6 अक्टूबर 2026
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राजस्थान एएनटीएफ ने मंदसौर से ₹1 लाख इनामी तस्कर विश्नाराम को गिरफ्तार किया, 'ऑपरेशन मदवैतेश' सफल

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राजस्थान एएनटीएफ ने मंदसौर से ₹1 लाख इनामी तस्कर विश्नाराम को गिरफ्तार किया, 'ऑपरेशन मदवैतेश' सफल

सारांश

दिवाली से पहले राजस्थान एएनटीएफ का बड़ा ऑपरेशन — 2 साल से फरार और ₹1 लाख इनामी 'शीर्ष 25 नार्को तस्करों' की सूची में शामिल विश्नाराम को मध्य प्रदेश के मंदसौर में फर्नीचर व्यापारी की आड़ में छिपे मिला। 'ऑपरेशन मदवैतेश' की यह सफलता अंतरराज्यीय मादक पदार्थ नेटवर्क पर बड़ा प्रहार है।

मुख्य बातें

राजस्थान एएनटीएफ ने 6 अक्टूबर 2026 को 'ऑपरेशन मदवैतेश' के तहत ₹1 लाख इनामी तस्कर विश्नाराम को मंदसौर, मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया।
विश्नाराम लगभग दो वर्षों से फरार था और राजस्थान की 'शीर्ष 25 नार्को तस्करों' की सूची में शामिल था।
बाड़मेर निवासी विश्नाराम ( 32 वर्ष ) लगभग 12 वर्षों से मादक पदार्थ नेटवर्क में सक्रिय था।
आरोपी ने फरारी के दौरान खुद को फर्नीचर व्यापारी बताकर पहचान छिपाई।
विभिन्न राज्यों के थानों में आरोपी पर 18 से अधिक मामले दर्ज हैं — एनडीपीएस, शस्त्र अधिनियम, हत्या का प्रयास और धोखाधड़ी सहित।
एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने कहा कि नशामुक्त राजस्थान अभियान के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।

राजस्थान पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने 6 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से ₹1 लाख के इनामी फरार तस्कर विश्नाराम को 'ऑपरेशन मदवैतेश' के तहत गिरफ्तार किया। विश्नाराम लगभग दो वर्षों से फरार था और राजस्थान की 'शीर्ष 25 नार्को तस्करों' की सूची में शामिल था। यह गिरफ्तारी दिवाली से पहले मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ राजस्थान पुलिस के चल रहे अंतरराज्यीय अभियान का हिस्सा है।

ऑपरेशन की रणनीति और गिरफ्तारी

एएनटीएफ के महानिरीक्षक (आईजी) विकास कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष दल ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) दिनेश एमएन के मार्गदर्शन में यह अभियान सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि विश्नाराम मंदसौर में खुद को फर्नीचर व्यापारी के रूप में पेश कर छिपा हुआ है।

दल ने जोधपुर से आए फर्नीचर कारीगरों की गतिविधियों पर नज़र रखी और अंततः उसे पिपलियामंडी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में स्थित उमरिया गाँव में खोज निकाला। छापे के वक्त विश्नाराम कथित तौर पर एक अन्य तस्कर के रिश्तेदार के घर पर कारीगरों और साथियों के साथ था। दल ने परिसर को तत्काल घेर लिया और उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

कैसे बना तस्कर — आरोपी की पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, विश्नाराम (32 वर्ष) बाड़मेर के आरआईआईसीओ पुलिस थाना क्षेत्र के कुडला गाँव का निवासी है और उसने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। पुलिस के अनुसार, अपने दादा को अफीम की भूसी की लत में देखकर विश्नाराम ने जल्दी धन कमाने के लालच में नशीले पदार्थों के धंधे में कदम रखा।

उसने शुरुआत एक खलासी (सहायक) के रूप में की और धीरे-धीरे नीमच और मंदसौर में सक्रिय बड़े तस्करों से सीधा संपर्क स्थापित कर लिया। लगभग 12 वर्षों के दौरान उसने मध्य प्रदेश से नशीले पदार्थों की खेप लाकर राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र में ऊँची कीमतों पर बेचने का व्यापक नेटवर्क खड़ा किया। गौरतलब है कि यह नेटवर्क राज्य की सीमाएँ लाँघ चुका था, जिसके कारण इसे अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी का गंभीर मामला माना जा रहा है।

