27 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सुवेंदु अधिकारी का ऐलान: गौमाता की रक्षा करेगी BJP सरकार, साधुओं का अपमान किया तो जेल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सुवेंदु अधिकारी का ऐलान: गौमाता की रक्षा करेगी BJP सरकार, साधुओं का अपमान किया तो जेल

सारांश

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता में 11,000 लोगों के बीच ऐलान किया — गौमाता की रक्षा होगी, साधुओं का अपमान जेल की राह। दुर्गा पूजा के बाद उभरे धार्मिक विवाद की पृष्ठभूमि में यह बयान BJP की सांस्कृतिक राजनीति की नई धुरी बन सकता है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 27 सितंबर 2026 को कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में घोषणा की कि BJP सरकार गौमाता की रक्षा करेगी।
साधुओं और संतों का अपमान करने वालों को जेल भेजा जाएगा — मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया।
कार्यक्रम में 11,000 लोगों ने एकसाथ भगवद गीता का पाठ किया, आयोजक बांगुर जागरण मंच था।
यह बयान दुर्गा पूजा के दौरान उभरे धार्मिक-राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि में आया।
29 दिसंबर को कोलकाता में दस लाख स्वरों के साथ ऐतिहासिक गीता पाठ का आयोजन प्रस्तावित।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 27 सितंबर 2026 को कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार गौमाता की रक्षा सुनिश्चित करेगी और संतों-साधुओं का अपमान करने वालों को जेल भेजेगी। बांगुर जागरण मंच द्वारा आयोजित इस भगवद गीता पाठ कार्यक्रम में 11,000 लोगों ने एकसाथ गीता का पाठ किया।

मुख्यमंत्री के प्रमुख बयान

मुख्यमंत्री अधिकारी ने मंच से कहा, 'टीका, शिखा, धोती और तुलसी की सरकार आ गई है। गौमाता की रक्षा के लिए BJP की सरकार आ गई है। सरकार साधुओं का अपमान करने वालों को जेल भेजेगी।' उन्होंने आगे जोड़ा कि संतों और गुरुओं का अपमान पश्चिम बंगाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह बयान राज्य सरकार की धार्मिक और सांस्कृतिक प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री का यह संबोधन ऐसे समय में आया जब दुर्गा पूजा के दौरान बंगालियों की खान-पान की आदतों को लेकर संतों के धार्मिक बयानों ने राज्य में राजनीतिक विवाद को हवा दे दी थी। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद BJP सरकार अपनी सांस्कृतिक-धार्मिक नीतियों को लगातार सार्वजनिक मंचों पर प्रमुखता से प्रस्तुत कर रही है। यह बयान उसी नीति की कड़ी प्रतीत होता है।

धार्मिक स्वतंत्रता और सतर्कता का आह्वान

अधिकारी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवद् गीता का पाठ करें, हनुमान चालीसा वितरित करें, हरे कृष्ण मंत्रों का जाप करें और शंख बजाएं — 'डरने की कोई बात नहीं है, हवा का रुख बदल गया है।' किसी भी धर्म का पालन या प्रचार करने में कोई भय नहीं होना चाहिए, यह संदेश उन्होंने सभा को दिया। इसके साथ ही उन्होंने विभाजनकारी शक्तियों के प्रति सतर्क रहने का भी आग्रह किया।

राष्ट्रीय एकता पर जोर

मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 'कश्मीर माँगे आज़ादी' जैसे नारे लगाने वाले 'टुकड़े-टुकड़े' गिरोह के खिलाफ एकजुट और सतर्क रहना होगा। उन्होंने स्वयं को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से पहले एक 'सनातनी' और 'माता भारती के बच्चे' के रूप में परिभाषित किया — एक ऐसा वक्तव्य जो उनकी राजनीतिक और सांस्कृतिक पहचान को एकसाथ उजागर करता है।

आगामी कार्यक्रम

मुख्यमंत्री अधिकारी ने घोषणा की कि 29 दिसंबर को कोलकाता में दस लाख स्वरों द्वारा गीता पाठ का एक ऐतिहासिक आयोजन किया जाएगा। इस प्रकार के बड़े आयोजनों के ज़रिए BJP सरकार राज्य में अपनी सांस्कृतिक और हिंदुत्ववादी पहचान को और सुदृढ़ करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना अभी बाकी है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुवेंदु अधिकारी ने गौमाता की रक्षा को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 27 सितंबर 2026 को कोलकाता में कहा कि BJP के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार गौमाता की रक्षा करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संतों और साधुओं का अपमान करने वालों को जेल भेजा जाएगा।
यह बयान किस कार्यक्रम में दिया गया?
यह बयान कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में बांगुर जागरण मंच द्वारा आयोजित भगवद गीता पाठ कार्यक्रम में दिया गया। इस कार्यक्रम में 11,000 लोगों ने एकसाथ भगवद गीता का पाठ किया।
इस बयान की राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है?
यह बयान दुर्गा पूजा के दौरान बंगालियों की खान-पान की आदतों को लेकर संतों के धार्मिक बयानों से उपजे राजनीतिक विवाद के बाद आया है। BJP सरकार सांस्कृतिक और धार्मिक नीतियों को सार्वजनिक मंचों पर प्रमुखता से प्रस्तुत कर रही है।
29 दिसंबर को कोलकाता में क्या आयोजन होगा?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने घोषणा की कि 29 दिसंबर को कोलकाता में दस लाख स्वरों द्वारा भगवद गीता पाठ का एक ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
अधिकारी ने धार्मिक स्वतंत्रता के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी धर्म का पालन या प्रचार करने में डरने की कोई बात नहीं है। उन्होंने लोगों से भगवद् गीता, हनुमान चालीसा वितरित करने और हरे कृष्ण मंत्रों का जाप करने का आह्वान किया तथा कहा कि 'हवा का रुख बदल गया है।'
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले