क्या दिल्ली पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी का भंडाफोड़ किया?

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क्या दिल्ली पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी का भंडाफोड़ किया?

सारांश

दिल्ली पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 383 ग्राम स्मैक बरामद किया गया। यह गिरफ्तारी नशीली दवाओं के खिलाफ पुलिस की निरंतर प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Key Takeaways

  • दिल्ली पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी में कार्रवाई की।
  • 383 ग्राम स्मैक बरामद की गई।
  • दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
  • पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल ने कार्रवाई की।
  • नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई में समाज का सहयोग आवश्यक है।

नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल (एईसीसी) ने नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। दो तस्करों, जसवंत सिंह उर्फ लल्लू और अशोक कुमार को कार में अवैध नशीले पदार्थों (स्मैक/हेरोइन) की खेप के साथ 383 ग्राम में गिरफ्तार किया गया है।

दिल्ली पुलिस द्वारा जारी एक बयान में बताया गया कि नशीले पदार्थों की तस्करी में संलग्न व्यक्तियों की गतिविधियों के संबंध में अपराध शाखा की एंटी-एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल को मिली गुप्त जानकारी के आधार पर इंस्पेक्टर अमित सोलंकी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। इस टीम में एसआई अरविंद, एसआई प्रवीण, एएसआई रविंदर कुमार, एचसी अमित, एचसी नितिन, एचसी सम्राट, एचसी रविंदर और डब्ल्यू/एचसी रूबी शामिल थे।

सूचना के अनुसार, उपरोक्त टीम ने सूचना इकट्ठा की और सत्यापन के बाद शुक्रवार को नाहरपुर बस स्टैंड के पास जाल बिछाया और वाहनों की आवाजाही पर निगरानी रखना शुरू किया। लंबे समय तक निगरानी रखने के बाद एक टाटा पंच कार को रोका गया। उस कार में ड्राइवर सहित दो लोग सवार थे, जिनकी पहचान जसवंत सिंह उर्फ लल्लू और अशोक कुमार के रूप में की गई।

दोनों आरोपी दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके के निवासी हैं। पूछताछ के दौरान उन्होंने पुलिस टीम के सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दिए और अस्पष्ट उत्तर दिए। उनकी कार की तलाशी लेने पर, कार के स्टीयरिंग के नीचे एक खाली जगह में छिपाकर रखी गई 383 ग्राम स्मैक/हेरोइन की खेप बरामद की गई। बाजार में स्मैक की कीमत लगभग एक करोड़ रुपए बताई गई है।

इससे पहले, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की डब्ल्यूआर-II यूनिट ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की थी। टीम ने एक इंटरस्टेट ड्रग सिंडिकेट के प्रमुख सदस्य निखिल (28) को गिरफ्तार किया था। आरोपी मूल रूप से संजय बस्ती, तिमारपुर का निवासी है और वर्तमान में साध नगर पालम कॉलोनी में रह रहा था।

निखिल को विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) धीरेंद्र राणा की अदालत ने 1 मई 2025 को दर्ज एफआईआर के तहत घोषित अपराधी घोषित किया था। इस मामले में भलस्वा डेयरी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत धारा 21, 25 और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी, जहां नारकोटिक्स सेल ने 400 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। जांच में निखिल की पहचान उस हेरोइन तस्करी के मुख्य स्रोत के रूप में हुई थी। मामला दर्ज होने के बाद से वह फरार चल रहा था।

Point of View

जो समाज के लिए खतरा उत्पन्न करती है। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है, लेकिन हमें इसे रोकने के लिए समाज के सभी हिस्सों का सहयोग आवश्यक है।
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली पुलिस ने किस गिरोह का भंडाफोड़ किया?
दिल्ली पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
गिरफ्तार किए गए तस्करों के नाम क्या हैं?
गिरफ्तार किए गए तस्करों के नाम जसवंत सिंह उर्फ लल्लू और अशोक कुमार हैं।
पुलिस ने कितनी मात्रा में स्मैक बरामद की?
पुलिस ने 383 ग्राम स्मैक बरामद की।
इस कार्रवाई की अगुवाई कौन कर रहा था?
इस कार्रवाई की अगुवाई इंस्पेक्टर अमित सोलंकी कर रहे थे।
स्मैक की बाजार में कीमत क्या है?
स्मैक की बाजार में कीमत लगभग एक करोड़ रुपए है।
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