क्या विपक्ष एसआईआर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर भ्रम फैला रहा है? - ओमप्रकाश राजभर

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क्या विपक्ष एसआईआर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर भ्रम फैला रहा है? - ओमप्रकाश राजभर

सारांश

क्या विपक्ष सच में एसआईआर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर भ्रम फैला रहा है? जानिए मंत्री ओमप्रकाश राजभर के विचार और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे इस विवाद में।

Key Takeaways

  • ओमप्रकाश राजभर ने विपक्ष पर शोर मचाने का आरोप लगाया।
  • 46 लाख नए मतदाता जोड़े गए हैं।
  • फॉर्म-6 भरने की प्रक्रिया जारी है।
  • अतिक्रमण हटाने में कानून का पालन जरूरी है।
  • भ्रमित करने की कोशिशों से बचना चाहिए।

लखनऊ, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश की एसआईआर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 2026 को लेकर चल रहे विवाद पर मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने विपक्ष पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि सवाल उठाना विपक्ष का काम है, लेकिन सरकार और चुनाव आयोग अपने दायित्व को पूरी जिम्मेदारी से निभा रहे हैं।

उनके अनुसार, विपक्ष बेवजह शोर मचा रहा है और जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है।

मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बताया कि पिछले 21 वर्षों में उत्तर प्रदेश में करीब 46 लाख नए योग्य मतदाता जोड़े गए हैं, जबकि नियमों के अनुसार कुछ नाम वोटर लिस्ट से हटाए भी गए हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 1 करोड़ 23 लाख ऐसे लोग हैं, जो एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं और इसी कारण उनके नाम हटाए गए हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इनमें से कई लोग फिलहाल सूची में दिखाई नहीं दे रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग ने उन्हें फॉर्म-6 भरने का पूरा मौका दिया है। फॉर्म-6 भरने के बाद उनके नाम फिर से जोड़े जाएंगे और यह प्रक्रिया फाइनल नोटिफिकेशन तक लगातार चलती रहेगी।

कांग्रेस नेता गुरदीप सतपाल के नाम वोटर लिस्ट से हटने के मामले पर भी मंत्री राजभर ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि गुरदीप सतपाल नोएडा से गाजियाबाद शिफ्ट हो गए हैं। चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, जिस स्थान पर व्यक्ति वर्तमान में रहता है, उसी जगह उसका नाम वोटर लिस्ट में होना चाहिए। एक ही व्यक्ति का नाम दो जगह नहीं रह सकता, इसलिए उन्हें फॉर्म-6 भरकर अपने नए पते पर रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए।

इसके अलावा, दिल्ली में तुर्कमान गेट के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस पर हुई पत्थरबाजी के सवाल पर राजभर ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अगर किसी मस्जिद, मंदिर, गुरुद्वारे या चर्च के आसपास अवैध अतिक्रमण होते हैं तो सबसे ज्यादा परेशानी पूजा करने वाले लोगों को ही होती है। ऐसे में जब पुलिस अवैध अतिक्रमण हटाने जाती है और कोई कानून हाथ में लेता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई तय है।

मंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी जमीन पर उतरकर काम ही नहीं करती। अगर वह धरातल पर जाए तो कुछ सार्थक नजर आए। उन्होंने जेएनयू में हुई नारेबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है। वहां पढ़ाई के लिए जाना चाहिए। अगर राजनीति करनी है तो छात्र राजनीति करें, लेकिन देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ विवादित नारे लगाना बेहद आपत्तिजनक है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतें यह दिखाती हैं कि ऐसे लोग किसी राजनीतिक पार्टी से प्रेरित हैं। ऐसी गतिविधियों पर प्रशासन की कार्रवाई बिल्कुल सही है।

Point of View

ओमप्रकाश राजभर के बयान से यह स्पष्ट होता है कि राजनीतिक विवादों में सही जानकारी का संचार आवश्यक है। यह समय है कि सभी पक्ष अपनी जिम्मेदारियों को समझें और एक सच्चे लोकतंत्र की दिशा में काम करें।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या वोटर लिस्ट में नाम हटाए जाने की प्रक्रिया सही है?
हाँ, चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार अगर कोई व्यक्ति स्थानांतरित होता है तो उसका नाम हटाया जा सकता है।
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने कहा कि विपक्ष बेवजह शोर मचा रहा है और जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है।
फॉर्म-6 क्या है?
फॉर्म-6 एक आवेदन है जिसे वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या संशोधन के लिए भरा जाता है।
क्या कोई व्यक्ति एक ही समय में दो जगह वोटर लिस्ट में हो सकता है?
नहीं, एक व्यक्ति का नाम केवल उस स्थान की वोटर लिस्ट में होना चाहिए जहां वह वर्तमान में निवास कर रहा है।
अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस कार्रवाई का क्या महत्व है?
पुलिस को अवैध अतिक्रमण हटाने का अधिकार है, ताकि पूजा स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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