सुवेंदु अधिकारी का ऐलान: गौमाता की रक्षा करेगी BJP सरकार, साधुओं का अपमान किया तो जेल
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 27 सितंबर 2026 को कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार गौमाता की रक्षा सुनिश्चित करेगी और संतों-साधुओं का अपमान करने वालों को जेल भेजेगी। बांगुर जागरण मंच द्वारा आयोजित इस भगवद गीता पाठ कार्यक्रम में 11,000 लोगों ने एकसाथ गीता का पाठ किया।
मुख्यमंत्री के प्रमुख बयान
मुख्यमंत्री अधिकारी ने मंच से कहा, 'टीका, शिखा, धोती और तुलसी की सरकार आ गई है। गौमाता की रक्षा के लिए BJP की सरकार आ गई है। सरकार साधुओं का अपमान करने वालों को जेल भेजेगी।' उन्होंने आगे जोड़ा कि संतों और गुरुओं का अपमान पश्चिम बंगाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह बयान राज्य सरकार की धार्मिक और सांस्कृतिक प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री का यह संबोधन ऐसे समय में आया जब दुर्गा पूजा के दौरान बंगालियों की खान-पान की आदतों को लेकर संतों के धार्मिक बयानों ने राज्य में राजनीतिक विवाद को हवा दे दी थी। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद BJP सरकार अपनी सांस्कृतिक-धार्मिक नीतियों को लगातार सार्वजनिक मंचों पर प्रमुखता से प्रस्तुत कर रही है। यह बयान उसी नीति की कड़ी प्रतीत होता है।
धार्मिक स्वतंत्रता और सतर्कता का आह्वान
अधिकारी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवद् गीता का पाठ करें, हनुमान चालीसा वितरित करें, हरे कृष्ण मंत्रों का जाप करें और शंख बजाएं — 'डरने की कोई बात नहीं है, हवा का रुख बदल गया है।' किसी भी धर्म का पालन या प्रचार करने में कोई भय नहीं होना चाहिए, यह संदेश उन्होंने सभा को दिया। इसके साथ ही उन्होंने विभाजनकारी शक्तियों के प्रति सतर्क रहने का भी आग्रह किया।
राष्ट्रीय एकता पर जोर
मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 'कश्मीर माँगे आज़ादी' जैसे नारे लगाने वाले 'टुकड़े-टुकड़े' गिरोह के खिलाफ एकजुट और सतर्क रहना होगा। उन्होंने स्वयं को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से पहले एक 'सनातनी' और 'माता भारती के बच्चे' के रूप में परिभाषित किया — एक ऐसा वक्तव्य जो उनकी राजनीतिक और सांस्कृतिक पहचान को एकसाथ उजागर करता है।
आगामी कार्यक्रम
मुख्यमंत्री अधिकारी ने घोषणा की कि 29 दिसंबर को कोलकाता में दस लाख स्वरों द्वारा गीता पाठ का एक ऐतिहासिक आयोजन किया जाएगा। इस प्रकार के बड़े आयोजनों के ज़रिए BJP सरकार राज्य में अपनी सांस्कृतिक और हिंदुत्ववादी पहचान को और सुदृढ़ करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।