13 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जेवर एयरपोर्ट के पार्किंग अंडरपास में भरा बारिश का पानी, 30 मिनट में स्थिति सामान्य

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जेवर एयरपोर्ट के पार्किंग अंडरपास में भरा बारिश का पानी, 30 मिनट में स्थिति सामान्य

सारांश

12 अगस्त को मूसलाधार बारिश ने जेवर एयरपोर्ट के पार्किंग अंडरपास में पानी भर दिया — लेकिन एयरपोर्ट टीम ने 30 मिनट में स्थिति संभाल ली। उड़ानें सामान्य रहीं, यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग दिया गया। अब जल निकासी व्यवस्था की तकनीकी समीक्षा जारी है।

मुख्य बातें

12 अगस्त 2026 को अत्यधिक बारिश के कारण नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के पार्किंग अंडरपास में पानी भर गया।
एयरपोर्ट टीम ने 30 मिनट के भीतर पानी निकाल कर मार्ग को सामान्य किया।
जलभराव के दौरान यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग और टर्मिनल कर्ब एरिया पर पिकअप सुविधा दी गई।
एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार कोई भी उड़ान रद्द या विलंबित नहीं हुई।
घटना की तकनीकी और इंजीनियरिंग समीक्षा शुरू; भविष्य में सुधारात्मक कदम उठाने की योजना।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र को जोड़ने वाले अंडरपास में 12 अगस्त 2026 को अचानक हुई मूसलाधार बारिश के बाद पानी भर गया। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, स्थिति की सूचना मिलते ही टीमों ने तत्काल कार्रवाई की और करीब 30 मिनट के भीतर मार्ग को पूरी तरह सामान्य कर दिया गया। इस दौरान किसी भी उड़ान का संचालन प्रभावित नहीं हुआ।

घटनाक्रम: क्या हुआ और कैसे

एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, अत्यंत कम समय में हुई भारी वर्षा के कारण पार्किंग एरिया की ओर जाने वाले अंडरपास में बारिश का पानी घुस गया। यह स्थिति असाधारण वर्षा की तीव्रता के चलते उत्पन्न हुई, न कि किसी संरचनात्मक खामी के कारण — ऐसा प्रबंधन का कहना है।

जलभराव की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट की आपातकालीन टीमें मौके पर पहुँचीं और पंपिंग तथा मैन्युअल प्रयासों से पानी निकाला गया। 30 मिनट के भीतर अंडरपास को यातायात के लिए पुनः खोल दिया गया।

यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था

जलभराव के दौरान यात्रियों की सुविधा बनाए रखने के लिए ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया गया। यात्रियों को सीधे टर्मिनल के कर्ब एरिया पर पिकअप की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे उन्हें किसी बड़े व्यवधान का सामना नहीं करना पड़ा।

एयरपोर्ट प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि इस पूरी घटना के दौरान कोई भी फ्लाइट रद्द या विलंबित नहीं हुई और हवाई सेवाएँ सामान्य रूप से जारी रहीं।

समीक्षा और सुधार की योजना

एयरपोर्ट प्रशासन ने घटना की विस्तृत तकनीकी समीक्षा शुरू कर दी है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि अत्यधिक वर्षा के दौरान पानी अंडरपास में किस तरह प्रवेश कर गया और जल निकासी प्रणाली को और अधिक सक्षम बनाने के लिए किन इंजीनियरिंग सुधारों की आवश्यकता है।

प्रबंधन के अनुसार, समीक्षा के बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में भारी बारिश की स्थिति में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।

व्यापक संदर्भ: दिल्ली-NCR में मानसून का कहर

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश का दौर जारी है। कई स्थानों पर सड़कों, अंडरपास और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति देखी गई है। यह ऐसे समय में आया है जब जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण परिवहन केंद्रों में से एक के रूप में उभर रहा है, और इसकी जल निकासी व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता आवश्यक मानी जा रही है।

आगे चलकर एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से तकनीकी और इंजीनियरिंग सुधारों की घोषणा अपेक्षित है, जो इस परिवहन केंद्र की मानसून-प्रतिरोधक क्षमता को और मज़बूत करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक बड़े सवाल की ओर इशारा करता है — क्या देश के नवीनतम और सबसे महत्वाकांक्षी हवाई अड्डों की जल निकासी प्रणाली मानसून की चरम परिस्थितियों के लिए पर्याप्त रूप से तैयार है? दिल्ली-NCR में हर मानसून में अंडरपास और सड़कें डूबना एक पुरानी और दोहराई जाने वाली समस्या है। एयरपोर्ट प्रबंधन की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है, परंतु 'समीक्षा जारी है' जैसे बयान तब तक पर्याप्त नहीं होते जब तक ठोस इंजीनियरिंग सुधारों की समयसीमा सार्वजनिक न हो। एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 30 मिनट की रुकावट भले ही उड़ानों को न रोके, लेकिन यात्री-अनुभव और वैश्विक प्रतिष्ठा पर इसका असर कम नहीं आँका जाना चाहिए।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेवर एयरपोर्ट के अंडरपास में पानी क्यों भरा?
एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को अत्यंत कम समय में हुई भारी बारिश के कारण टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र को जोड़ने वाले अंडरपास में पानी प्रवेश कर गया। यह स्थिति असाधारण वर्षा की तीव्रता के चलते उत्पन्न हुई।
क्या जलभराव से जेवर एयरपोर्ट की उड़ानें प्रभावित हुईं?
नहीं। एयरपोर्ट प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि जलभराव की घटना का हवाई सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा और कोई भी फ्लाइट रद्द या विलंबित नहीं हुई।
जलभराव के दौरान यात्रियों की आवाजाही कैसे सुनिश्चित की गई?
यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया गया और टर्मिनल के कर्ब एरिया पर सीधे पिकअप की सुविधा दी गई। इससे यात्रियों को किसी बड़े व्यवधान का सामना नहीं करना पड़ा।
एयरपोर्ट प्रबंधन ने स्थिति कितने समय में सामान्य की?
सूचना मिलते ही एयरपोर्ट टीमें मौके पर पहुँचीं और करीब 30 मिनट के भीतर अंडरपास से पानी निकालकर मार्ग को सामान्य कर दिया गया।
भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
एयरपोर्ट प्रशासन ने घटना की विस्तृत तकनीकी और इंजीनियरिंग समीक्षा शुरू की है। समीक्षा के बाद जल निकासी व्यवस्था में आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की योजना है ताकि भारी बारिश में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. कल
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले