जनसंघ की 75वीं वर्षगांठ: BJP अध्यक्ष नितिन नवीन बोले — PM मोदी पूरे कर रहे हैं वाजपेयी के सपने
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित भारतीय जनसंघ की 75वीं स्थापना वर्षगांठ के कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन सभी लक्ष्यों को साकार कर रहे हैं, जिनकी परिकल्पना श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी और संगठन के संस्थापकों ने की थी। उन्होंने इस अवसर को 'सौभाग्य का क्षण' बताया और जनसंघ से भाजपा तक की यात्रा को राष्ट्रनिष्ठा की प्रेरक गाथा कहा।
नितिन नवीन का संबोधन
मीडिया से बातचीत में नितिन नवीन ने कहा कि वह इस यात्रा को पूरी तरह सफल मानते हैं। उन्होंने कहा, 'चाहे सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की जड़ों को मजबूत करना हो, एक भारत, श्रेष्ठ भारत का विजन हो, अंत्योदय के तहत विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना हो या सुशासन का लक्ष्य हो — इन सभी उद्देश्यों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरा कर रहे हैं।' उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर 'संकल्प से समर्पण तक' नामक प्रदर्शनी का उल्लेख किया, जिसमें जनसंघ से BJP तक की 75 वर्षों की विचारधारात्मक यात्रा को दर्शाया गया था।
उन्होंने रघुमल आर्य गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल, राजा बाजार, नई दिल्ली में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण कर प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
जनसंघ की स्थापना और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
दिल्ली BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने अपनी एक्स पोस्ट में याद दिलाया कि 21 अक्टूबर 1951 को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारतीय जनसंघ की नींव रखी गई थी — उस दौर में जब देश विभाजन की त्रासदियों और विस्थापितों की पीड़ा से जूझ रहा था। डॉ. मुखर्जी ने 'एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे' की हुंकार के साथ कश्मीर में परमिट सिस्टम के विरोध में ऐतिहासिक आंदोलन छेड़ा और देश की एकता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
गौरतलब है कि डॉ. मुखर्जी के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और नानाजी देशमुख जैसे नेताओं ने संगठन को एकात्म मानववाद और राष्ट्रवाद की नई शक्ति दी। 1975 के आपातकाल के कठिन दौर में जनसंघ ने लोकतंत्र की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाई। 1980 में जनता पार्टी के विघटन के पश्चात भारतीय जनता पार्टी (BJP) का गठन हुआ।
अनुच्छेद 370 और डॉ. मुखर्जी के सपनों की परिणति
हर्ष मल्होत्रा के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 2019 में अनुच्छेद 370 को स्थायी रूप से हटाकर डॉ. मुखर्जी के सपने को पूर्ण किया गया। यह वही लक्ष्य था जिसके लिए संगठन के संस्थापक ने अपना जीवन समर्पित कर दिया था।
आम जनता पर असर और वर्तमान योजनाएँ
'राष्ट्र प्रथम', 'अंत्योदय' और 'एकात्म मानववाद' के सिद्धांतों पर आधारित इस यात्रा को नेताओं ने गरीब कल्याण योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना और हर घर जल जैसी पहलों के ज़रिए आज के शासन में जीवित बताया। भाजपा नेताओं का तर्क है कि ये योजनाएँ संगठन के मूल 'अंत्योदय' दर्शन — यानी सबसे कमज़ोर व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने — की व्यावहारिक अभिव्यक्ति हैं।
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब भाजपा संगठनात्मक पुनर्गठन के दौर में है और अपनी वैचारिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने के प्रयास में लगी है। 75वीं वर्षगांठ इस दिशा में एक प्रतीकात्मक और राजनीतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण पड़ाव है।