जेवर एयरपोर्ट के पार्किंग अंडरपास में भरा बारिश का पानी, 30 मिनट में स्थिति सामान्य
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र को जोड़ने वाले अंडरपास में 12 अगस्त 2026 को अचानक हुई मूसलाधार बारिश के बाद पानी भर गया। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, स्थिति की सूचना मिलते ही टीमों ने तत्काल कार्रवाई की और करीब 30 मिनट के भीतर मार्ग को पूरी तरह सामान्य कर दिया गया। इस दौरान किसी भी उड़ान का संचालन प्रभावित नहीं हुआ।
घटनाक्रम: क्या हुआ और कैसे
एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, अत्यंत कम समय में हुई भारी वर्षा के कारण पार्किंग एरिया की ओर जाने वाले अंडरपास में बारिश का पानी घुस गया। यह स्थिति असाधारण वर्षा की तीव्रता के चलते उत्पन्न हुई, न कि किसी संरचनात्मक खामी के कारण — ऐसा प्रबंधन का कहना है।
जलभराव की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट की आपातकालीन टीमें मौके पर पहुँचीं और पंपिंग तथा मैन्युअल प्रयासों से पानी निकाला गया। 30 मिनट के भीतर अंडरपास को यातायात के लिए पुनः खोल दिया गया।
यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
जलभराव के दौरान यात्रियों की सुविधा बनाए रखने के लिए ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया गया। यात्रियों को सीधे टर्मिनल के कर्ब एरिया पर पिकअप की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे उन्हें किसी बड़े व्यवधान का सामना नहीं करना पड़ा।
एयरपोर्ट प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि इस पूरी घटना के दौरान कोई भी फ्लाइट रद्द या विलंबित नहीं हुई और हवाई सेवाएँ सामान्य रूप से जारी रहीं।
समीक्षा और सुधार की योजना
एयरपोर्ट प्रशासन ने घटना की विस्तृत तकनीकी समीक्षा शुरू कर दी है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि अत्यधिक वर्षा के दौरान पानी अंडरपास में किस तरह प्रवेश कर गया और जल निकासी प्रणाली को और अधिक सक्षम बनाने के लिए किन इंजीनियरिंग सुधारों की आवश्यकता है।
प्रबंधन के अनुसार, समीक्षा के बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में भारी बारिश की स्थिति में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
व्यापक संदर्भ: दिल्ली-NCR में मानसून का कहर
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश का दौर जारी है। कई स्थानों पर सड़कों, अंडरपास और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति देखी गई है। यह ऐसे समय में आया है जब जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण परिवहन केंद्रों में से एक के रूप में उभर रहा है, और इसकी जल निकासी व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता आवश्यक मानी जा रही है।
आगे चलकर एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से तकनीकी और इंजीनियरिंग सुधारों की घोषणा अपेक्षित है, जो इस परिवहन केंद्र की मानसून-प्रतिरोधक क्षमता को और मज़बूत करेगी।