13 अगस्त 2026
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गुवाहाटी एयरपोर्ट का जल संरक्षण कदम: टर्मिनल-2 में जुलाई में 28% पानी वर्षा जल से

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गुवाहाटी एयरपोर्ट का जल संरक्षण कदम: टर्मिनल-2 में जुलाई में 28% पानी वर्षा जल से

सारांश

गुवाहाटी का LGBI एयरपोर्ट जल संरक्षण में एक ठोस मिसाल पेश कर रहा है — जुलाई में टर्मिनल-2 की 28% जल जरूरत वर्षा जल से पूरी हुई। 1,000 किलोलीटर क्षमता के टैंक और मल्टी-स्टेज ट्रीटमेंट प्लांट के साथ एयरपोर्ट 'वॉटर पॉजिटिव' बनने की राह पर है।

मुख्य बातें

LGBI एयरपोर्ट, गुवाहाटी के टर्मिनल-2 में जुलाई 2026 में उपयोग किए गए कुल पानी का 28% वर्षा जल से पूरा किया गया।
एयरपोर्ट पर 1,000 किलोलीटर क्षमता के दो बड़े टैंक वर्षा जल संग्रह के लिए स्थापित हैं।
गुवाहाटी में वार्षिक वर्षा 1,800 से 2,200 मिमी के बीच; 9 अगस्त 2026 तक 1,320 मिमी दर्ज।
एकत्रित जल का उपयोग पेयजल फाउंटेन , उपकरण सफाई और कूलिंग टावर में किया जा रहा है।
पहल का लक्ष्य एयरपोर्ट को पूर्णतः जल-सकारात्मक (वॉटर पॉजिटिव) बनाना है।

लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय (LGBI) एयरपोर्ट, गुवाहाटी ने अपनी वर्षा जल संचयन प्रणाली को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ किया है — अधिकारियों के अनुसार, जुलाई 2026 में एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 में उपयोग किए गए कुल पानी का 28 प्रतिशत हिस्सा वर्षा जल से पूरा किया गया। यह उपलब्धि एयरपोर्ट की व्यापक सस्टेनेबिलिटी योजना के तहत हासिल की गई है, जिसका लक्ष्य एयरपोर्ट को पूर्णतः जल-सकारात्मक (वॉटर पॉजिटिव) बनाना है।

वर्षा जल संचयन की क्षमता और बुनियादी ढाँचा

अधिकारियों के अनुसार, गुवाहाटी में प्रतिवर्ष लगभग 1,800 से 2,200 मिमी वर्षा होती है, जो इस क्षेत्र को रेनवॉटर हार्वेस्टिंग के लिए अत्यंत अनुकूल बनाती है। इस वर्ष 9 अगस्त 2026 तक 1,320 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी थी।

एयरपोर्ट पर वर्षा जल एकत्र करने के लिए दो बड़े भंडारण टैंक स्थापित किए गए हैं, जिनकी संयुक्त क्षमता 1,000 किलोलीटर है। एकत्रित जल को एयरपोर्ट के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध किया जाता है, जिसके बाद इसे विभिन्न परिचालन आवश्यकताओं में उपयोग में लाया जाता है।

पानी का उपयोग कहाँ-कहाँ

शुद्ध किए गए वर्षा जल का उपयोग पेयजल फाउंटेन, उपकरणों की सफाई और कूलिंग टावर जैसे कार्यों में किया जा रहा है। पीने योग्य उपयोग के लिए इस जल को कई चरणों की शुद्धिकरण प्रक्रिया से गुजारा जाता है, ताकि यह निर्धारित पेयजल मानकों पर पूरी तरह खरा उतरे।

