23 अक्टूबर 2026
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मिजोरम में असम राइफल्स ने ₹2.74 करोड़ की हेरोइन और बर्मी सुपारी जब्त की, चार गिरफ्तार

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मिजोरम में असम राइफल्स ने ₹2.74 करोड़ की हेरोइन और बर्मी सुपारी जब्त की, चार गिरफ्तार

सारांश

मिजोरम के चम्फाई जिले में असम राइफल्स के दो अभियानों ने ₹2.74 करोड़ की हेरोइन और अवैध सुपारी की बड़ी खेप पकड़ी। म्यांमार नागरिक सहित चार गिरफ्तार, तीन वाहन जब्त। 'गोल्डन ट्रायंगल' से सटी 910 किमी खुली सीमा पूर्वोत्तर में तस्करी की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

मुख्य बातें

असम राइफल्स ने 23 अक्टूबर 2026 को मिजोरम के चम्फाई जिले में दो अभियानों में कुल ₹2.74 करोड़ मूल्य की हेरोइन और सूखी सुपारी जब्त की।
पहले अभियान में 'नगुर' इलाके से 1,189 ग्राम हेरोइन (बाजार मूल्य ₹2.37 करोड़ ) बरामद; गिरफ्तार व्यक्ति म्यांमार का नागरिक।
दूसरे संयुक्त अभियान में 'नॉर्थ डिल्टलैंग' गांव से 3,600 किलोग्राम अवैध सुपारी ( ₹36.87 लाख ) और तीन बोलेरो गाड़ियाँ जब्त।
इस मामले में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया; कुल गिरफ्तारियाँ चार ।
मिजोरम और मणिपुर म्यांमार के साथ 910 किमी की अधिकांश बिना बाड़ वाली सीमा साझा करते हैं, जो 'गोल्डन ट्रायंगल' से तस्करी का मुख्य मार्ग है।

असम राइफल्स ने 23 अक्टूबर 2026 को मिजोरम के चम्फाई जिले में दो अलग-अलग अभियानों में कुल ₹2.74 करोड़ मूल्य की हेरोइन और अवैध रूप से लाई जा रही सूखी सुपारी जब्त की। इन कार्रवाइयों में म्यांमार के एक नागरिक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पहला अभियान: हेरोइन बरामदगी

नशीले पदार्थों की तस्करी के संबंध में मिली पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर असम राइफल्स ने चम्फाई जिले के 'नगुर' इलाके में तलाशी अभियान चलाया। सुरक्षाकर्मियों ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर तलाशी ली, जिसके दौरान उसके पास से 1,189 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। बाजार मूल्य के अनुसार इस हेरोइन की कीमत लगभग ₹2.37 करोड़ आंकी गई है।

पकड़ा गया व्यक्ति म्यांमार का नागरिक निकला। अधिकारियों के अनुसार, बरामद नशीले पदार्थ और गिरफ्तार व्यक्ति को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए आबकारी एवं नशीले पदार्थ विभाग को सौंप दिया गया।

दूसरा अभियान: अवैध सुपारी और वाहन जब्त

एक अन्य संयुक्त कार्रवाई में असम राइफल्स ने मिजोरम पुलिस के साथ मिलकर चम्फाई जिले के 'नॉर्थ डिल्टलैंग' गांव से अवैध रूप से लाई जा रही सूखी सुपारी की एक बड़ी खेप पकड़ी। सुरक्षाकर्मियों ने सुपारी के 45 बोरे जब्त किए, जिनका कुल वजन 3,600 किलोग्राम था और बाजार कीमत लगभग ₹36.87 लाख आंकी गई।

इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया और अवैध सामान की ढुलाई में इस्तेमाल की जा रही तीन बोलेरो पिकअप गाड़ियाँ भी जब्त की गईं। जब्त सामान, गिरफ्तार व्यक्तियों और वाहनों को आगे की कार्रवाई के लिए मिजोरम पुलिस को सौंप दिया गया।

