चक्रवात 'मुरासु' से आंध्र प्रदेश में 8 मौतें, ₹1,918 करोड़ से अधिक का नुकसान
सारांश
मुख्य बातें
चक्रवात 'मुरासु' ने आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई है — राज्य में आठ लोगों की जान चली गई और प्रारंभिक आकलन के अनुसार ₹1,918.55 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। मंगलवार, 4 नवंबर 2026 को तट से टकराए इस चक्रवात ने कृषि, बुनियादी ढाँचे और मत्स्य पालन क्षेत्र को व्यापक क्षति पहुँचाई है। अधिकारियों ने गुरुवार, 5 नवंबर को मुख्यमंत्री को प्रारंभिक नुकसान रिपोर्ट सौंपी।
जान-माल का नुकसान
चक्रवात में सर्वाधिक पाँच मौतें बापटला जिले में हुईं, जबकि गुंटूर जिले में दो और पलनाडु जिले में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई। कृषि क्षेत्र में 1,43,122 हेक्टेयर खेती योग्य भूमि पर फसलें बर्बाद हुईं, जिससे 1,86,063 किसान प्रभावित हुए। इसके अतिरिक्त 6,749 हेक्टेयर बागवानी क्षेत्र को नुकसान पहुँचा और 12,586 किसान इससे प्रभावित हुए।
बुनियादी ढाँचे में 983 मकान, 346 नौकाएं और 220 मछली पकड़ने के जाल क्षतिग्रस्त हो गए। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ का पानी पूरी तरह उतरने के बाद फसलों के सही नुकसान का आकलन करने में 48 से 72 घंटे और लगेंगे।
मुख्यमंत्री की समीक्षा और निर्देश
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को चक्रवात के बाद की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कृषि, बिजली, नगर प्रशासन और पंचायती राज विभागों में हुई क्षति की जानकारी ली तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया। नायडू ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो और बिजली आपूर्ति बहाली, सड़क मरम्मत तथा पेयजल सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
गौरतलब है कि यह लगातार दूसरा चक्रवात है जिसने राज्य को इस मौसम में प्रभावित किया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वह शुक्रवार, 6 नवंबर को स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
बुनियादी सेवाओं की बहाली
बिजली बहाली कार्य तेज़ी से जारी है। एपीसीपीडीसीएल क्षेत्र में प्रभावित 1,103 फीडरों में से 871 बहाल कर दिए गए हैं, जबकि 232 फीडर अभी बाकी हैं। क्षतिग्रस्त 3,946 बिजली पोलों में से 1,493 की मरम्मत पूरी हो चुकी है।
दूरसंचार सेवाओं में, राज्य के 31,428 टावरों में से 30,518 गुरुवार तक पुनः चालू हो गए — यानी 97.1 प्रतिशत सेवाएं बहाल हैं। हालाँकि, बापटला, प्रकाशम और पश्चिम गोदावरी जिलों के कुछ इलाकों में काम अभी भी जारी है।
सड़क एवं भवन (आरएंडबी) विभाग के अनुसार, प्रमुख ज़िला सड़कों और राज्य राजमार्गों के 760.10 किलोमीटर हिस्से को नुकसान हुआ है। सड़कों पर गिरे पेड़ों वाले सभी 206 स्थानों को साफ कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 74 सड़कें और 204.14 किलोमीटर मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिनके पुनर्निर्माण पर लगभग ₹92.08 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
राहत एवं बचाव अभियान
राहत कार्यों में एसडीआरएफ की 11 टीमों, एनडीआरएफ की 13 टीमों और 390 अग्निशमन कर्मियों ने हिस्सा लिया। लोगों को समय रहते सतर्क करने के लिए लगभग 5.87 करोड़ चेतावनी संदेश भेजे गए। राज्य सरकार ने तत्काल राहत के लिए जिलों को ₹37 करोड़ जारी किए हैं।
पंचायती राज विभाग के अनुसार, चक्रवात से 59 मंडल और 649 ग्राम पंचायतें प्रभावित हुई हैं। चिह्नित सभी 336 जल निकासी अवरोधों को हटा दिया गया है।
जलाशयों और नहरों की स्थिति
प्रकाशम बैराज में जलप्रवाह और निकासी दोनों 43,500 क्यूसेक पर बनाए रखे गए हैं और 70 में से 60 गेट खुले हैं। बुडामेरु डायवर्जन चैनल में 6,047 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है। तम्मिलेरु में जलप्रवाह 26,000 क्यूसेक से घटकर 10,200 क्यूसेक पर आ गया है — जो स्थिति में धीरे-धीरे सुधार का संकेत है। आने वाले दिनों में बाढ़ का पानी उतरने के बाद नुकसान का पूरा आकलन सामने आएगा और पुनर्वास कार्यों की गति तेज़ होने की उम्मीद है।