नोएडा प्राधिकरण की समीक्षा बैठक: CEO कृष्णा करुणेश के सख्त निर्देश, 15 दिनों में शौचालय सुधार और मई अंत तक विकास कार्य शुरू करने का आदेश

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नोएडा प्राधिकरण की समीक्षा बैठक: CEO कृष्णा करुणेश के सख्त निर्देश, 15 दिनों में शौचालय सुधार और मई अंत तक विकास कार्य शुरू करने का आदेश

सारांश

नोएडा प्राधिकरण के CEO कृष्णा करुणेश ने 28 अप्रैल को वर्क सर्किल 1 से 5 की समीक्षा बैठक में सफाई, अतिक्रमण, शौचालय रखरखाव और विकास कार्यों पर कड़े निर्देश जारी किए। सार्वजनिक शौचालयों को 15 दिनों में दुरुस्त करने, मई अंत तक निर्माण कार्य शुरू करने और दिसंबर तक परियोजनाएँ पूरी करने की समयसीमा तय की गई।

Key Takeaways

  • CEO कृष्णा करुणेश ने 28 अप्रैल 2026 को वर्क सर्किल 1 से 5 की विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
  • सार्वजनिक शौचालयों और यूरिनल्स का अनुरक्षण 15 दिनों के भीतर पूरा कर सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक संचालन अनिवार्य किया गया।
  • सभी विकास कार्य मई के अंत तक प्रारंभ और दिसंबर से पहले पूर्ण करने के निर्देश।
  • अतिक्रमण पर सख्ती — लगातार निगरानी और जरूरत पड़ने पर सीलिंग कार्रवाई के आदेश।
  • भीषण गर्मी में वाटर स्प्रिंकलिंग, प्याऊ और वाटर कूलर लगाने तथा पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था का निर्देश।
  • वर्क सर्किल प्रबंधकों के मोबाइल नंबर आरडब्ल्यूए और ग्रामवासियों को उपलब्ध कराने का आदेश।

नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को वर्क सर्किल 1 से 5 के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में सिविल, जनस्वास्थ्य और उद्यानीकरण से जुड़े विकास एवं अनुरक्षण कार्यों की प्रगति का आकलन किया गया और सफाई, अतिक्रमण तथा जनसुविधाओं पर कड़े निर्देश जारी किए गए।

बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी

इस समीक्षा बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी, विशेष कार्याधिकारी क्रांतिशेखर सिंह, इन्दुप्रकाश सिंह, महाप्रबंधक एके अरोड़ा, एसपी सिंह और निदेशक (उद्यान) आनन्द मोहन सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी विभागों की कार्यप्रगति की गहन समीक्षा की गई।

सफाई और कूड़ा प्रबंधन पर निर्देश

सीईओ कृष्णा करुणेश ने शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी सेक्टरों और गाँवों में नियमित रूप से कूड़ा उठान सुनिश्चित किया जाए और कहीं भी कचरा जमा न होने दिया जाए। सड़कों और नालियों की नियमित सफाई पर भी विशेष जोर दिया गया।

विलोपित कूड़ाघरों के सौंदर्यीकरण को लेकर भी निर्देश जारी किए गए। जहाँ जगह उपलब्ध हो, वहाँ बच्चों के लिए झूले, बेंच या ओपन जिम स्थापित करने की संभावनाओं पर काम करने को कहा गया। गौरतलब है कि यह कदम शहरी खाली भूखंडों के सदुपयोग की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।

जनसुविधाओं और शौचालयों में सुधार

सार्वजनिक शौचालयों और यूरिनल्स के अनुरक्षण कार्य को 15 दिनों के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए। इन सुविधाओं को सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ संचालित करना अनिवार्य किया गया है।

भीषण गर्मी को देखते हुए शहर में वाटर स्प्रिंकलिंग, प्याऊ और वाटर कूलर लगाने के साथ-साथ पशुओं के लिए भी पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

