गुवाहाटी एयरपोर्ट का जल संरक्षण कदम: टर्मिनल-2 में जुलाई में 28% पानी वर्षा जल से
सारांश
मुख्य बातें
लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय (LGBI) एयरपोर्ट, गुवाहाटी ने अपनी वर्षा जल संचयन प्रणाली को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ किया है — अधिकारियों के अनुसार, जुलाई 2026 में एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 में उपयोग किए गए कुल पानी का 28 प्रतिशत हिस्सा वर्षा जल से पूरा किया गया। यह उपलब्धि एयरपोर्ट की व्यापक सस्टेनेबिलिटी योजना के तहत हासिल की गई है, जिसका लक्ष्य एयरपोर्ट को पूर्णतः जल-सकारात्मक (वॉटर पॉजिटिव) बनाना है।
वर्षा जल संचयन की क्षमता और बुनियादी ढाँचा
अधिकारियों के अनुसार, गुवाहाटी में प्रतिवर्ष लगभग 1,800 से 2,200 मिमी वर्षा होती है, जो इस क्षेत्र को रेनवॉटर हार्वेस्टिंग के लिए अत्यंत अनुकूल बनाती है। इस वर्ष 9 अगस्त 2026 तक 1,320 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी थी।
एयरपोर्ट पर वर्षा जल एकत्र करने के लिए दो बड़े भंडारण टैंक स्थापित किए गए हैं, जिनकी संयुक्त क्षमता 1,000 किलोलीटर है। एकत्रित जल को एयरपोर्ट के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध किया जाता है, जिसके बाद इसे विभिन्न परिचालन आवश्यकताओं में उपयोग में लाया जाता है।
पानी का उपयोग कहाँ-कहाँ
शुद्ध किए गए वर्षा जल का उपयोग पेयजल फाउंटेन, उपकरणों की सफाई और कूलिंग टावर जैसे कार्यों में किया जा रहा है। पीने योग्य उपयोग के लिए इस जल को कई चरणों की शुद्धिकरण प्रक्रिया से गुजारा जाता है, ताकि यह निर्धारित पेयजल मानकों पर पूरी तरह खरा उतरे।
बाहरी जल स्रोतों पर निर्भरता घटाने का लक्ष्य
अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का मूल उद्देश्य बाहरी जल स्रोतों पर एयरपोर्ट की निर्भरता को कम करना है — खासकर ऐसे समय में जब यात्री संख्या और बुनियादी ढाँचे का विस्तार लगातार जारी है। गौरतलब है कि एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं, रखरखाव, कूलिंग सिस्टम और दैनिक परिचालन के लिए बड़ी मात्रा में जल की आवश्यकता होती है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत के कई प्रमुख शहर जल संकट से जूझ रहे हैं और हवाई अड्डों पर बढ़ते यातायात के साथ संसाधनों का दबाव भी बढ़ रहा है। वर्षा जल के बढ़ते उपयोग से पारंपरिक स्रोतों पर दबाव कम होगा।
पर्यावरण संरक्षण की व्यापक दिशा
LGBI एयरपोर्ट लंबे समय से संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने वाली विभिन्न योजनाओं पर कार्यरत है। अधिकारियों का मानना है कि वर्षा जल संचयन की यह व्यवस्था एक अधिक टिकाऊ एयरपोर्ट पारिस्थितिकी तंत्र निर्मित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो गुवाहाटी में विमानन क्षेत्र की भविष्य की जल आवश्यकताओं को भी पूरा करने में सहायक होगी।