31 जुलाई 2026
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अदाणी ग्रुप के नवी मुंबई और गुवाहाटी एयरपोर्ट को प्रिक्स वर्साय 2026 में 'दुनिया के सबसे खूबसूरत हवाई अड्डों' की मान्यता

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अदाणी ग्रुप के नवी मुंबई और गुवाहाटी एयरपोर्ट को प्रिक्स वर्साय 2026 में 'दुनिया के सबसे खूबसूरत हवाई अड्डों' की मान्यता

सारांश

भारत के दो हवाई अड्डों ने वैश्विक मंच पर इतिहास रचा — अदाणी ग्रुप के नवी मुंबई और गुवाहाटी एयरपोर्ट को प्रिक्स वर्साय 2026 ने 'दुनिया के सबसे खूबसूरत हवाई अड्डों' में शामिल किया। कमल-प्रेरित और बायोफिलिक डिजाइन से सजे ये टर्मिनल, भारत की एविएशन महत्वाकांक्षाओं का नया चेहरा हैं।

मुख्य बातें

अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स (AAHL) के नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और गुवाहाटी के लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट टर्मिनल 2 को प्रिक्स वर्साय 2026 में 'दुनिया के सबसे खूबसूरत एयरपोर्ट्स' की सूची में शामिल किया गया।
दोनों हवाई अड्डे वैश्विक स्तर पर चुने गए केवल 7 एविएशन इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में शामिल हैं।
नवी मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल 1 कमल-प्रेरित फ्यूचरिस्टिक डिजाइन के लिए, जबकि गुवाहाटी का टर्मिनल 2 'बैम्बू ऑर्किड' से प्रेरित बायोफिलिक डिजाइन के लिए पुरस्कृत।
पुरस्कार पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में प्रदान किए जाते हैं; 2015 से यह सम्मान वास्तुकला में नवाचार, सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को मान्यता देता है।
भारतीय एयरपोर्ट्स को ग्वांगझू, फ्रैंकफर्ट, पिट्सबर्ग और सैन डिएगो जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हब के साथ यह सम्मान मिला।

अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) के दो प्रमुख हवाई अड्डों — नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और गुवाहाटी स्थित लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नए टर्मिनल 2 — को प्रतिष्ठित प्रिक्स वर्साय आर्किटेक्चर और डिजाइन अवार्ड्स 2026 ने 'दुनिया के सबसे खूबसूरत एयरपोर्ट्स' की सूची में स्थान दिया है। 15 जून 2026 को जारी इस सूची के साथ, भारत के ये दोनों हवाई अड्डे वैश्विक स्तर पर चुने गए केवल सात एविएशन इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में शामिल हो गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में प्रदान किए जाने वाले वार्षिक प्रिक्स वर्साय पुरस्कार, नवाचार, सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को समाहित करने वाली समकालीन वास्तुशिल्पीय उपलब्धियों को सम्मानित करते हैं। 2015 में अपनी स्थापना के बाद से यह पुरस्कार उन एयरपोर्ट्स और टर्मिनल्स को मान्यता देता रहा है जो पारंपरिक बुनियादी ढाँचे से परे जाकर सौंदर्य, टिकाऊपन और सांस्कृतिक महत्व का संगम प्रस्तुत करते हैं।

इन दोनों भारतीय हवाई अड्डों को ग्वांगझू (चीन), फ्रैंकफर्ट एम मेन (जर्मनी), कंदल स्टुएंग (कंबोडिया), पिट्सबर्ग (अमेरिका) और सैन डिएगो (अमेरिका) जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय एविएशन हब के साथ यह सम्मान प्राप्त हुआ है।

नवी मुंबई एयरपोर्ट: कमल से प्रेरित फ्यूचरिस्टिक डिजाइन

नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 को उसके कमल-प्रेरित वास्तुशिल्प और भविष्योन्मुखी डिजाइन के लिए विशेष पहचान मिली। यह टर्मिनल प्रौद्योगिकी, कला और आधुनिक कार्यप्रणाली का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है और यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव देने के साथ-साथ एक उभरती वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में भारत की आकांक्षाओं को भी दर्शाता है।

गुवाहाटी एयरपोर्ट: बायोफिलिक डिजाइन और पूर्वोत्तर की विरासत

लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नया टर्मिनल 2 पूर्वोत्तर भारत की पारिस्थितिक और सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित है। इस टर्मिनल की वास्तुकला 'बैम्बू ऑर्किड' से अनुप्रेरित है और इसमें बायोफिलिक डिजाइन के सिद्धांत अपनाए गए हैं, जो क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को प्रतिबिंबित करते हैं। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में यह टर्मिनल सस्टेनेबिलिटी और परिचालन दक्षता दोनों को एक साथ सुनिश्चित करता है।

