दिल्ली पुलिस ने ड्रग्स नेटवर्क के आरोपी रोशन लाल को गिरफ्तार कर चेन्नई जेल भेजा
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस ने रोशन लाल को गिरफ्तार किया।
- उसे चेन्नई के जेल में भेजा गया।
- एनडीपीएस कानून के तहत कार्रवाई की गई।
- ड्रग्स नेटवर्क को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
- समाज और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन के तहत देश के ड्रग्स नेटवर्क पर प्रभावी चोट की है। पुलिस ने ड्रग्स तस्करी से जुड़े आरोपी रोशन लाल को गिरफ्तार कर चेन्नई के केंद्रीय कारागार में स्थानांतरित कर दिया है।
दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को अपनी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि रोशन लाल (44) लंबे समय से एनडीपीएस कानून के तहत आरोपित था, जिसे हिरासत में लेकर केंद्रीय कारागार, पुझल, चेन्नई भेजा गया। इस कार्रवाई का उद्देश्य देश में नारकोटिक्स की सप्लाई चेन को तोड़ना है।
रोशन लाल के खिलाफ एनडीपीएस और अन्य अपराधों में मामले दर्ज हैं। इसके चलते दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और क्राइम ब्रांच ने इसके लिए रोकथाम हिरासत की सिफारिश की और इसे वित्त मंत्रालय को भेजा। इस सिफारिश पर 26 फरवरी 2026 को हिरासत का आदेश जारी किया गया, जिसमें स्पष्ट निर्देश था कि रोशन लाल को चेन्नई की जेल में रखा जाए।
गिरफ्तारी 10 मार्च 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर की गई। इंस्पेक्टर राकेश दुहन की टीम ने कार्रवाई की, जिसमें एसआई कृष्णा, युजवेंद्र, एएसआई राजेंद्र, एचसी सनी, सिकंदर, भोपेंद्र, विक्रांत और डब्ल्यू/कांस्टेबल नेहा मिश्रा शामिल थे। इस पूरी कार्रवाई का पर्यवेक्षण एसीपी/एएनटीएफ (क्राइम ब्रांच) सतेंद्र मोहन ने किया। टीम ने रोशन लाल को उसके घर से गिरफ्तार किया और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की।
मादक द्रव्यों एवं मन:प्रभावी पदार्थों के अवैध व्यापार की रोकथाम अधिनियम (पीआईटीएनडीपीएस एक्ट), 1988 के तहत यह कानून केवल ड्रग्स से संबंधित अपराधों के लिए विशेष रोकथाम का प्रावधान करता है। इसका उद्देश्य नारकोटिक्स की आपूर्ति करने वाले बड़े ऑपरेटरों, किंगपिन और संगठित अपराधियों को निशाना बनाना है।
रोशन लाल का प्रोफाइल चिंताजनक है। वह पंजाब का निवासी है और निरक्षर है। उसके दो बेटे और दो बेटियां हैं, जबकि पत्नी के खिलाफ भी चार मामले दर्ज हैं। रोशन लाल 2021 से अवैध ड्रग्स तस्करी में सक्रिय है और 4 अगस्त 2025 से कोर्ट बांड पर है। उसका पहला मामला 12 फरवरी 2021 को सामने आया जब उसके पास 50 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। इसके बाद अप्रैल 2022 में उसके पास 1.4 किलो गांजा बरामद हुआ। नवंबर 2024 में रोहिणी सेक्टर 23-24 से उसे और उसके साथी को स्कूटी में बिना नंबर प्लेट के पकड़ते हुए 310 ग्राम हेरोइन बरामद की गई।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि रोशन लाल जैसी आदतन और संगठित ड्रग्स तस्करी करने वाली गतिविधियां समाज और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं। साधारण कानूनों के जरिए इसे रोकना मुश्किल था, इसलिए पीआईटीएनडीपीएस एक्ट के तहत रोकथाम हिरासत की कार्रवाई आवश्यक थी। इस कदम का उद्देश्य उसे फिर से ड्रग्स तस्करी में शामिल होने से रोकना और समाज को सुरक्षित रखना है।
एएनटीएफ और क्राइम ब्रांच लगातार इस मिशन पर काम कर रहे हैं कि दिल्ली को ड्रग्स मुक्त शहर बनाया जाए। साथ ही, उन संपत्तियों की पहचान और जब्ती की जा रही है, जो अवैध ड्रग्स व्यापार से अर्जित की गई हैं। भविष्य में भी ऐसे आदतन और संगठित ड्रग तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिससे एक मजबूत निवारक संदेश जाए और कानून का शासन प्रभावी तरीके से लागू हो सके।