क्या दिल्ली में जलभराव की समस्या पर केंद्र सरकार सख्त है?
सारांश
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नई दिल्ली, 15 जून (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली में मानसून से पहले जलभराव की चुनौतियों को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने रविवार दोपहर को सरोजिनी नगर मार्केट, लोधी एस्टेट और एनबीसीसी द्वारा निर्मित हाउसिंग कॉम्प्लेक्स जैसे कई संभावित जलभराव स्थलों का निरीक्षण किया। उनके साथ एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत चहल भी उपस्थित थे।
मनोहर लाल ने अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति और आम जनता को होने वाली असुविधाओं पर चर्चा की। खासकर सरोजिनी नगर मार्केट में निर्माणाधीन इमारतों के कारण यातायात और जल निकासी में कोई समस्या तो नहीं हो रही, इस पर उन्होंने जानकारी ली।
लोधी एस्टेट में जलभराव की लगातार शिकायतें आती रही हैं। मंत्री ने वहां के सीवेज पंप स्टेशन का निरीक्षण किया और पंपों की कार्यक्षमता का मूल्यांकन किया। उन्होंने निर्देश दिया कि मानसून से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण की जाएं ताकि नागरिकों को कोई परेशानी न हो।
उन्होंने मीडिया से कहा, "हमने सरोजिनी नगर में फ्लैट्स और शोरूम के आसपास के मार्केट क्षेत्र का निरीक्षण किया। जलभराव की समस्या एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। जनता की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है।" संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए।
हाल ही में सरकारी दफ्तरों के आसपास जलभराव की समस्याओं को लेकर भी शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इस संदर्भ में केंद्रीय मंत्री ने यहां का दौरा किया और आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार राजधानी में नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
इससे पहले, 13 जून को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उत्तर-पश्चिमी दिल्ली संसदीय क्षेत्र के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में उन्होंने सड़कों की मरम्मत, जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइटिंग और नालों की सफाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अधिकारियों को निर्देश दिए।
मानसून से पहले जलभराव की समस्याओं से निपटने के लिए सीएम गुप्ता ने सभी विभागों को नालों की सफाई को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि जल निकासी व्यवस्था सुचारू रहे, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को कोई असुविधा न हो।