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क्या सभी धर्मों के लोग मिलकर 2026 में बंगाल से ममता बनर्जी की विदाई करेंगे?

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क्या सभी धर्मों के लोग मिलकर 2026 में बंगाल से ममता बनर्जी की विदाई करेंगे?

सारांश

क्या बंगाल की राजनीति में बदलाव आ रहा है? भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल का दावा है कि सभी धर्मों के लोग मिलकर 2026 में ममता बनर्जी की विदाई करेंगे। जानिए इस सामूहिक गीता पाठ के पीछे की कहानी और ममता सरकार की राजनीति पर क्या कह रहे हैं भाजपा नेता।

मुख्य बातें

अग्निमित्रा पॉल का बयान ममता सरकार की विभाजन की राजनीति पर सवाल उठाता है।
2026 में सभी धर्मों के लोग मिलकर ममता बनर्जी के विदाई के लिए मतदान कर सकते हैं।
गीता पाठ का आयोजन आध्यात्मिक जागरूकता का प्रतीक है।
बंगाल के हिंदू समुदाय की सुरक्षा की चिंता जताई गई है।
ममता सरकार पर असंवैधानिक बयानों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया गया है।

कोलकाता, 7 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने टिप्पणी की है कि पश्चिम बंगाल की ममता सरकार विभाजन की राजनीति में लिप्त हैं और जनता इस स्थिति को देख रही है। उन्होंने कहा कि 2026 के चुनाव में सभी धर्मों के लोग मिलकर ममता बनर्जी की विदाई के लिए मतदान करेंगे।

भाजपा नेता का यह बयान उस समय आया जब रविवार को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भगवद गीता का सामूहिक पाठ किया जा रहा था। इस कार्यक्रम में 5 लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है।

अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि गीता हमेशा इंसानियत के भले के मार्गदर्शन करती है और चूंकि भगवान हमेशा मौजूद नहीं रह सकते, इसलिए पीएम मोदी जैसे भगवान के दूत हमारे साथ हैं। वह कहते हैं 'सबका साथ, सबका विकास,' इसलिए हमें एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। अगर सीएम ममता बनर्जी हिंदुओं के साथ गलत व्यवहार करती हैं, तो उन्हें कुछ भी हासिल नहीं होगा। बंगाल के लोग ऐसी सरकार की चाह रखते हैं जो न्याय उपलब्ध कराए। अग्निमित्रा पॉल ने यह भी कहा कि न्याय केवल भाजपा और पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ही दे सकती है।

गीता पाठ का उल्लेख करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि बंगाल में आज का गीता पाठ अत्यधिक महत्वपूर्ण है। गीता केवल हिंदुओं के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक मार्गदर्शक है। ममता बनर्जी धर्म के साथ राजनीति कर रही हैं। जिस तरह उनके निलंबित विधायक का बयान सामने आया, उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने यह सवाल उठाया कि जो असंवैधानिक बयान देते हैं, उन पर ममता बनर्जी की सरकार कार्रवाई करने से क्यों हिचकिचा रही है?

वहीं भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि 5000 साल पहले भगवान ने गीता की शिक्षाएं दी थीं और तब से इसका अध्ययन हो रहा है। बंगाल में हिंदू समुदाय खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है, इसलिए पिछले तीन वर्षों से सामूहिक गीता पाठ का आयोजन किया जा रहा है।

भाजपा कार्यकर्ता सप्तर्षि बनर्जी ने कहा कि आज कृष्ण एकादशी है, जिसे सनातनी परंपरा में एक शुभ दिन माना जाता है। इसलिए आज बंगाल में गीता पाठ का आयोजन हो रहा है। यह आध्यात्मिक जागरूकता के लिए आयोजित किया गया है और इसमें कई लोग शामिल होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बंगाल की राजनीति को प्रभावित कर सकती है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अग्निमित्रा पॉल ने क्या कहा?
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि ममता सरकार विभाजन की राजनीति कर रही है और 2026 में सभी धर्मों के लोग मिलकर ममता बनर्जी की विदाई करेंगे।
गीता पाठ का आयोजन क्यों किया गया?
गीता पाठ का आयोजन आध्यात्मिक जागरूकता के लिए किया गया है और इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं।
क्या ममता बनर्जी की सरकार पर कोई कार्रवाई हुई?
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार असंवैधानिक बयानों पर कार्रवाई करने से डर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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