अदाणी के नवी मुंबई और गुवाहाटी एयरपोर्ट को प्रिक्स वर्साय 2026 सम्मान, डिज़ाइन और टिकाऊ विकास में वैश्विक पहचान
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) के दो प्रमुख एयरपोर्ट्स को प्रतिष्ठित 'प्रिक्स वर्साय वर्ल्ड्स मोस्ट ब्यूटीफुल एयरपोर्ट्स लिस्ट 2026' में स्थान मिला है — ये हैं नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) और गुवाहाटी स्थित लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (LGBIA) का टर्मिनल-2। यह सम्मान वास्तुकला उत्कृष्टता, सांस्कृतिक पहचान और टिकाऊ विकास के मानकों पर आधारित है, जो पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय से प्रतिवर्ष प्रदान किए जाते हैं।
प्रिक्स वर्साय पुरस्कार क्या है
प्रिक्स वर्साय पुरस्कार वैश्विक वास्तुकला और डिज़ाइन जगत में उन परियोजनाओं को मान्यता देता है जो नवाचार, स्थिरता, सांस्कृतिक विरासत और बेहतर यात्री अनुभव का संतुलित समन्वय प्रस्तुत करती हैं। पुरस्कार आयोजकों के अनुसार, यह सम्मान उन्हीं परियोजनाओं को दिया जाता है जहाँ संस्कृति और पर्यावरणीय दृष्टिकोण एक-दूसरे के पूरक बनते हैं।
इस सम्मान के साथ AAHL उन चुनिंदा वैश्विक एयरपोर्ट ऑपरेटरों की श्रेणी में शामिल हो गया है जिनकी अवसंरचना परियोजनाएँ आधुनिक हवाई यात्रा को वास्तुकला की उत्कृष्टता और यात्री-केंद्रित डिज़ाइन से नई परिभाषा दे रही हैं।
नवी मुंबई एयरपोर्ट: कमल से प्रेरित भविष्यवादी डिज़ाइन
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 को उसकी कमल से प्रेरित अनूठी वास्तुकला, भविष्यवादी संरचना और तकनीक, कला तथा कार्यक्षमता के सुनियोजित समन्वय के लिए यह सम्मान मिला है। इस एयरपोर्ट की परिकल्पना एक विश्वस्तरीय प्रवेश द्वार के रूप में की गई है, जो भारत की आधुनिक वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनने की आकांक्षा को मूर्त रूप देती है।
गुवाहाटी एयरपोर्ट: पूर्वोत्तर की जैव विविधता को श्रद्धांजलि
लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 को 'बांस ऑर्किड' से प्रेरित डिज़ाइन के लिए सम्मानित किया गया है। यह डिज़ाइन पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत करता है। यह टर्मिनल स्थिरता और उपयोगिता का उल्लेखनीय मिश्रण है, जो क्षेत्रीय पहचान को आधुनिक अवसंरचना के साथ जोड़ता है।
वैश्विक सूची में भारत के साथ कौन-से एयरपोर्ट
2026 की इस प्रतिष्ठित सूची में भारतीय एयरपोर्ट्स के साथ चीन के ग्वांगझू, जर्मनी के फ्रैंकफर्ट एम माइन, कंबोडिया के कंडाल स्टूएंग, तथा अमेरिका के पिट्सबर्ग और सैन डिएगो एयरपोर्ट भी शामिल हैं। गौरतलब है कि इस सूची में स्थान पाना वैश्विक विमानन अवसंरचना के क्षेत्र में भारत की बढ़ती साख को रेखांकित करता है।
आगे की राह
यह पहचान ऐसे समय में आई है जब भारत अपने विमानन क्षेत्र के तेज़ विस्तार के बीच अवसंरचना गुणवत्ता को वैश्विक मानकों पर कसने की कोशिश कर रहा है। AAHL के लिए यह सम्मान न केवल डिज़ाइन उत्कृष्टता का प्रमाण है, बल्कि टिकाऊ और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील अवसंरचना विकास की दिशा में एक मज़बूत संकेत भी है।