गुवाहाटी एयरपोर्ट को ब्रिटिश राजनयिक फ्लेमिंग ने दी 'सिंगापुर जैसी' तारीफ, CM सरमा ने किया स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिटेन के उप उच्चायुक्त (पूर्वोत्तर एवं पूर्वी भारत) डॉ. एंड्रयू फ्लेमिंग ने 14 सितंबर 2026 को गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नवनिर्मित टर्मिनल की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि इसमें 'असमिया पहचान के साथ सिंगापुर जैसी झलक' दिखाई देती है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने फ्लेमिंग का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि यह यात्रा असम और यूनाइटेड किंगडम के संबंधों में एक नया अध्याय खोलेगी।
राजनयिक की असम में 10वीं यात्रा
फ्लेमिंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया कि यह असम में उनकी 10वीं यात्रा है और यह राज्य के साथ उनके जुड़ाव की वर्षगाँठ का भी प्रतीक है। उन्होंने लिखा, 'मेरी तरह वे भी निश्चित रूप से गुवाहाटी एयरपोर्ट के नए टर्मिनल की सराहना करेंगी। वाह, इसमें असमिया पहचान के साथ सिंगापुर जैसी झलक दिखाई देती है।' दौरे पर आई ब्रिटिश इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियाँ भी इस अत्याधुनिक सुविधा से प्रभावित होंगी, यह भी उन्होंने रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री सरमा की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने फ्लेमिंग की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'असम में आपका स्वागत है, महामहिम फ्लेमिंग। मुझे विश्वास है कि यह वर्षगाँठ यात्रा भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूत हो रही साझेदारी के आधार पर असम और ब्रिटेन के संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत करेगी।' उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी जोड़ा कि एयरपोर्ट पर लगे सभी पौधे प्राकृतिक हैं, जो टर्मिनल के डिज़ाइन में प्रयुक्त बाँस के साथ खूबसूरती से मेल खाते हैं।
ब्रिटिश कंपनियों की इस सप्ताह असम में भागीदारी
फ्लेमिंग की यह यात्रा महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसी सप्ताह ब्रिटिश इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियाँ असम के विभिन्न हितधारकों के साथ बातचीत करेंगी। बुनियादी ढाँचा सहयोग इस संवाद का प्रमुख क्षेत्र बनकर उभर रहा है। गौरतलब है कि यह संवाद ऐसे समय में हो रहा है जब पूर्वोत्तर भारत में कनेक्टिविटी परियोजनाओं में अंतरराष्ट्रीय निवेश की संभावनाएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं।
गुवाहाटी एयरपोर्ट: असम के आधुनिक विकास का प्रतीक
लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नया टर्मिनल असम के आधुनिक बुनियादी ढाँचे के विकास का प्रमुख प्रतीक बन चुका है। इसकी संरचना में राज्य की सांस्कृतिक एवं वास्तुकला संबंधी पहचान के तत्त्वों — जैसे बाँस का उपयोग और स्थानीय वनस्पतियाँ — को विशेष रूप से शामिल किया गया है। हाल ही में उद्घाटन किए गए इस टर्मिनल की चर्चा अब कूटनीतिक दौरों में भी होने लगी है।
असम की बढ़ती वैश्विक साख
मुख्यमंत्री सरमा और फ्लेमिंग के बीच हुई इस बातचीत को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और बुनियादी ढाँचा साझेदारी के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में असम की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता के संदर्भ में देखा जा रहा है। यह यात्रा संकेत देती है कि आने वाले समय में भारत-ब्रिटेन संबंधों में पूर्वोत्तर राज्यों की भूमिका और अधिक सक्रिय हो सकती है।