मिजोरम-म्यांमार सीमा और तस्करी का संकट

मिजोरम और मणिपुर पूर्वोत्तर भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी के प्रमुख मार्गों के रूप में उभरे हैं। इसका मुख्य कारण म्यांमार के साथ इनकी 910 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जिसका एक बड़ा हिस्सा अभी भी बिना बाड़ के है। मिजोरम के छह जिले और मणिपुर के पाँच जिले इस सीमा को साझा करते हैं।

गौरतलब है कि यह क्षेत्र 'गोल्डन ट्रायंगल' के निकट है — म्यांमार, लाओस और थाईलैंड के कुछ हिस्सों से मिलकर बना यह क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े अवैध नशीले पदार्थ उत्पादन केंद्रों में से एक है। यही भौगोलिक निकटता पूर्वोत्तर राज्यों में तस्करी की चुनौतियों को जटिल बनाती है।

सुरक्षा बलों की रणनीति

असम राइफल्स के प्रवक्ता के अनुसार, ये अभियान दर्शाते हैं कि सुरक्षा बल नागरिक एजेंसियों और राज्य पुलिस के साथ समन्वय करते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अवैध नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी रोकने के लिए सक्रिय हैं। सीमा पर निगरानी बढ़ाई गई है और संयुक्त अभियानों की आवृत्ति तेज की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर में नशीले पदार्थों की जब्ती की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और म्यांमार की राजनीतिक अस्थिरता ने सीमा-पार नेटवर्क को और मज़बूत किया है। संयुक्त अभियान स्वागतयोग्य हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या तस्करी के उन बड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसा जा रहा है जो इन कुरियर का इस्तेमाल करते हैं — या सिर्फ सीमांत कड़ियाँ ही पकड़ी जा रही हैं।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिजोरम में असम राइफल्स ने क्या-क्या जब्त किया?
असम राइफल्स ने 23 अक्टूबर 2026 को मिजोरम के चम्फाई जिले में दो अभियानों में ₹2.37 करोड़ मूल्य की 1,189 ग्राम हेरोइन और ₹36.87 लाख मूल्य की 3,600 किलोग्राम अवैध सुपारी जब्त की। इसके अलावा तीन बोलेरो पिकअप गाड़ियाँ भी पकड़ी गईं।
मिजोरम में कितने लोग गिरफ्तार हुए और वे कौन हैं?
कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हेरोइन मामले में एक व्यक्ति पकड़ा गया जो म्यांमार का नागरिक है, जबकि सुपारी तस्करी मामले में तीन अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया।
मिजोरम नशीले पदार्थों की तस्करी का प्रमुख मार्ग क्यों बना हुआ है?
मिजोरम के छह जिले और मणिपुर के पाँच जिले म्यांमार के साथ 910 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं, जिसका बड़ा हिस्सा बिना बाड़ के है। यह क्षेत्र 'गोल्डन ट्रायंगल' — म्यांमार, लाओस और थाईलैंड — के निकट है, जो दुनिया के प्रमुख अवैध नशीले पदार्थ उत्पादन केंद्रों में से एक है।
जब्त सामान और गिरफ्तार लोगों को किसे सौंपा गया?
हेरोइन और गिरफ्तार म्यांमार नागरिक को आबकारी एवं नशीले पदार्थ विभाग को सौंपा गया। अवैध सुपारी, तीनों गिरफ्तार व्यक्तियों और जब्त वाहनों को आगे की जांच के लिए मिजोरम पुलिस को हस्तांतरित किया गया।
असम राइफल्स सीमा पर तस्करी रोकने के लिए क्या कदम उठा रही है?
असम राइफल्स ने मिजोरम पुलिस और नागरिक एजेंसियों के साथ संयुक्त अभियान तेज किए हैं और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी बढ़ाई है। खुफिया जानकारी के आधार पर लक्षित अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि तस्करी के नेटवर्क को तोड़ा जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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