'इंडिया' ब्लॉक की बैठक पर एनडीए का हमला: 'गठबंधन में आपसी टकराव, अखिलेश-ममता दूर'
सारांश
मुख्य बातें
विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन की आगामी बैठक को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कई नेताओं ने 29 सितंबर 2026 को तीखी प्रतिक्रिया दी है। एनडीए नेताओं का कहना है कि 'इंडिया' ब्लॉक के दलों के बीच आपसी टकराव इस कदर गहरा है कि यह गठबंधन अब महज दिखावा बनकर रह गया है।
मंत्री अनिल राजभर का तंज
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने गठबंधन के अस्तित्व पर ही सवाल उठाते हुए कहा, 'कहाँ 'इंडिया' ब्लॉक अभी है — ज़िंदा क्या? पश्चिम बंगाल का चुनाव बीत गया, 'इंडिया' ब्लॉक दिखा आपको? दिल्ली का चुनाव गया, आपको दिखा?' राजभर ने यह भी कहा कि पंजाब में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच खुलकर टकराव चल रहा है और पूरा देश यह देख रहा है। उन्होंने कहा कि यह दल जनता को ठगने का काम करते हैं और इनके एजेंडे रोज़ बदलते रहते हैं।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता प्रतुल शाहदेव ने कहा, 'मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सारी बातों को स्पष्ट कर दिया गया। सुनने में आ रहा है कि गठबंधन की बैठक से अखिलेश यादव ने भी किनारा कर लिया है।' उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे जिस दल के साथ रहते हैं उसे भस्मासुर की तरह खत्म कर देते हैं।
BJP नेता राम कदम ने कहा कि बैठक में कौन आएगा या नहीं, इस पर वे टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन यह स्पष्ट है कि यह गठबंधन निजी स्वार्थों के आधार पर बना है। BJP नेता गुरु प्रकाश ने कहा, 'कहाँ है 'इंडिया' गठबंधन? न तो अखिलेश यादव आएंगे और न ममता बनर्जी आएंगी। ये पारिवारिक लोग हैं।'
जदयू और सपा की अलग-अलग आवाज़ें
जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन ने कहा कि इस गठबंधन की गांठें उभर सकती हैं क्योंकि समाजवादी पार्टी (सपा) ने पहले ही बैठक में शामिल होने से मना कर दिया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK), नेशनल कॉन्फ्रेंस और आम आदमी पार्टी का रुख क्या होगा, और क्या साथी दल कांग्रेस की प्राथमिकताओं पर सहमत होंगे।
वहीं, सपा नेता आशुतोष वर्मा ने स्पष्ट किया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव के पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम होने के कारण वे बैठक में नहीं पहुँच पाएंगे, लेकिन सपा का प्रतिनिधिमंडल बैठक में जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम 'इंडिया' गठबंधन के साथ हैं।'
जेएमएम की आक्रामक रणनीति
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता मनोज पांडे ने कहा कि बैठक में सभी लोग जुटेंगे और आगे के आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की माँग के साथ आंदोलन को और तेज किया जाएगा और हर हाल में सरकार को घुटनों पर लाना है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे का रास्ता
यह ऐसे समय में आया है जब 'इंडिया' गठबंधन अपनी एकजुटता साबित करने के लिए दबाव में है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल, दिल्ली और पंजाब के हालिया चुनावों में गठबंधन की साझा रणनीति दिखाई नहीं दी थी। आलोचकों का कहना है कि विभिन्न दलों के बीच सीट-बँटवारे और नेतृत्व को लेकर विवाद इस गठबंधन की सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं। बैठक के नतीजे और उपस्थिति से यह साफ होगा कि 'इंडिया' ब्लॉक आगे किस दिशा में जाता है।