नई दिल्ली: एएनटीएफ ने नशीली दवाओं के तस्कर को किया गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ एएनटीएफ की महत्वपूर्ण कार्रवाई।
- आरोपी मोहम्मद शाकिर पिछले तीन वर्षों से फरार था।
- गिरफ्तारी से तस्करी नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी।
- आगे की जांच जारी है।
- अन्य राज्यों में भी नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई हो रही है।
नई दिल्ली, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशीली दवाओं की तस्करी में शामिल एक फरार आरोपी को बुधवार को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
एएनटीएफ ने आरोपी को नई दिल्ली के दरियागंज क्षेत्र से पकड़ा है। आरोपी की पहचान मोहम्मद शाकिर, पुत्र मोहम्मद अकील, निवासी मकान नंबर 4426, गली नंबर 7/6, सचदेवा लेन, अंसारी रोड, दरियागंज के रूप में हुई है। वह पुलिस स्टेशन एएनटीएफ जम्मू में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8/21/22 के तहत वांछित था।
आरोपी पिछले तीन वर्षों से गिरफ्तारी से बच रहा था। तकनीकी निगरानी और जमीनी खुफिया जानकारी के आधार पर और निरंतर प्रयासों से आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली।
यह गिरफ्तारी मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और एएनटीएफ की इस प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि सभी अपराधियों को, चाहे वे कहीं भी हों, न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
इस मामले में आगे की जांच जारी है ताकि आगे की कड़ियों का पता लगाया जा सके और अवैध नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा सके।
इससे पहले, मिजोरम में भी नशीली दवाओं की तस्करी में चार तस्करों को पांच मार्च को गिरफ्तार किया गया था। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने मिजोरम में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के माध्यम से हो रही ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 31 करोड़ से अधिक कीमत की नशीली दवाइयों के साथ चार तस्करों को पकड़ा था।
अहमदाबाद की एक विशेष अदालत ने तीन मार्च को चरस तस्करी के मामले में दो तस्करों को 15 वर्ष की सजा सुनाई थी। भरूच एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट ने दोनों आरोपियों, मालेक शिरीन बानो (40) और फिरोज खान पठान (48), को दोषी ठहराते हुए उन्हें एनडीपीएस एक्ट, 1985 के नियमों के तहत 15 साल की सजा और जुर्माने की सजा सुनाई थी।