13 अगस्त 2026
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अनंतनाग में NDPS केस में फंसाने की धमकी देकर वसूली करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

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अनंतनाग में NDPS केस में फंसाने की धमकी देकर वसूली करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

सारांश

NDPS केस में फंसाने की धमकी देकर ₹24,000 वसूलने की कोशिश — अनंतनाग पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह मामला कश्मीर में कानूनी भय दिखाकर जबरन वसूली की उस बड़ी प्रवृत्ति का हिस्सा है, जिसमें एक वरिष्ठ नागरिक से ₹30 लाख की ठगी और BJP जिला अध्यक्ष पर भी आरोप शामिल हैं।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अनंतनाग में दो आरोपियों — मुज़फ्फर अहमद मीर और जान मोहम्मद वागे — को गिरफ्तार किया।
आरोपियों ने शिकायतकर्ता आज़ाद अहमद शाह से NDPS केस में फंसाने की धमकी देकर ₹24,000 की माँग की थी।
पुलिस जाँच में पाया गया कि शिकायतकर्ता किसी भी आपराधिक मामले में संलिप्त नहीं था।
स्पेशल क्राइम विंग ने श्रीनगर और गांदरबल में एक गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिसने एक वरिष्ठ नागरिक से ₹30 लाख ठगे।
BJP जिला अध्यक्ष शौकत गयूर अंद्राबी पर ₹5 लाख की माँग और PSA से धमकाने के आरोप दर्ज; पार्टी ने निलंबित किया।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अनंतनाग जिले में दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो एक व्यक्ति को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर ₹24,000 की वसूली करने की कोशिश कर रहे थे। 13 अगस्त 2026 को की गई इस त्वरित कार्रवाई को अनंतनाग पुलिस की जवाबदेही और नागरिक-सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।

मामले का घटनाक्रम

सफदरजंग पुलिस थाने में आज़ाद अहमद शाह, निवासी नातिन नंबल मटन, ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने उनसे ₹24,000 की माँग की और धमकी दी कि यदि यह रकम नहीं दी गई तो उन्हें NDPS से जुड़े झूठे मामले में फंसा दिया जाएगा। पुलिस ने जाँच में पाया कि शिकायतकर्ता का किसी भी आपराधिक मामले से कोई संबंध नहीं था।

आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी

जाँच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को चिह्नित कर गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुज़फ्फर अहमद मीर, निवासी वीर नवबुग बिजबेहड़ा, तथा जान मोहम्मद वागे, निवासी पेठी नंबल, मट्टन, के रूप में हुई है। पुलिस के बयान के अनुसार, सफदरजंग थाने में औपचारिक मामला दर्ज कर लिया गया है।

जम्मू-कश्मीर में बढ़ते जबरन वसूली के मामले

यह मामला अकेला नहीं है। हाल के महीनों में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस तरह की जबरन वसूली के कई मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जिला अध्यक्ष शौकत गयूर अंद्राबी पर एक व्यापारी से ₹5 लाख की माँग और ₹54,000 बलपूर्वक वसूलने के आरोप दर्ज किए गए। आरोप है कि उन्होंने मिट्टी ढोने वाले वाहन को अवरुद्ध किया और संचालकों को पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) का भय दिखाकर धमकाया। मामला दर्ज होने के बाद BJP के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें निलंबित कर दिया।

इसी क्रम में जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल क्राइम विंग ने श्रीनगर और गांदरबल में एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिसने फर्जी शिकायतों और गिरफ्तारी का भय दिखाकर एक वरिष्ठ नागरिक से ₹30 लाख की ठगी की। उन चारों आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी भी की गई।

पुलिस का रुख और संदेश

अनंतनाग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर नागरिकों को डराने और उनसे पैसे ऐंठने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार के मामलों में त्वरित और कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

आगे की कार्रवाई

दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई जारी है। मामले की आगे की जाँच सफदरजंग पुलिस थाने द्वारा की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि NDPS जैसे कड़े कानूनों का दुरुपयोग कर जबरन वसूली की बढ़ती प्रवृत्ति एक गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है, जिस पर व्यापक निगरानी ज़रूरी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह महज कानून-व्यवस्था की नहीं, बल्कि संस्थागत विश्वसनीयता की समस्या है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि इन कानूनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए क्या संरचनात्मक निगरानी तंत्र मौजूद है। बिना जवाबदेही के ढाँचे के, ऐसी गिरफ्तारियाँ लक्षण का उपचार हैं, बीमारी का नहीं।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनंतनाग NDPS वसूली मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मुज़फ्फर अहमद मीर (निवासी वीर नवबुग बिजबेहड़ा) और जान मोहम्मद वागे (निवासी पेठी नंबल, मट्टन) को गिरफ्तार किया। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने आज़ाद अहमद शाह को NDPS केस में फंसाने की धमकी देकर ₹24,000 वसूलने की कोशिश की।
NDPS धमकी वसूली मामले में शिकायत कैसे दर्ज हुई?
पीड़ित आज़ाद अहमद शाह ने सफदरजंग पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जाँच में पाया कि शिकायतकर्ता का किसी भी आपराधिक मामले से कोई संबंध नहीं था, जिसके बाद मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
क्या जम्मू-कश्मीर में इस तरह के और मामले सामने आए हैं?
हाँ, स्पेशल क्राइम विंग ने श्रीनगर और गांदरबल में एक गिरोह का भंडाफोड़ किया जिसने एक वरिष्ठ नागरिक से ₹30 लाख ठगे। BJP जिला अध्यक्ष शौकत गयूर अंद्राबी पर भी एक व्यापारी से ₹5 लाख माँगने और PSA से धमकाने के आरोप दर्ज हुए हैं।
NDPS कानून का डर दिखाकर वसूली क्यों की जाती है?
NDPS अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में ज़मानत मिलना कठिन होता है और सज़ा कड़ी होती है। आलोचकों का कहना है कि इसी कड़ेपन का फायदा उठाकर अपराधी निर्दोष लोगों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलते हैं।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सफदरजंग पुलिस थाने में दर्ज मामले की जाँच जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की जबरन वसूली पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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