AAHL की प्रतिक्रिया

अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के एक प्रवक्ता ने कहा, "हमें गर्व है कि हमारे एयरपोर्ट्स को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है। हम विश्वस्तरीय अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे भारत दुनिया के प्रमुख एविएशन बाज़ार में अपनी जगह बना सके। अदाणी एयरपोर्ट्स में, हम हवाई अड्डों को लोगों और क्षेत्रों को जोड़ने वाले अहम माध्यम के रूप में देखते हैं।" कंपनी ने यह भी कहा कि यह मान्यता उसके उस विजन को पुष्ट करती है, जिसके तहत वह ऐसा एयरपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है जो वैश्विक मानकों को पूरा करने के साथ-साथ भारत की डिजाइन क्षमताओं और एविएशन क्षेत्र में बढ़ती महत्वाकांक्षाओं को भी प्रदर्शित करे।

आगे की राह

यह पुरस्कार ऐसे समय में आया है जब भारत का एविएशन सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है और देश अपने हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है। AAHL के लिए यह वैश्विक मान्यता भारतीय एविएशन इन्फ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती साख को रेखांकित करती है और आने वाले वर्षों में देश को एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एविएशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि वास्तुशिल्पीय सौंदर्य और परिचालन दक्षता दो अलग मापदंड हैं। नवी मुंबई एयरपोर्ट अभी भी निर्माणाधीन चरणों में है, इसलिए असली परीक्षा तब होगी जब यात्री इन टर्मिनल्स का वास्तविक अनुभव लेंगे। गुवाहाटी टर्मिनल 2 का बायोफिलिक दृष्टिकोण पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक जड़ों को डिजाइन में समाहित करने का सराहनीय प्रयास है, परंतु पुरस्कारों की चमक तब सार्थक होती है जब आम यात्री को भी वह अनुभव मिले जो वैश्विक जूरी ने कागज़ों पर सराहा है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रिक्स वर्साय पुरस्कार क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
प्रिक्स वर्साय दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित आर्किटेक्चर और डिजाइन पुरस्कारों में से एक है, जो पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में प्रदान किया जाता है। 2015 में स्थापित यह पुरस्कार नवाचार, सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को समाहित करने वाली वास्तुशिल्पीय उपलब्धियों को मान्यता देता है।
अदाणी ग्रुप के किन एयरपोर्ट्स को प्रिक्स वर्साय 2026 में शामिल किया गया?
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) के नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (टर्मिनल 1) और गुवाहाटी के लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (टर्मिनल 2) को यह सम्मान मिला है। दोनों हवाई अड्डे वैश्विक स्तर पर चुने गए केवल 7 एविएशन परियोजनाओं में शामिल हैं।
नवी मुंबई एयरपोर्ट और गुवाहाटी एयरपोर्ट के डिजाइन में क्या खास है?
नवी मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल 1 कमल से प्रेरित फ्यूचरिस्टिक वास्तुकला के लिए पहचाना गया, जो प्रौद्योगिकी और कला का संगम है। गुवाहाटी का टर्मिनल 2 'बैम्बू ऑर्किड' से प्रेरित बायोफिलिक डिजाइन पर आधारित है, जो पूर्वोत्तर भारत की जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है।
इस सूची में भारत के अलावा किन देशों के एयरपोर्ट शामिल हैं?
प्रिक्स वर्साय 2026 की 'दुनिया के सबसे खूबसूरत एयरपोर्ट्स' सूची में भारत के दो हवाई अड्डों के साथ ग्वांगझू (चीन), फ्रैंकफर्ट एम मेन (जर्मनी), कंदल स्टुएंग (कंबोडिया), पिट्सबर्ग (अमेरिका) और सैन डिएगो (अमेरिका) के एयरपोर्ट भी शामिल हैं।
यह पुरस्कार भारत के एविएशन सेक्टर के लिए क्यों अहम है?
यह मान्यता ऐसे समय में आई है जब भारत अपने हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है और वैश्विक एविएशन बाज़ार में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहता है। वैश्विक जूरी द्वारा भारतीय डिजाइन क्षमताओं की स्वीकृति देश की एविएशन महत्वाकांक्षाओं को अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता देती है।
राष्ट्र प्रेस
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