दिल्ली-एनसीआर में अगले 7 दिन बारिश नहीं, उमस और गर्मी जारी; चांदनी चौक का AQI 224, नोएडा सेक्टर-116 में 248
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 21 सितंबर 2026 से शुरू होने वाले अगले सात दिनों में बारिश की कोई संभावना नहीं है — यह जानकारी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़े पूर्वानुमान में दी गई है। साफ आसमान और तेज़ धूप के कारण दिल्ली-एनसीआर में उमस का स्तर बढ़ता जा रहा है, और इसी के साथ कई इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'ऑरेंज' तथा 'खराब' श्रेणी में पहुँच गया है, जो स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से चिंताजनक संकेत है।
IMD का सात दिवसीय पूर्वानुमान
IMD के अनुसार, 21 सितंबर को दिल्ली का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हवा में नमी 55 से 80 प्रतिशत के बीच रहेगी। 22 और 23 सितंबर को भी स्थिति लगभग समान रहेगी — अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास।
24 सितंबर को अधिकतम तापमान एक डिग्री गिरकर 34 डिग्री सेल्सियस पर आ सकता है, जबकि न्यूनतम 25 डिग्री रहने का अनुमान है। 25 और 26 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन विभाग ने वर्षा की कोई संभावना नहीं जताई है। 26 सितंबर को अधिकतम तापमान फिर 35 डिग्री तक पहुँच सकता है।
दिल्ली के प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता
मौसम के बदलाव के साथ राजधानी की हवा भी खराब होने लगी है। ताज़े आंकड़ों के अनुसार, आनंद विहार का AQI 169, अलीपुर का 149, अशोक विहार का 139, आया नगर का 178 और बवाना का 165 दर्ज किया गया है — ये सभी 'मध्यम' श्रेणी में हैं।
हालाँकि, चांदनी चौक में AQI 224 तक पहुँच गया है, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। वहीं कैंटोनमेंट क्षेत्र में AQI 81 के साथ 'संतोषजनक' श्रेणी में बना हुआ है।
नोएडा में स्थिति और भी चिंताजनक
एनसीआर के हिस्से नोएडा में हालात अधिक गंभीर नज़र आ रहे हैं। सेक्टर-116 का AQI 248 दर्ज किया गया है, जो 'खराब' श्रेणी में है। सेक्टर-125 में 195, सेक्टर-1 में 186 और सेक्टर-62 में 158 AQI दर्ज हुआ — ये सभी 'मध्यम' श्रेणी में हैं, लेकिन लगातार बढ़ते स्तर को देखते हुए विशेषज्ञ सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि मानसून के अंतिम चरण में जब बारिश थम जाती है, तो हवा में नमी और प्रदूषण कणों का संयोजन उमस को असहनीय बना देता है। सांस की बीमारियों, अस्थमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए बढ़ता AQI विशेष रूप से जोखिमभरा हो सकता है। बुज़ुर्गों और बच्चों को सुबह-शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली हर साल अक्टूबर-नवंबर में पराली जलाने के मौसम से पहले ही वायु प्रदूषण की गिरफ्त में आने लगती है। सितंबर के मध्य में ही AQI का 'खराब' श्रेणी में पहुँचना इस बार प्रदूषण के जल्दी शुरू होने का संकेत हो सकता है।
आगे क्या उम्मीद करें
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 26 सितंबर के बाद मौसम में किसी बड़े बदलाव का संकेत नहीं दिया गया है। उमस भरी गर्मी अगले कुछ दिनों तक बनी रहने की संभावना है। प्रदूषण स्तर पर नज़र रखना ज़रूरी होगा, क्योंकि हवा की गति कम रहने पर AQI और ऊपर जा सकता है।