अयोध्या राम मंदिर में जन्माष्टमी की भव्य तैयारी, कमल नयन दास बोले — परंपरा के साथ मनेगा उत्सव
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। राम मंदिर निर्माण के बाद यह पहली जन्माष्टमी है, जिसे विशेष भव्यता के साथ मनाने की योजना बनाई गई है। रात 12 बजे भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के साथ पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठेगा।
कमल नयन दास ने क्या कहा
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चेयरमैन महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी कमल नयन दास ने स्पष्ट किया कि यह त्योहार पूरी तरह पारंपरिक तरीके से मनाया जाएगा। उन्होंने कहा, 'यह त्योहार हमेशा की तरह पारंपरिक तरीके से मनाया जाएगा। भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव आधी रात को 12:00 बजे मनाया जाएगा। सभी संत और साधु बहुत खुश होंगे।' उनके इस वक्तव्य से स्पष्ट है कि ट्रस्ट ने उत्सव की परंपरागत पद्धति में कोई बदलाव नहीं किया है।
महंत दिनेन्द्र दास की प्रतिक्रिया
ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेन्द्र दास महाराज ने बताया कि अयोध्या में पुरानी परंपराओं का ठीक से पालन किया जा रहा है और सभी संत एवं साधु एकमत हैं। उन्होंने कहा कि आधी रात को भजन-कीर्तन होंगे और रात 12 बजे भगवान कृष्ण का विधिवत स्वागत किया जाएगा। महंत दिनेन्द्र दास ने यह भी जोड़ा कि संत जो भी निर्णय लेंगे, ट्रस्ट के सभी सदस्य उसे मानने के लिए तत्पर हैं।
मंदिर में क्या-क्या व्यवस्था है
राम मंदिर में व्यवस्था के इंचार्ज इंद्रदेव मिश्र ने बताया कि जन्माष्टमी उत्सव के लिए शानदार भजन-कीर्तन, भोग-प्रसाद और अन्य सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा, 'यह भी पक्का किया गया है कि उस समय मौजूद सभी लोगों को भोग-प्रसाद मिले।' इसके अलावा, श्रीमद्भागवत का पाठ भी आयोजित किया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक प्रबंध कर लिए हैं।
ऐतिहासिक महत्व
गौरतलब है कि राम मंदिर के निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह पहली जन्माष्टमी है। यह उत्सव इसलिए भी विशेष है क्योंकि अयोध्या अब देशभर के श्रद्धालुओं के लिए एक नए आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभरी है। देर रात तक मंदिर परिसर में भक्तों के पहुँचने का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।
आगे क्या
रात 12 बजे के बाद भी भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का क्रम जारी रहेगा। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस आयोजन को आने वाले वर्षों में और अधिक भव्य बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएँगे।