मिजोरम के चम्फाई में ₹17.89 करोड़ की ड्रग्स जब्त, असम राइफल्स और पुलिस का संयुक्त अभियान
सारांश
मुख्य बातें
असम राइफल्स ने डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) और मिजोरम पुलिस के साथ मिलकर मिजोरम के चम्फाई जिले में ₹17.89 करोड़ मूल्य की मादक पदार्थों की बड़ी खेप जब्त की है। 27 सितंबर 2026 को सामने आई यह कार्रवाई म्यांमार सीमा से होने वाले अवैध ड्रग व्यापार पर लगाम कसने के चल रहे अभियान का हिस्सा है।
मुख्य बरामदगी का विवरण
रक्षा विभाग के आधिकारिक बयान के अनुसार, चम्फाई — जो म्यांमार से होने वाले अवैध ड्रग व्यापार का एक ज्ञात हॉटस्पॉट है — से 1,25,680 किलोग्राम सुपारी और 25,440 किलोग्राम खसखस (पोस्ता दाना) बरामद किए गए। इन दोनों की संयुक्त अनुमानित बाज़ार कीमत लगभग ₹17.89 करोड़ आंकी गई है।
यह कार्रवाई स्पीयर कॉर्प्स के नेतृत्व में की गई, जो पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय असम राइफल्स का परिचालन ढाँचा है।
सैतुअल जिले में अलग अभियान
रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि नशीले पदार्थों की अवैध ढुलाई की खास खुफिया सूचना के आधार पर, असम राइफल्स और मिजोरम पुलिस ने सैतुअल जिले के मिम्बुंग-काउलबेम-न्गोपा के टी-जंक्शन इलाकों में संयुक्त छापेमारी की।
इस अभियान में एक ड्रग तस्कर को हिरासत में लिया गया, जिसके पास से 2.285 किलोग्राम मेथामफेटामाइन गोलियाँ बरामद हुईं। इनकी अनुमानित कीमत ₹1.83 करोड़ बताई गई है। पकड़े गए व्यक्ति को बरामद सामग्री के साथ न्गोपा पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया, जहाँ नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जोखावथर सीमा पर हेरोइन बरामद
एक अन्य सुनियोजित अभियान में, सीमावर्ती क्षेत्र जोखावथर के आयरन गेट पर तस्करी की विश्वसनीय खुफिया सूचना पर असम राइफल्स के जवानों और मिजोरम पुलिस ने टारगेटेड ऑपरेशन चलाया। गहन तलाशी के बाद 28 ग्राम हेरोइन बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹5.6 लाख है।
आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर जब्त सामग्री सहित जोखावथर पुलिस स्टेशन को सुपुर्द किया गया। NDPS अधिनियम के तहत आगे की जाँच जारी है।
इस महीने की पहले की कार्रवाइयाँ
गौरतलब है कि सितंबर 2026 की शुरुआत में भी मिजोरम और मणिपुर में सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियानों में ₹3.68 करोड़ से अधिक मूल्य की मेथामफेटामाइन गोलियाँ और हेरोइन जब्त की थीं तथा पाँच ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया था। यह ताज़ा कार्रवाई उसी श्रृंखला की अगली कड़ी है।
सुरक्षा बलों की रणनीति और आगे की दिशा
रक्षा विभाग के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ये सफल अभियान खुफिया सूचना पर आधारित कार्यप्रणाली और सीमावर्ती बलों की परिचालन सतर्कता को दर्शाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब म्यांमार की राजनीतिक अस्थिरता के बीच उत्तर-पूर्वी सीमा पर ड्रग तस्करी के मामलों में वृद्धि की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त प्रयास आने वाले महीनों में और तेज़ होने की संभावना है।