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इंडिया गठबंधन डूबता जहाज, कोई भविष्य नहीं: UP मंत्री दानिश आजाद अंसारी का हमला

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इंडिया गठबंधन डूबता जहाज, कोई भविष्य नहीं: UP मंत्री दानिश आजाद अंसारी का हमला

सारांश

30 सितंबर की इंडिया ब्लॉक बैठक से ठीक पहले UP मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने गठबंधन को 'डूबता जहाज' बताया और आंतरिक दरारों, व्यक्तिगत हितों तथा SIR विवाद पर विपक्ष पर हमला बोला — यह बयान महज आलोचना नहीं, बल्कि बैठक से पहले माहौल बनाने की रणनीतिक कोशिश है।

मुख्य बातें

UP मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने 27 सितंबर 2026 को लखनऊ में इंडिया गठबंधन को 'डूबता हुआ जहाज' करार दिया।
बयान 30 सितंबर को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की बैठक से पहले आया।
उन्होंने सपा, कांग्रेस, TMC और AAP के बीच आंतरिक मतभेदों का हवाला दिया।
गठबंधन पर आरोप — व्यक्तिगत व राजनीतिक हितों के लिए बना, जनता के मुद्दों से दूर।
SIR प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा — जहाँ SIR हुई, वहाँ मतदान प्रतिशत बढ़ा।
CM योगी आदित्यनाथ के कांग्रेस-विरोधी बयानों का समर्थन किया।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने 27 सितंबर 2026 को लखनऊ में इंडिया गठबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए उसे 'डूबता हुआ जहाज' करार दिया और कहा कि इस गठजोड़ का कोई राजनीतिक भविष्य नहीं है। उनके यह बयान 30 सितंबर को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की बैठक से ठीक पहले आए हैं, जिससे इनका राजनीतिक महत्व और बढ़ जाता है।

गठबंधन की आंतरिक दरारें

अंसारी ने कहा कि इंडिया गठबंधन को सबसे पहले अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए कि वह किस दिशा में जाना चाहता है। उनके अनुसार, गठबंधन में शामिल दल कई अहम मुद्दों पर एक-दूसरे के विरुद्ध बयान देते रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि समाजवादी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के बीच, तथा कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) को लेकर भी गठबंधन के घटक दलों में मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आ चुके हैं।

व्यक्तिगत हितों पर आधारित गठजोड़

मंत्री ने आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन का निर्माण जनता के मुद्दों के बजाय व्यक्तिगत और राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए किया गया है। उनके अनुसार, 'कमज़ोर नींव पर बनी इमारत शुरुआत से ही अस्थिर रहती है।' यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी गठबंधन अपनी रणनीति को फिर से परिभाषित करने की कोशिश में जुटा है।

चुनाव आयोग और SIR पर विपक्ष के आरोप

चुनाव आयोग की बैठक में तीनों चुनाव आयुक्तों की उपस्थिति को लेकर उठ रहे सवालों पर अंसारी ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जनता के बीच 'भ्रम फैलाने' का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि इसके माध्यम से मतदाता सूची को दुरुस्त किया जा रहा है। उनके दावे के अनुसार, जिन राज्यों में SIR के बाद चुनाव हुए, वहाँ मतदान प्रतिशत में वृद्धि दर्ज की गई है।

कांग्रेस पर सीधा हमला

अंसारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कांग्रेस पर दिए गए बयानों का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश के विकास को बाधित किया और भ्रष्टाचार को प्रोत्साहन दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि SIR के मामले में कांग्रेस ने जनता को 'गुमराह' किया। उनके अनुसार, कांग्रेस अपने मूल एजेंडे से भटककर केवल राजनीतिक लाभ की दिशा में काम कर रही है।

आगे क्या

30 सितंबर को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की बैठक में गठबंधन की दिशा और रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। सत्तारूढ़ दल के मंत्रियों के इस तरह के बयान बैठक से पहले राजनीतिक माहौल को गर्म करने की कोशिश के रूप में देखे जा रहे हैं। गठबंधन के घटक दलों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह स्वयं दर्शाता है कि विपक्षी एकजुटता की संभावना को वे कितनी गंभीरता से ले रहे हैं। SIR प्रक्रिया पर जो विवाद है, उस पर केवल 'भ्रम फैलाने' का आरोप लगाना पर्याप्त नहीं — उसके लिए पारदर्शी आँकड़े और स्वतंत्र सत्यापन ज़रूरी है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दानिश आजाद अंसारी ने इंडिया गठबंधन को 'डूबता जहाज' क्यों कहा?
उत्तर प्रदेश के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने 27 सितंबर 2026 को लखनऊ में कहा कि इंडिया गठबंधन के घटक दल — सपा, कांग्रेस, TMC और AAP — कई मुद्दों पर एक-दूसरे के विरुद्ध बयान देते रहते हैं और गठबंधन व्यक्तिगत हितों पर टिका है, न कि जनता के मुद्दों पर।
30 सितंबर की इंडिया ब्लॉक बैठक में क्या होने की उम्मीद है?
30 सितंबर 2026 को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की बैठक में गठबंधन की रणनीति और दिशा पर चर्चा होने की संभावना है। हालाँकि बैठक का विस्तृत एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन, चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध किया जाता है। विपक्षी दल, विशेषकर सपा और कांग्रेस, इस पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि मंत्री अंसारी का दावा है कि SIR के बाद जहाँ चुनाव हुए, वहाँ मतदान प्रतिशत बढ़ा है।
इंडिया गठबंधन में किन दलों के बीच मतभेद बताए गए हैं?
मंत्री दानिश आजाद अंसारी के अनुसार, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच, तथा आम आदमी पार्टी को लेकर भी गठबंधन के भीतर खुले मतभेद सामने आए हैं।
UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के किस बयान का अंसारी ने समर्थन किया?
दानिश आजाद अंसारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उन बयानों का समर्थन किया जिनमें कांग्रेस पर देश के विकास को बाधित करने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया था। अंसारी ने यह भी कहा कि कांग्रेस का ध्यान केवल किसी एक नेता को स्थापित करने पर है।
राष्ट्र प्रेस
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