बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: सरकारी कर्मियों का डीए बढ़ा, 19 प्रस्तावों को मंजूरी

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बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: सरकारी कर्मियों का डीए बढ़ा, 19 प्रस्तावों को मंजूरी

सारांश

बिहार कैबिनेट ने एक बैठक में 19 अहम फैसले लिए — सरकारी कर्मियों का डीए बढ़ाया, पाँच संवेदनशील जिलों में नए पुलिस पद बनाए, इलेक्ट्रिक वाहन नीति को मंजूरी दी और ₹209 करोड़ के AI मिशन 'आर्यभट्ट दृष्टि' को हरी झंडी दिखाई।

मुख्य बातें

सातवें वेतनमान के कर्मियों का डीए 58% से बढ़ाकर 60% किया गया; छठे वेतनमान पर 257% से 262% और पाँचवें वेतनमान पर 474% से 483% ।
वृद्धि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।
पूर्वी चम्पारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के 5 नए पद सृजित।
वैशाली में 100 एकड़ भूमि पर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान की स्थापना को सैद्धांतिक मंजूरी।
2030 तक नए वाहनों में 30% इलेक्ट्रिक वाहन सुनिश्चित करने की योजना को मंजूरी।
आर्यभट्ट दृष्टि AI परियोजना के लिए ₹209 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति; सिंगापुर की संस्था ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क को चुना गया।

बिहार सरकार ने 13 मई 2026 को आयोजित कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों के महँगाई भत्ते (डीए) में वृद्धि को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, जिनमें डीए वृद्धि के अलावा इलेक्ट्रिक वाहन योजना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन और नए पुलिस पद सृजन जैसे अहम निर्णय शामिल हैं। यह वृद्धि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।

महँगाई भत्ते में कितनी हुई वृद्धि

सप्तम केंद्रीय पुनरीक्षित वेतन संरचना के अंतर्गत आने वाले कर्मियों का डीए 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। छठे वेतनमान वाले कर्मचारियों का भत्ता 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत किया गया है। इसके साथ ही पाँचवें वेतनमान के कर्मियों का महँगाई भत्ता 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दिया गया है।

पाँच संवेदनशील जिलों में नए पुलिस पद

बैठक में अपराध एवं साम्प्रदायिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले राज्य के पाँच जिलोंपूर्वी चम्पारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली एवं सिवान — में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पाँच नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। बैठक के बाद एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी साझा की। यह कदम राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है।

वैशाली में खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना

औद्योगिक विस्तार के तहत वैशाली जिले में 1,243.45 एकड़ रैयती भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसमें से 100 एकड़ भूमि पर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान की स्थापना के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार को निःशुल्क हस्तांतरण की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। भूमि चयन पर अंतिम निर्णय आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार, बिहार, पटना की निदेशक परिषद को सौंपा गया है।

इलेक्ट्रिक वाहन और AI मिशन को हरी झंडी

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोज़गार योजना को भी मंजूरी दी, जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक नए वाहनों की कुल बिक्री में कम-से-कम 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है। यह वैश्विक

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह केंद्र सरकार की दरों के अनुरूप ही है — बिहार ने कोई स्वतंत्र उदारता नहीं दिखाई। असली परीक्षा AI मिशन और इलेक्ट्रिक वाहन योजना की है: ₹209 करोड़ का 'आर्यभट्ट दृष्टि' बजट महत्वाकांक्षी लगता है, पर सिंगापुर की संस्था का चयन नामांकन के आधार पर होना पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। EV योजना का 2030 का लक्ष्य वैश्विक मानकों के अनुरूप है, लेकिन बिहार में चार्जिंग बुनियादी ढाँचे की वर्तमान स्थिति को देखते हुए इसे हासिल करना चुनौतीपूर्ण होगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में डीए वृद्धि कब से लागू होगी?
यह वृद्धि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी। बिहार कैबिनेट ने 13 मई 2026 को इसे मंजूरी दी है।
बिहार में सातवें वेतनमान पर डीए कितना हो गया है?
सप्तम केंद्रीय पुनरीक्षित वेतन संरचना के तहत डीए 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। छठे वेतनमान पर 262% और पाँचवें वेतनमान पर 483% डीए मिलेगा।
बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन क्या है?
'बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन' के तहत राज्य में AI पारिस्थितिकी तंत्र, कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए सिंगापुर की संस्था ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क को चुना गया है और 'आर्यभट्ट दृष्टि परियोजना' के लिए ₹209 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
बिहार इलेक्ट्रिक वाहन योजना का लक्ष्य क्या है?
मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोज़गार योजना का उद्देश्य 2030 तक नए वाहनों की बिक्री में कम-से-कम 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है। यह वैश्विक 'ईवी 30एट30' अभियान को भी सहयोग देगी।
बिहार के किन जिलों में नए पुलिस पद बनाए गए हैं?
पूर्वी चम्पारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान — इन पाँच जिलों में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पाँच नए पद सृजित किए गए हैं। ये जिले अपराध और साम्प्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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