बाहरी जल स्रोतों पर निर्भरता घटाने का लक्ष्य

अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का मूल उद्देश्य बाहरी जल स्रोतों पर एयरपोर्ट की निर्भरता को कम करना है — खासकर ऐसे समय में जब यात्री संख्या और बुनियादी ढाँचे का विस्तार लगातार जारी है। गौरतलब है कि एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं, रखरखाव, कूलिंग सिस्टम और दैनिक परिचालन के लिए बड़ी मात्रा में जल की आवश्यकता होती है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत के कई प्रमुख शहर जल संकट से जूझ रहे हैं और हवाई अड्डों पर बढ़ते यातायात के साथ संसाधनों का दबाव भी बढ़ रहा है। वर्षा जल के बढ़ते उपयोग से पारंपरिक स्रोतों पर दबाव कम होगा।

पर्यावरण संरक्षण की व्यापक दिशा

LGBI एयरपोर्ट लंबे समय से संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने वाली विभिन्न योजनाओं पर कार्यरत है। अधिकारियों का मानना है कि वर्षा जल संचयन की यह व्यवस्था एक अधिक टिकाऊ एयरपोर्ट पारिस्थितिकी तंत्र निर्मित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो गुवाहाटी में विमानन क्षेत्र की भविष्य की जल आवश्यकताओं को भी पूरा करने में सहायक होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि यह प्रतिशत मानसून के बाहर के महीनों में कितना टिकता है — जब गुवाहाटी में वर्षा नगण्य हो जाती है। भारत के अधिकांश हवाई अड्डे 'ग्रीन एयरपोर्ट' के दावे करते हैं, परंतु स्वतंत्र सत्यापन और मासिक जल-लेखा (water audit) के आँकड़े सार्वजनिक नहीं होते। यदि LGBI वास्तव में वॉटर पॉजिटिव बनना चाहता है, तो केवल मानसूनी महीनों की उपलब्धि को नहीं, बल्कि वार्षिक औसत को मापदंड बनाना होगा।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

LGBI एयरपोर्ट की रेनवॉटर हार्वेस्टिंग प्रणाली कैसे काम करती है?
एयरपोर्ट पर 1,000 किलोलीटर क्षमता के दो बड़े टैंकों में वर्षा जल एकत्र किया जाता है, जिसे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध करके पेयजल फाउंटेन, उपकरण सफाई और कूलिंग टावर में उपयोग किया जाता है। पीने योग्य उपयोग के लिए जल को कई चरणों की शुद्धिकरण प्रक्रिया से गुजारा जाता है।
जुलाई 2026 में LGBI एयरपोर्ट ने कितना पानी वर्षा जल से प्राप्त किया?
अधिकारियों के अनुसार, जुलाई 2026 में टर्मिनल-2 में उपयोग किए गए कुल पानी का लगभग 28 प्रतिशत वर्षा जल से पूरा किया गया। यह एयरपोर्ट की सस्टेनेबिलिटी योजना की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
गुवाहाटी में वर्षा जल संचयन के लिए मौसम कितना अनुकूल है?
गुवाहाटी में प्रतिवर्ष 1,800 से 2,200 मिमी वर्षा होती है, जो इसे रेनवॉटर हार्वेस्टिंग के लिए देश के सबसे अनुकूल शहरों में से एक बनाती है। इस वर्ष 9 अगस्त तक 1,320 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी थी।
LGBI एयरपोर्ट का 'वॉटर पॉजिटिव' लक्ष्य क्या है?
एयरपोर्ट का लक्ष्य वर्षा जल के संग्रह, शोधन और पुन: उपयोग के जरिए बाहरी जल स्रोतों पर निर्भरता शून्य के करीब लाना है। इसे 'वॉटर पॉजिटिव' कहा जाता है, यानी एयरपोर्ट जितना पानी उपयोग करे, उससे अधिक संरक्षित या पुनर्भरण करे।
इस पहल से यात्रियों और एयरपोर्ट परिचालन पर क्या असर पड़ेगा?
वर्षा जल के बढ़ते उपयोग से पारंपरिक जल स्रोतों पर दबाव कम होगा और बढ़ती यात्री संख्या के साथ बुनियादी ढाँचे की जल आवश्यकताएँ अधिक टिकाऊ तरीके से पूरी हो सकेंगी। यात्रियों के लिए पेयजल फाउंटेन जैसी सुविधाएँ भी इसी शुद्ध वर्षा जल से संचालित हो रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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