क्या बिहार में मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना को मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी मिली?

सारांश
Key Takeaways
- दिव्यांगजन उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नई योजना।
- 10.25 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत।
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में निर्णय।
- एक अप्रैल 2025 से मानदेय में वृद्धि।
- किसान सलाहकारों के मानदेय में भी बढ़ोतरी।
पटना, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए उद्यमिता और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने हेतु उद्योग विभाग के द्वारा संचालित मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना के आधार पर, समाज कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना (सम्बल) के अंतर्गत "मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना" की शुरुआत करने का निर्णय लिया है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के कार्यान्वयन हेतु बिहार मंत्रिमंडल की आज मंगलवार को हुई बैठक में 10.25 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 26 एजेंडों को मंजूरी दी गई। आज की बैठक में बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज, 2025 की भी स्वीकृति दी गई।
बैठक में डीलर कमीशन की राशि में वृद्धि की गई है। बैठक के उपरांत जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत डीलर कमीशन मद में केंद्रांश की राशि 45 रुपये प्रति क्विंटल एवं राज्यांश मद की राशि 45 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है, यानी कुल 90 रुपये प्रति क्विंटल।
सितंबर से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत डीलर कमीशन मद में 90 रुपये प्रति क्विंटल तथा राज्य योजना से अतिरिक्त 47 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया है, जिससे सभी मदों के साथ केंद्रीय सहायता, राज्यांश एवं राज्य योजना मद मिलाकर कुल दर 211.40 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 258.40 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगी।
बैठक में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए राज्य रणनीति एवं कार्य योजना, 2025 की भी मंजूरी दी गई और बिहार में नए अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर हवाई संपर्कता बढ़ाने के लिए नीति को भी स्वीकृति दी गई। सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए किसान सलाहकारों के मानदेय में भी वृद्धि की है।
राज्य स्कीम मद से किसान सलाहकार योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 से किसान सलाहकारों का मानदेय 13,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए कुल 67.87 करोड़ रुपये की निकासी एवं व्यय की स्वीकृति दी गई है। मानदेय की यह बढ़ी हुई दर एक अप्रैल 2025 से प्रभावी होगी।