लखनऊ जलभराव: मेयर सुषमा खर्कवाल बोलीं — नगर निगम अलर्ट पर, लो-लाइन इलाकों में लगे पंप
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 24 सितंबर 2026 से जारी मूसलाधार बारिश ने शहर के कई इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा कर दी है। इस संकट से निपटने के लिए लखनऊ नगर निगम को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है और मेयर सुषमा खर्कवाल ने स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत कार्यों की निगरानी की है।
मुख्य घटनाक्रम
मेयर सुषमा खर्कवाल ने बताया कि 24 सितंबर से हो रही लगातार वर्षा ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उन्होंने कहा, 'नगर निगम द्वारा जहाँ-जहाँ जलभराव की समस्या थी, वहाँ सभी जगह पंप लगाए गए हैं। इस बार पहले के मुकाबले शिकायतें कम आई हैं।' निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या पर उन्होंने स्पष्ट किया कि लो-लाइन क्षेत्रों में भी पंप लगाकर जल-निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
नगर निगम ने जलभराव की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। मेयर के अनुसार शिकायतें लगातार आ रही हैं और उनका तत्काल निराकरण किया जा रहा है।
बुनियादी ढाँचे को नुकसान
भारी बारिश के कारण शहर में लगभग सौ साल पुराना एक विशाल पेड़ गिर गया, जिसे नगर निगम की टीम ने तत्काल हटाया। इसके अलावा कई स्थानों पर बिजली के खंभे भी गिरने की घटनाएँ सामने आईं, जिन्हें दुरुस्त कराया गया। नगर निगम की टीमें रात भर सक्रिय रहकर मरम्मत और जल-निकासी का काम करती रहीं।
अधिकारियों का निरीक्षण
मेयर सुषमा खर्कवाल ने खुद इंदिरा प्रियदर्शिनी वार्ड का दौरा किया और पार्षद कल्पना वर्मा के साथ जलभराव वाले क्षेत्रों का जायजा लिया। नगर आयुक्त भी लगातार शहर का दौरा करते हुए स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं। साथ ही लखनऊ के जिलाधिकारी भी निरंतर निरीक्षण दौरे कर रहे हैं।
आम जनता पर असर और राहत का आश्वासन
मेयर ने बताया कि बारिश अभी भी जारी है, लेकिन नगर निगम का लक्ष्य है कि दो से तीन घंटे के भीतर जलभराव की समस्या का समाधान किया जाए, ताकि नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगर निगम हर शिकायत पर तेज़ी से कार्रवाई कर रहा है।
क्या होगा आगे
बारिश के जारी रहने की स्थिति में नगर निगम की टीमें सतर्क बनी रहेंगी। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के अंतिम चरण में उत्तर प्रदेश के कई शहरों में असाधारण वर्षा दर्ज की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए शहर के ड्रेनेज इन्फ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने की आवश्यकता है।