नोएडा जलभराव: विधायक पंकज सिंह की सख्ती, 15 जुलाई तक सभी नालों की सफाई का अल्टीमेटम
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा विधानसभा के विधायक पंकज सिंह ने 8 जुलाई 2026 को नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक कर मानसून से पहले शहर की जलभराव और सफाई व्यवस्था की पड़ताल की। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि 15 जुलाई 2026 तक नोएडा के सभी प्रमुख नालों की सफाई पूर्ण कर ली जाए, ताकि बारिश के दौरान जल निकासी बाधित न हो।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी, महाप्रबंधक (सिविल) एके अरोड़ा, एसपी सिंह और महाप्रबंधक (विद्युत/यांत्रिकी) आरपी सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही भाजपा जिलाध्यक्ष महेश चौहान, फोनर्वा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा तथा विभिन्न आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भागीदारी की।
सफाई व्यवस्था और ड्रेनेज की मौजूदा स्थिति
नोएडा प्राधिकरण ने बैठक में बताया कि शहर में प्रतिदिन लगभग 900 टन घरेलू कचरे का डोर-टू-डोर संग्रहण किया जा रहा है। इसके अलावा प्रतिदिन करीब 400 टन निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो रहा है। गौरतलब है कि नोएडा ने पिछले वर्ष स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग हासिल की थी और वर्ष 2024 में सुपर स्वच्छ लीग में शामिल होने वाला उत्तर प्रदेश का एकमात्र शहर रहा था।
पूरे नोएडा को विभिन्न जोनों में विभाजित कर नालों की सफाई का अभियान पहले से चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि शहर में 28 लो-लाइंग क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं जहाँ हर वर्ष जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है — इन सभी स्थानों पर पंप लगाए जा चुके हैं और कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है।
विधायक के सख्त निर्देश
विधायक पंकज सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में नालों की सफाई में लापरवाही मिले, वहाँ संबंधित अधिकारी और संविदाकार की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने 24 घंटे सक्रिय रहने वाली क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित करने के भी निर्देश दिए, जो सभी आवश्यक उपकरणों से लैस होकर आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई कर सके।
यह भी निर्देश दिया गया कि नालों की सफाई शुरू करने से पहले संबंधित आरडब्ल्यूए, ग्राम प्रतिनिधियों और औद्योगिक संगठनों से समन्वय स्थापित किया जाए। बारिश के दौरान लगने वाले ट्रैफिक जाम पर भी चिंता जताते हुए उन्होंने प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
आम जनता पर असर
आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने बैठक में कई इलाकों में नालों की नियमित सफाई न होने की शिकायत उठाई। जलभराव की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक कॉल सेंटर भी स्थापित किया है, जहाँ नागरिक अपनी समस्याएँ दर्ज करा सकते हैं।
आगे क्या होगा
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी ने विधायक को आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पालन कराया जाएगा। 15 जुलाई 2026 की समयसीमा को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण के सभी विभागों को मानसून के दौरान जलभराव और सफाई व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। यह देखना अहम होगा कि निर्धारित समयसीमा में कार्य कितना पूरा होता है और इस मानसून में नोएडावासियों को जलभराव से कितनी राहत मिलती है।