PM मोदी की ईंधन बचत अपील: सूरत में डेस्टिनेशन वेडिंग रद्द, महिलाएं अपना रही हैं कारपूलिंग और 'वोकल फॉर लोकल'

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PM मोदी की ईंधन बचत अपील: सूरत में डेस्टिनेशन वेडिंग रद्द, महिलाएं अपना रही हैं कारपूलिंग और 'वोकल फॉर लोकल'

सारांश

PM मोदी की ईंधन बचत और विदेशी मुद्रा संरक्षण की अपील सूरत में ज़मीनी असर दिखा रही है। व्यवसायी कृतिका शाह ने विदेश में होने वाली डेस्टिनेशन वेडिंग रद्द कर सूरत में शादी तय की, जबकि आर्किटेक्ट प्रांजल पटेल ने कारपूलिंग और घरेलू पर्यटन को अपनाया — 'वोकल फॉर लोकल' को मिली नई सामाजिक ऊर्जा।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और विदेशी मुद्रा संरक्षण अपील का असर सूरत, गुजरात में दिखने लगा है।
व्यवसायी कृतिका शाह ने विदेश में प्रस्तावित डेस्टिनेशन वेडिंग रद्द कर शादी सूरत में आयोजित करने का निर्णय लिया।
आर्किटेक्ट प्रांजल पटेल ने निजी वाहन छोड़कर कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन अपनाया; विदेश यात्रा रद्द कर भारत भ्रमण को प्राथमिकता दी।
महिलाओं ने महंगे सोने के गहनों की जगह हेरिटेज ज्वेलरी और इमिटेशन ज्वेलरी को बेहतर विकल्प बताया।
भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरत का लगभग 85% आयात करता है, जिससे नागरिकों का ईंधन बचत प्रयास व्यापक आर्थिक महत्त्व रखता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और विदेशी मुद्रा संरक्षण की अपील का असर अब गुजरात के सूरत शहर में ज़मीनी स्तर पर दिखने लगा है। यहाँ की महिलाओं और युवा पेशेवरों ने अपने निजी जीवन में उल्लेखनीय बदलाव किए हैं — किसी ने विदेश में होने वाली डेस्टिनेशन वेडिंग रद्द कर दी, तो किसी ने विदेश यात्रा का प्लान छोड़कर भारत भ्रमण का रास्ता चुना। 13 मई को सामने आई इन प्रतिक्रियाओं ने 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को एक नई सामाजिक ऊर्जा दी है।

डेस्टिनेशन वेडिंग से सूरत की शादी तक

सूरत की व्यवसायी कृतिका शाह ने बताया कि उनके परिवार में शादी की तैयारियाँ चल रही थीं और पहले विदेश में डेस्टिनेशन वेडिंग की योजना बनाई गई थी। प्रधानमंत्री की अपील से प्रेरित होकर परिवार ने यह निर्णय बदल दिया और अब विवाह सूरत में ही आयोजित किया जाएगा।

कृतिका ने यह भी कहा कि शादी को छोटा और सरल रखने के साथ-साथ सोने की खरीदारी भी सीमित कर दी गई है। उन्होंने महिलाओं को सलाह दी कि महंगे सोने के गहनों के बजाय इमिटेशन ज्वेलरी और पुराने पारिवारिक गहनों — यानी हेरिटेज ज्वेलरी — का उपयोग एक बेहतर और सुंदर विकल्प हो सकता है। उनके अनुसार, भारतीय साड़ियों के साथ ऐसे गहने बेहद आकर्षक लगते हैं और अनावश्यक खर्च भी बचता है।

कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन को मिल रही प्राथमिकता

सूरत की आर्किटेक्ट प्रांजल पटेल ने बताया कि उन्होंने भी प्रधानमंत्री की अपील को अपने दैनिक जीवन में उतारा है। अब वे ऑफिस जाने के लिए निजी वाहन की जगह अपने पिता के साथ कारपूलिंग करती हैं या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करती हैं।

प्रांजल ने यह भी बताया कि दोस्तों के साथ विदेश घूमने का प्लान रद्द कर दिया गया है और अब वे भारत के विभिन्न पर्यटन स्थलों की यात्रा करेंगी। उनका मानना है कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी और भारतीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