अतिक्रमण और अवैध वेंडरों पर सख्ती

अतिक्रमण के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए लगातार निगरानी और आवश्यकता पड़ने पर सीलिंग कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अवैध वेंडरों और साप्ताहिक बाज़ारों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश देते हुए उनका पूरा विवरण तैयार करने को कहा गया।

इसके अलावा सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित गौवंशों को पकड़कर आश्रय स्थल भेजने और निजी पशुओं की टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। शहर में दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर वहाँ आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने पर भी बल दिया गया।

विकास कार्यों की समयसीमा और जनसंपर्क

सीईओ ने सभी विकास कार्यों की निविदा प्रक्रिया को तेज़ी से पूरा कर मई के अंत तक कार्य प्रारंभ कराने और दिसंबर से पहले सभी परियोजनाओं को पूर्ण करने के निर्देश दिए। आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए नालों और पुलियों की मरम्मत समय से पूरा करने पर जोर दिया गया, ताकि जलभराव की समस्या से बचा जा सके।

जनसंपर्क को बेहतर बनाने के लिए वर्क सर्किल प्रबंधकों के मोबाइल नंबर आरडब्ल्यूए और ग्रामवासियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उद्यान विभाग को पेड़ों की छंटाई नियमित रूप से करने, आवश्यक मशीनों की खरीद सुनिश्चित करने और ग्रीन बेल्ट व पार्कों के अनुरक्षण के लिए विज्ञापन एजेंसियों की भागीदारी पर विचार करने को कहा गया। इन निर्देशों का समयबद्ध क्रियान्वयन नोएडा की शहरी व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।

Point of View

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की है — क्योंकि ऐसी बैठकें नियमित रूप से होती हैं और निर्देश भी जारी होते रहे हैं, फिर भी शहर में जलभराव और अतिक्रमण की समस्याएँ बनी रहती हैं। वर्क सर्किल प्रबंधकों के नंबर आरडब्ल्यूए को देने का कदम जवाबदेही की दिशा में सकारात्मक है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि शिकायतों पर वास्तव में कार्रवाई होती है या नहीं। दिसंबर की समयसीमा महत्वाकांक्षी है और निविदा प्रक्रिया की सुस्त रफ्तार को देखते हुए इसे पूरा करना चुनौतीपूर्ण होगा।
NationPress
28/04/2026

Frequently Asked Questions

नोएडा प्राधिकरण की समीक्षा बैठक 28 अप्रैल को किसने आयोजित की?
नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने 28 अप्रैल 2026 को वर्क सर्किल 1 से 5 की विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इसमें सिविल, जनस्वास्थ्य और उद्यानीकरण से जुड़े कार्यों की प्रगति का आकलन किया गया।
नोएडा में सार्वजनिक शौचालयों के सुधार की समयसीमा क्या है?
CEO कृष्णा करुणेश ने सार्वजनिक शौचालयों और यूरिनल्स के अनुरक्षण कार्य को 15 दिनों के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इन्हें सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ संचालित करना अनिवार्य किया गया है।
नोएडा प्राधिकरण ने अतिक्रमण पर क्या कार्रवाई के निर्देश दिए?
प्राधिकरण ने अतिक्रमण के मामलों में लगातार निगरानी और आवश्यकता पड़ने पर सीलिंग कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अवैध वेंडरों और साप्ताहिक बाज़ारों का पूरा विवरण तैयार कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा गया है।
नोएडा में विकास परियोजनाओं की समयसीमा क्या तय की गई है?
CEO ने निर्देश दिए हैं कि सभी विकास कार्यों की निविदा प्रक्रिया तेज़ी से पूरी कर मई के अंत तक कार्य प्रारंभ किया जाए और दिसंबर से पहले सभी परियोजनाएँ पूर्ण की जाएँ। आगामी वर्षा ऋतु से पहले नालों और पुलियों की मरम्मत को प्राथमिकता दी गई है।
नोएडा में गर्मी से राहत के लिए प्राधिकरण ने क्या व्यवस्था करने को कहा?
भीषण गर्मी को देखते हुए शहर में वाटर स्प्रिंकलिंग, प्याऊ और वाटर कूलर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पशुओं के लिए भी पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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