मुकदमों का सिलसिला — 18 से अधिक मामले दर्ज

पुलिस के अनुसार विश्नाराम पर विभिन्न राज्यों के 18 से अधिक पुलिस स्टेशनों में मामले दर्ज हैं। इनमें बाड़मेर के सदर, कोतवाली, महिला थाना और आरआईआईसीओ थाना; नगाना, चोहतान और गिदा; जोधपुर कमिश्नरेट; पाली जिले का सुमेरपुर; प्रतापगढ़ जिले का छोटी सादरी; और हरियाणा के गुरुग्राम का सुशांत लोक थाना शामिल हैं।

आरोपों में एनडीपीएस अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत अपराध, हत्या का प्रयास, चोरी, धोखाधड़ी और मारपीट जैसे एक दर्जन से अधिक गंभीर मामले शामिल हैं। यह तथ्य दर्शाता है कि आरोपी की आपराधिक गतिविधियाँ केवल मादक पदार्थों तक सीमित नहीं थीं।

आगे क्या होगा

एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने कहा कि राजस्थान को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत राज्यव्यापी अभियान निरंतर जारी रहेगा और मादक पदार्थ तस्करों एवं अन्य अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई बिना रुके चलती रहेगी। विश्नाराम की गिरफ्तारी के बाद उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिशें तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 12 वर्षों तक सक्रिय रहने और 18 से अधिक मामले दर्ज होने के बावजूद वह इतने लंबे समय तक फरार कैसे रहा। मारवाड़ से मंदसौर तक फैले इस नेटवर्क की जड़ें नीमच-मंदसौर के बड़े सप्लायरों तक जाती हैं — सिर्फ एक गिरफ्तारी से यह श्रृंखला नहीं टूटेगी। जब तक आपूर्ति श्रृंखला के ऊपरी सिरे पर कार्रवाई नहीं होती, दिवाली से पहले की ये गिरफ्तारियाँ प्रतीकात्मक अधिक और संरचनात्मक परिवर्तन कम साबित होती हैं।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्नाराम कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
विश्नाराम बाड़मेर, राजस्थान का 32 वर्षीय निवासी है, जो मध्य प्रदेश से नशीले पदार्थ लाकर मारवाड़ क्षेत्र में बेचने के नेटवर्क का सरगना था। वह राजस्थान की 'शीर्ष 25 नार्को तस्करों' की सूची में शामिल था और उस पर ₹1 लाख का इनाम घोषित था।
'ऑपरेशन मदवैतेश' क्या है?
'ऑपरेशन मदवैतेश' राजस्थान एएनटीएफ का एक विशेष अंतरराज्यीय अभियान है, जिसके तहत विश्नाराम को मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के उमरिया गाँव से गिरफ्तार किया गया। यह अभियान दिवाली से पहले मादक पदार्थ तस्करी पर नकेल कसने के व्यापक अभियान का हिस्सा है।
विश्नाराम पर कितने और कैसे मामले दर्ज हैं?
पुलिस के अनुसार विश्नाराम पर राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश के विभिन्न थानों में 18 से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें एनडीपीएस अधिनियम, शस्त्र अधिनियम, हत्या का प्रयास, चोरी, धोखाधड़ी और मारपीट के मामले शामिल हैं।
विश्नाराम ने पकड़ से बचने के लिए क्या तरीके अपनाए?
कथित तौर पर विश्नाराम ने जोधपुर में कई बार अपने ठिकाने बदले और फिर मंदसौर में खुद को फर्नीचर व्यापारी के रूप में पेश किया। पुलिस और खुफिया एजेंसियों से बचने के लिए उसने जोधपुर के फर्नीचर कारीगरों को काम के बहाने मंदसौर बुलाना शुरू किया।
क्या इस गिरफ्तारी के बाद और कार्रवाई होगी?
एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने स्पष्ट किया है कि नशामुक्त राजस्थान अभियान के तहत मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी। विश्नाराम के नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी रहने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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