आर्थिक बचत से परे — पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा

सूरत की इन महिलाओं का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी की अपील केवल व्यक्तिगत आर्थिक बचत तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, यह अभियान प्रदूषण कम करने, ईंधन संरक्षण और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने जैसे व्यापक राष्ट्रीय लक्ष्यों से भी जुड़ा है।

गौरतलब है कि भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरत का लगभग 85% आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा पर भारी दबाव पड़ता है। ऐसे में नागरिकों द्वारा ईंधन की खपत घटाने के छोटे-छोटे प्रयास भी व्यापक आर्थिक प्रभाव डाल सकते हैं।

युवाओं से जुड़ने की अपील

सूरत की इन महिलाओं ने युवाओं और समाज के अन्य वर्गों से भी 'वोकल फॉर लोकल' और संसाधन बचत के इस अभियान से जुड़ने की अपील की है। उनका मानना है कि यदि हर नागरिक छोटे-छोटे बदलाव करे तो देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को नई दिशा मिल सकती है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव के बाद देश में राष्ट्रीय एकजुटता और संसाधन संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ी है। आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि यह जन-जागरण एक स्थायी व्यवहार परिवर्तन में बदल पाता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या ये बदलाव दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन में तब्दील होंगे या महज़ एक भावनात्मक लहर तक सीमित रहेंगे। भारत में ईंधन खपत घटाने के लिए व्यक्तिगत इच्छाशक्ति के साथ-साथ बेहतर सार्वजनिक परिवहन बुनियादी ढाँचे की भी ज़रूरत है — जो अभी कई शहरों में अपर्याप्त है। 'वोकल फॉर लोकल' और ऊर्जा बचत के ये संदेश तब अधिक प्रभावी होंगे जब इन्हें नीतिगत प्रोत्साहनों और जन-जागरूकता अभियानों का ठोस समर्थन मिले।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी की ईंधन बचत अपील क्या है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन की खपत कम करने और विदेशी मुद्रा संरक्षण के लिए अपील की है, जिसमें कारपूलिंग, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग और विदेश यात्रा की जगह घरेलू पर्यटन को प्राथमिकता देने जैसे कदम शामिल हैं। यह अपील 'वोकल फॉर लोकल' अभियान से भी जुड़ी है।
सूरत में डेस्टिनेशन वेडिंग क्यों रद्द की गई?
सूरत की व्यवसायी कृतिका शाह ने PM मोदी की ईंधन बचत और विदेशी मुद्रा संरक्षण अपील से प्रेरित होकर विदेश में होने वाली डेस्टिनेशन वेडिंग रद्द कर दी। अब शादी सूरत में ही सरल और छोटे रूप में आयोजित की जाएगी।
कारपूलिंग से देश को क्या फायदा होता है?
कारपूलिंग से ईंधन की खपत कम होती है, जिससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटती है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होता है। भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरत का लगभग 85% आयात करता है, इसलिए यह छोटा कदम भी व्यापक आर्थिक प्रभाव डाल सकता है।
हेरिटेज ज्वेलरी का विकल्प क्यों सुझाया गया?
कृतिका शाह ने महंगे सोने के गहनों की जगह इमिटेशन ज्वेलरी और पुराने पारिवारिक गहनों — यानी हेरिटेज ज्वेलरी — के उपयोग की सलाह दी, क्योंकि इससे सोने की खरीदारी पर खर्च कम होता है और विदेशी मुद्रा की बचत होती है। उनके अनुसार, भारतीय साड़ियों के साथ ये गहने बेहद आकर्षक भी लगते हैं।
'वोकल फॉर लोकल' अभियान से क्या तात्पर्य है?
'वोकल फॉर लोकल' PM मोदी द्वारा शुरू किया गया अभियान है जो भारतीय नागरिकों को स्थानीय उत्पादों, सेवाओं और पर्यटन को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित करता है। इससे घरेलू अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलती है और विदेशी मुद्रा का बहिर्गमन कम होता है।
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