प्रेस वार्ता में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा कि कांग्रेस सरकार को वीबी जी राम जी पर सत्र बुलाने के बजाय ड्रग माफिया, केरल में कन्नड़ भाषा के कथित अपमान, बेंगलुरु में अतिक्रमणकारियों के पुनर्वास सहित अन्य ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 22 से 31 जनवरी तक ‘विकसित भारत संकल्प योजना’ पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है, जबकि असल जरूरत ड्रग माफिया और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने की है। यदि वीबी जी राम जी को लेकर कोई आपत्ति है तो सरकार को केंद्र से बात करनी चाहिए।

अशोक ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर निशाना साधते हुए कहा कि सभी राज्यों के मुख्यमंत्री विश्व आर्थिक मंच (दावोस) गए, लेकिन सिद्धारमैया ने वहां जाना जरूरी नहीं समझा। उन्होंने नीति आयोग और जीएसटी परिषद की बैठकों में भी हिस्सा नहीं लिया और जर्मनी के चांसलर के स्वागत में भी नहीं गए। इससे राज्य को मिलने वाले उद्योग और निवेश का नुकसान हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने के लिए राहुल गांधी से मिलने जरूर गए।

उन्होंने कहा कि यह विशेष सत्र महात्मा गांधी के नाम को हटाने के बहाने बुलाया जा रहा है। गांधी ने कांग्रेस को भंग करने की बात कही थी, लेकिन किसी ने उस पर अमल नहीं किया। उन्होंने गौ-भक्ति की बात की, लेकिन जब भाजपा ने गौ-हत्या निषेध कानून लाया तो कांग्रेस ने विरोध किया। गांधी ने भगवद् गीता की बात की, तो कांग्रेस ने पाठ्यक्रम में शामिल करने का विरोध किया। ‘रघुपति राघव राजा राम’ और अयोध्या मंदिर का भी कांग्रेस ने विरोध किया, अशोक ने तंज कसा।

Point of View

बल्कि समाज में व्याप्त गंभीर समस्याओं से भी जुड़े हैं। इस संदर्भ में, यह देखना महत्वपूर्ण है कि कैसे इन मुद्दों पर चर्चा होती है और इसका प्रभाव राज्य की राजनीति और जनता पर पड़ता है।
NationPress
14/01/2026

Frequently Asked Questions

कर्नाटक भाजपा ने किस मुद्दे पर चर्चा की मांग की?
कर्नाटक भाजपा ने वीबी जी राम जी की बजाय ड्रग माफिया और अन्य गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने की मांग की है।
कांग्रेस सरकार का वीबी जी राम जी पर क्या रुख है?
कांग्रेस सरकार वीबी जी राम जी का विरोध कर रही है।
इस विशेष सत्र का उद्देश्य क्या है?
इस विशेष सत्र का उद्देश्य ड्रग माफिया और अन्य ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करना है।
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