क्या राहुल गांधी विदेशी फंडिंग के सहारे भारत विरोधी टिप्पणियाँ कर रहे हैं? : मंत्री विश्वास सारंग
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी का बर्लिन दौरा विवाद का विषय है।
- विश्वास सारंग ने विदेशी फंडिंग के आरोप लगाए हैं।
- भारत की गरिमा को गिराने की कोशिशें अस्वीकार्य हैं।
- इस मुद्दे पर जांच की आवश्यकता है।
- राहुल गांधी को अपने बयानों पर पुनर्विचार करना चाहिए।
जबलपुर, 23 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बर्लिन दौरे पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब भी राहुल गांधी विदेश यात्रा पर जाते हैं, तो वह हमेशा भारत विरोधी बयान देते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं राहुल गांधी को इसके लिए विदेशी फंडिंग तो नहीं मिल रही है। इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
सारंग ने मंगलवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी भारत की गरिमा को गिराने और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के लिए विदेश जाते हैं, जो अब स्वीकार्य नहीं है। यह सिर्फ उनकी अपरिपक्वता नहीं, बल्कि एक विदेशी साजिश का हिस्सा है, जिसकी जांच अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि अगर बर्लिन में राहुल गांधी को बोलने का मौका मिल रहा है, तो यह इस वजह से है कि वह भारत के नेता प्रतिपक्ष हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के कारण उन्हें यह अवसर मिला है, वही व्यवस्था वह कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
सारंग ने कहा कि आज पूरी दुनिया में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना हो रही है और भारत तेज गति से विकास कर रहा है। ऐसे में राहुल गांधी का विदेशों में भारत विरोधी टिप्पणियाँ करना यह दर्शाता है कि वह किसी विदेशी साजिश के तहत काम कर रहे हैं, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी उन देशों से मिले धन के माध्यम से राष्ट्र विरोधी गतिविधियाँ चला रहे हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। राहुल गांधी को समझना चाहिए कि यह एक राष्ट्र विरोधी कार्य है, जो पूरी तरह से गलत है।