भरूच में ANTF का छापा: 540 पेंटाजोसिन इंजेक्शन जब्त, एक गिरफ्तार; मुंबई का सप्लायर वॉन्टेड
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 31 जुलाई 2026 को भरूच जिले के अंसार मार्केट स्थित एक किराए की दुकान पर छापा मारकर 540 पेंटाजोसिन लैक्टेट इंजेक्शन जब्त किए और एक 31 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत प्रतिबंधित पदार्थों की अवैध बिक्री रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।
छापेमारी का घटनाक्रम
ANTF वड़ोदरा जोन की टीम को अंकलेश्वर स्थित कैंप से गश्त के दौरान असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर नवीन कड़किया और हेड कॉन्स्टेबल महेश बाबूलाल को विश्वसनीय सूचना मिली। इस सूचना के आधार पर टीम ने भरूच के अंसार मार्केट में मदीना मस्जिद के पास प्लॉट नंबर 2 पर स्थित दुकान पर दबिश दी। यह कार्रवाई भरूच बी डिवीजन पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में की गई।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
छापेमारी में सरफराज अहमद को गिरफ्तार किया गया, जो पेशे से कबाड़ व्यापारी है और वर्तमान में अंकलेश्वर के सीफी हाइट्स में रह रहा था। उसके पास बिना किसी वैध पास, परमिट या डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के 540 पेंटाजोसिन लैक्टेट इंजेक्शन शीशियाँ पाई गईं, जो एक प्रतिबंधित प्रिस्क्रिप्शन दवा है। इसके अतिरिक्त एक मोबाइल फोन और नकद राशि भी जब्त की गई।
जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत ₹53,480 आँकी गई है।
मुंबई का सप्लायर वॉन्टेड
ANTF ने बताया कि मुंबई निवासी आशुतोष पांड्या को इस मामले में वॉन्टेड आरोपी घोषित किया गया है। जाँच एजेंसी का मानना है कि इंजेक्शन के कथित गैर-कानूनी वितरण के पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। वॉन्टेड आरोपी का पता लगाने और आपूर्ति श्रृंखला की पूरी कड़ी उजागर करने के लिए जाँच जारी है।
NDPS अभियान का हिस्सा
गौरतलब है कि वड़ोदरा जोन के वरिष्ठ अधिकारियों ने हाल ही में प्रतिबंधित नशीले और साइकोट्रोपिक पदार्थों के अवैध व्यापार के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए थे। यह छापेमारी उन्हीं निर्देशों के अनुपालन में की गई। पेंटाजोसिन एक ओपिओइड-वर्ग की दर्दनिवारक दवा है जिसे बिना प्रिस्क्रिप्शन के रखना या बेचना NDPS अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।
आगे की जाँच में यह स्पष्ट होगा कि इंजेक्शन की यह खेप कहाँ से आई और इसे किन-किन स्थानों पर वितरित किया जाना था।