असम-मिजोरम में असम राइफल्स का बड़ा एक्शन: ₹46.25 करोड़ के ड्रग्स जब्त, 5 तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
असम राइफल्स ने 1 नवंबर 2026 को असम और मिजोरम में दो अलग-अलग अभियानों में करीब ₹46.25 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए और पाँच ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया। दोनों कार्रवाइयों में कुल 27.813 किलोग्राम मेथामफेटामाइन बरामद हुई, जो म्यांमार से पूर्वोत्तर राज्यों के रास्ते देश के अन्य हिस्सों तक पहुँचाई जानी थी।
मुख्य घटनाक्रम
रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, दक्षिणी असम में असम राइफल्स ने राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI), सिलचर के साथ संयुक्त अभियान में कछार जिले के ढोलाई बाज़ार से 20 किलोग्राम क्रिस्टल मेथामफेटामाइन जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत ₹40 करोड़ बताई गई है। इस दौरान तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया और तीन मोबाइल फोन तथा दो वाहन भी जब्त किए गए।
एक अन्य अभियान में मिजोरम के आइजोल जिले के रामथार नॉर्थ क्षेत्र से 7.813 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद की गईं, जिनकी कीमत करीब ₹6.25 करोड़ आँकी गई है। इस कार्रवाई में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।
तस्करी नेटवर्क का स्वरूप
प्रारंभिक जाँच के अनुसार, असम में जब्त खेप पड़ोसी राज्य मिजोरम से लाई गई थी और सिलचर को ट्रांजिट हब के रूप में इस्तेमाल करते हुए देश के अन्य हिस्सों तक पहुँचाई जानी थी। यह बरामदगी क्षेत्र में क्रिस्टल मेथामफेटामाइन की सबसे बड़ी जब्तियों में से एक मानी जा रही है।
गौरतलब है कि मेथामफेटामाइन टैबलेट को आमतौर पर याबा या 'पार्टी ड्रग' कहा जाता है। इसमें मेथामफेटामाइन और कैफीन का मिश्रण होता है और इसे 'क्रेजी ड्रग' के नाम से भी जाना जाता है। भारत में पूर्णतः प्रतिबंधित यह नशीला पदार्थ म्यांमार से पूर्वोत्तर राज्यों में बड़े पैमाने पर तस्करी करके लाया जाता है।
कानूनी कार्रवाई
असम में गिरफ्तार तस्करों और जब्त सामान को आगे की जाँच के लिए DRI, सिलचर को सौंप दिया गया है। मिजोरम में बरामद नशीले पदार्थ और गिरफ्तार आरोपियों को मिजोरम पुलिस के हवाले किया गया है और उनके खिलाफ NDPS अधिनियम, 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
असम राइफल्स की प्रतिबद्धता
असम राइफल्स ने कहा है कि ये दोनों सफल अभियान मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध उनकी सतत प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। साथ ही, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान की प्रभावशीलता को भी रेखांकित करते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में सिंथेटिक ड्रग्स की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के लिए सुरक्षा बलों के अभियान लगातार तेज़ हुए हैं। आगे की जाँच से तस्करी नेटवर्क के और अधिक सूत्र उजागर होने की उम्मीद है।