28 जुलाई 2026
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नोएडा में बारिश का कहर: जलभराव से जनजीवन ठप, CEO ने JE समेत दो कर्मियों को किया बर्खास्त

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नोएडा में बारिश का कहर: जलभराव से जनजीवन ठप, CEO ने JE समेत दो कर्मियों को किया बर्खास्त

सारांश

नोएडा में डेढ़ घंटे की बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की कलई खोल दी — बरौला से सेक्टर-27 तक घुटनों तक पानी और डीएससी रोड पर 50 मीटर लंबी दीवार ढही। CEO कृष्णा करुणेश ने JE समेत दो कर्मियों को बर्खास्त कर दिया और IMD ने अगले दो दिन येलो अलर्ट जारी किया है।

मुख्य बातें

28 जुलाई 2026 को नोएडा में करीब डेढ़ घंटे की बारिश से बरौला, सफराबाद, सेक्टर-75, 74, 19, 20, 27 और निठारी में गंभीर जलभराव।
डीएससी रोड पर सेंट्रल वर्ज की करीब 50 मीटर लंबी दीवार गिरी; मेट्रो पिलर सुरक्षित।
नोएडा प्राधिकरण के CEO कृष्णा करुणेश ने JE पार्थ राठौड़ और सुपरवाइजर मांगेराम को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया।
प्रबंधक करण सिंह त्यागी और रमेन्द्र को प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) दी गई।
IMD ने अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया; तापमान में 2-3 डिग्री और गिरावट संभव।

नोएडा में 28 जुलाई 2026 को हुई करीब डेढ़ घंटे की लगातार बारिश ने शहर के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा कर दी, जिससे आम नागरिकों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। बरौला, सफराबाद, सेक्टर-75, सेक्टर-74, सेक्टर-19, सेक्टर-20, सेक्टर-27 और निठारी सहित कई क्षेत्रों में घुटनों तक पानी भर गया और कुछ स्थानों पर घरों के भीतर तक पानी पहुँच गया। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) कृष्णा करुणेश ने जल निकासी में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई करते हुए दो कर्मियों को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया।

मुख्य घटनाक्रम

मंगलवार सुबह रुक-रुककर शुरू हुई बारिश करीब डेढ़ घंटे तक लगातार होती रही। तेज हवाओं के साथ आई इस बारिश ने भले ही उमस से राहत दी, लेकिन शहर की जल निकासी व्यवस्था की कमज़ोरियाँ एक बार फिर उजागर हो गईं। सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी।

डीएससी रोड पर स्थित सेंट्रल वर्ज की करीब 50 मीटर लंबी दीवार लगातार बारिश से भरे पानी के तेज बहाव के कारण भरभराकर गिर गई। हालाँकि, उसी स्थान पर मौजूद मेट्रो पिलर पूरी तरह सुरक्षित रहे और उन पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ा। प्राधिकरण ने तत्काल मलबा हटवाकर यातायात बहाल कराया।

बरौला की पुरानी समस्या फिर उभरी

ग्राम बरौला में जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है और इस बारिश में एक बार फिर वही स्थिति सामने आई। CEO कृष्णा करुणेश ने विशेष रूप से बरौला की स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया। यह ऐसे समय में आया है जब प्राधिकरण शहर में बुनियादी ढाँचे के विकास का दावा करता रहा है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब मानसून की पहली भारी बारिश में ही नोएडा के इन इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हो।

प्राधिकरण की कार्रवाई

जल निकासी व्यवस्था में लापरवाही और विकास कार्यों में शिथिलता को गंभीरता से लेते हुए CEO कृष्णा करुणेश ने तत्काल दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके आदेश पर जूनियर इंजीनियर (JE) पार्थ राठौड़ और सुपरवाइजर मांगेराम की सेवाएँ तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।

इसके अलावा, प्रबंधक करण सिंह त्यागी (सिविल) और रमेन्द्र (जल एवं सीवर) को जलभराव पर प्रभावी नियंत्रण न रख पाने के कारण प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) दी गई है। CEO ने प्राधिकरण के सभी वर्क सर्किल के अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त चेतावनी जारी की कि भविष्य में किसी भी क्षेत्र में लापरवाही पाए जाने पर इससे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मौसम विभाग का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 जुलाई से अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। मंगलवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग का अनुमान है कि दोपहर बाद तेज बारिश होने पर तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट आ सकती है।

आगे क्या होगा

CEO कृष्णा करुणेश ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण की प्राथमिकता शहरवासियों को जलभराव से स्थायी राहत दिलाना और विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। IMD के येलो अलर्ट को देखते हुए आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना है, जिससे जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बना रह सकता है। प्राधिकरण के लिए यह परीक्षा की घड़ी है कि वह इस चेतावनी के बाद जमीनी स्तर पर कितनी तेज़ी से सुधार कर पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि दशकों पुरानी जल निकासी की संरचनात्मक खामियाँ कब दूर होंगी। जब तक नालों की क्षमता बढ़ाने और जलभराव-रोधी बुनियादी ढाँचे में निवेश नहीं होता, तब तक हर बारिश के बाद सिर्फ कर्मचारियों की बलि देना समस्या का समाधान नहीं, महज़ खानापूर्ति है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में 28 जुलाई को किन इलाकों में जलभराव हुआ?
28 जुलाई 2026 को नोएडा के बरौला, सफराबाद, सेक्टर-75, सेक्टर-74, सेक्टर-19, सेक्टर-20, सेक्टर-27 और निठारी में गंभीर जलभराव देखा गया। कई जगह घुटनों तक पानी भरा और कुछ घरों के अंदर भी पानी घुस गया।
नोएडा प्राधिकरण ने जलभराव पर क्या कार्रवाई की?
CEO कृष्णा करुणेश के आदेश पर जूनियर इंजीनियर पार्थ राठौड़ और सुपरवाइजर मांगेराम को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त किया गया। प्रबंधक करण सिंह त्यागी और रमेन्द्र को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई और सभी कर्मियों को भविष्य में सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
डीएससी रोड पर दीवार गिरने से क्या नुकसान हुआ?
नोएडा की डीएससी रोड पर सेंट्रल वर्ज की करीब 50 मीटर लंबी दीवार लगातार बारिश से भरे पानी के तेज बहाव के कारण ढह गई। हालाँकि उसी स्थान पर मौजूद मेट्रो पिलर पूरी तरह सुरक्षित रहे और प्राधिकरण ने तत्काल मलबा हटवाकर यातायात बहाल कराया।
IMD ने नोएडा के लिए क्या मौसम चेतावनी जारी की है?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 जुलाई से अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है और तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट आ सकती है।
बरौला में जलभराव की समस्या इतनी पुरानी क्यों है?
बरौला गाँव में जल निकासी की संरचनात्मक कमज़ोरियाँ लंबे समय से बनी हुई हैं और हर मानसून में यही स्थिति दोहराई जाती है। CEO कृष्णा करुणेश ने भी विशेष रूप से बरौला की इस पुरानी समस्या पर रोष जताया और इसे जल निकासी व्यवस्था में शिथिलता का प्रमाण बताया।
राष्ट्र प्रेस
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