जेवर एयरपोर्ट के पार्किंग अंडरपास में भरा बारिश का पानी, 30 मिनट में हालात सामान्य
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के पार्किंग क्षेत्र और टर्मिनल को जोड़ने वाले अंडरपास में 12 अगस्त को अत्यधिक तेज़ बारिश के चलते जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, मात्र 30 मिनट के भीतर पानी को निकालकर मार्ग को पूरी तरह सामान्य कर दिया गया। इस दौरान किसी भी उड़ान का संचालन प्रभावित नहीं हुआ।
घटनाक्रम: कैसे भरा पानी
एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 12 अगस्त को कम समय में हुई अत्यधिक वर्षा के कारण टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र के बीच बने अंडरपास में बारिश का पानी प्रवेश कर गया। जलभराव की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट की त्वरित प्रतिक्रिया टीम मौके पर पहुँची और पानी निकालने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की गई। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश का दौर जारी है, जिससे कई अंडरपास और निचले इलाकों में जलभराव की घटनाएँ सामने आ रही हैं।
यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
जलभराव की अवधि के दौरान यात्रियों की आवाजाही बाधित न हो, इसके लिए यातायात को वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया गया। यात्रियों को सीधे टर्मिनल के कर्ब एरिया पर पिकअप की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे किसी बड़ी असुविधा से बचा जा सका। प्रबंधन के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में एयरपोर्ट के समग्र परिचालन पर न्यूनतम प्रभाव पड़ा।
उड़ानों पर कोई असर नहीं
एयरपोर्ट प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि जलभराव की इस घटना से हवाई सेवाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। कोई भी फ्लाइट रद्द या विलंबित नहीं की गई और उड़ानों का संचालन पूरी तरह सामान्य रहा। यात्रियों को एयरपोर्ट से आने-जाने में किसी बड़े व्यवधान का सामना नहीं करना पड़ा।
जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा
एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि घटना की विस्तृत समीक्षा की जा रही है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि अत्यधिक वर्षा के दौरान पानी अंडरपास में किस तरह प्रवेश कर गया और जल निकासी प्रणाली को और अधिक सक्षम बनाने के लिए किन तकनीकी व इंजीनियरिंग सुधारों की आवश्यकता है। गौरतलब है कि जेवर एयरपोर्ट जैसे बड़े परिवहन केंद्र पर मानसून के दौरान जल निकासी व्यवस्था की मज़बूती विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण मानी जाती है।
आगे क्या होगा
प्रबंधन ने संकेत दिया है कि समीक्षा के बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में भारी बारिश की स्थिति में टर्मिनल, पार्किंग और कनेक्टिंग मार्गों पर जलभराव की पुनरावृत्ति न हो और यात्रियों की आवाजाही निर्बाध बनी रहे।