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नवरात्र में 'जय मोदी' डांडिया पर सौरभ भारद्वाज का हमला: CM रेखा गुप्ता पर हिंदू आस्था के अपमान का आरोप

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नवरात्र में 'जय मोदी' डांडिया पर सौरभ भारद्वाज का हमला: CM रेखा गुप्ता पर हिंदू आस्था के अपमान का आरोप

सारांश

नवरात्र के दौरान CM रेखा गुप्ता के 'जय मोदी' डांडिया वीडियो ने दिल्ली की राजनीति में नई बहस छेड़ दी। AAP के सौरभ भारद्वाज ने BJP पर धार्मिक उत्सव को राजनीतिक प्रचार में बदलने और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए LG से जाँच की माँग की।

मुख्य बातें

AAP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 12 अक्टूबर 2026 को CM रेखा गुप्ता के 'जय मोदी' डांडिया वीडियो पर BJP पर हमला बोला।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि नवरात्र जैसे पवित्र पर्व पर धार्मिक आस्था को राजनीतिक प्रचार का माध्यम बनाया गया।
उन्होंने कहा कि करदाताओं के पैसे का उपयोग BJP के राजनीतिक प्रचार के लिए किया जा रहा है।
दिल्ली उपराज्यपाल (LG) से इस मामले में हस्तक्षेप और निष्पक्ष जाँच के आदेश देने की माँग की गई।
BJP की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 12 अक्टूबर 2026 को नवरात्र के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के एक वीडियो को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कड़ा प्रहार किया। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने 'जय मोदी' के नारे के साथ डांडिया कार्यक्रम में भाग लेकर हिंदू धार्मिक आस्था का अपमान किया है।

विवाद की जड़: 'जय मोदी' डांडिया का वीडियो

भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कथित वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाया कि नवरात्र जैसे पवित्र पर्व पर 'जय मां दुर्गा' के स्थान पर 'जय मोदी' के नारे क्यों लगाए गए। उनका कहना था कि डांडिया माँ दुर्गा की आराधना और भक्ति से जुड़ा उत्सव है, न कि किसी राजनीतिक नेता के गुणगान का अवसर। उन्होंने इसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के राजनीतिकरण का उदाहरण बताया।

सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का आरोप

AAP प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्लीवासियों के करदाताओं के पैसे का उपयोग BJP के राजनीतिक प्रचार के लिए किया जा रहा है। उनके अनुसार, सरकारी संसाधन और सार्वजनिक धन किसी राजनीतिक दल की छवि चमकाने के लिए नहीं, बल्कि जनहित के कार्यों में लगाए जाने चाहिए। भारद्वाज ने कहा कि यदि ऐसे आयोजनों पर सरकारी पैसा खर्च हुआ है, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

उपराज्यपाल से जाँच की माँग

भारद्वाज ने दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) से इस मामले में हस्तक्षेप करने और ऐसे कार्यक्रमों पर खर्च हुए सरकारी धन की निष्पक्ष जाँच के आदेश देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जाँच में दुरुपयोग की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों से नियमानुसार वसूली होनी चाहिए। उनके अनुसार, यदि संस्थाएँ निष्पक्ष रूप से काम कर रही होतीं तो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से इस खर्च की रकम पहले ही वसूल की जाती।

राजनीतिक संदर्भ और व्यापक बहस

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में AAP और BJP के बीच राजनीतिक टकराव लगातार तेज़ हो रहा है। गौरतलब है कि धार्मिक आयोजनों में राजनीतिक नारों और सरकारी संसाधनों के कथित दुरुपयोग का मुद्दा देश के कई राज्यों में बार-बार उठता रहा है। आलोचकों का कहना है कि त्योहारी सीज़न अक्सर राजनीतिक दलों के लिए जनता तक पहुँचने का माध्यम बन जाता है, जो धर्म और राजनीति के बीच की रेखा को धुंधला करता है।

आगे क्या होगा

भारद्वाज के इस बयान के बाद मामला राजनीतिक रूप से और गर्म होने की संभावना है। BJP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दिल्ली के उपराज्यपाल कार्यालय द्वारा भारद्वाज की जाँच की माँग पर क्या कदम उठाया जाता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय राजनीति की उस गहरी प्रवृत्ति का प्रतिबिंब है जिसमें धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को चुनावी ब्रांडिंग के अवसर के रूप में देखा जाने लगा है। AAP का यह आरोप रणनीतिक भी है — नवरात्र के भावनात्मक माहौल में BJP को 'हिंदू विरोधी' रंग देने की कोशिश — लेकिन सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का सवाल उससे अलग और वैध है, जिसे LG की जाँच ही स्पष्ट कर सकती है। मुख्यधारा की कवरेज इसे सिर्फ AAP-BJP की जुबानी जंग बता कर निपटा देती है, जबकि असली मुद्दा यह है कि सरकारी आयोजनों में राजनीतिक दल-विशेष की पहचान कहाँ तक स्वीकार्य है — इस पर कोई स्पष्ट कानूनी रेखा अभी तक नहीं खींची गई।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'जय मोदी' डांडिया विवाद क्या है?
नवरात्र के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के एक डांडिया कार्यक्रम का वीडियो सामने आया जिसमें कथित तौर पर 'जय मोदी' के नारे लगाए गए। AAP के सौरभ भारद्वाज ने इस वीडियो को एक्स पर साझा करते हुए इसे हिंदू धार्मिक आस्था का अपमान और सरकारी धन का राजनीतिक दुरुपयोग बताया।
सौरभ भारद्वाज ने LG से क्या माँग की है?
भारद्वाज ने दिल्ली के उपराज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप कर ऐसे कार्यक्रमों पर खर्च हुए सरकारी धन की निष्पक्ष जाँच के आदेश देने की माँग की है। उनका कहना है कि जाँच में दुरुपयोग साबित होने पर मुख्यमंत्री से रकम की वसूली होनी चाहिए।
क्या BJP ने इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
रिपोर्टों के अनुसार अभी तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) या मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
AAP के आरोप का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह विवाद दिल्ली में AAP और BJP के बीच चल रहे राजनीतिक टकराव की एक नई कड़ी है। धार्मिक पर्व पर राजनीतिक नारों का इस्तेमाल और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग का मुद्दा आम जनता के बीच संवेदनशील है, जिससे यह प्रकरण चुनावी राजनीति में भी प्रासंगिक बन सकता है।
क्या सरकारी आयोजनों में राजनीतिक प्रचार पर कोई कानूनी रोक है?
भारत में सरकारी संसाधनों के राजनीतिक दुरुपयोग को लेकर चुनाव आयोग (ECI) के दिशानिर्देश और आदर्श आचार संहिता के प्रावधान हैं, लेकिन गैर-चुनावी काल में इसकी स्पष्ट कानूनी सीमा अभी भी बहस का विषय बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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