चक्रवात अर्नब-मुरासु: PM मोदी ने CM नायडू से फोन पर ली आंध्र प्रदेश की स्थिति की जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को फोन कर चक्रवात अर्नब और चक्रवात मुरासु से राज्य में हुए नुकसान का जायजा लिया। एक सप्ताह के भीतर दो चक्रवातों की मार झेल चुके आंध्र प्रदेश में राहत एवं पुनर्वास कार्य जारी हैं।
मुख्यमंत्री ने PM को दी विस्तृत जानकारी
आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री नायडू ने प्रधानमंत्री को दोनों चक्रवातों के प्रभाव और प्रभावित क्षेत्रों में हुए व्यापक नुकसान के बारे में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और सड़क तथा बिजली का बुनियादी ढाँचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से राज्य को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। प्रधानमंत्री मोदी ने राहत कार्यों में राज्य सरकार के प्रभावी प्रबंधन की सराहना की और लगातार दो चक्रवातों की चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री नायडू की प्रशंसा की।
नुकसान का प्रारंभिक आकलन
मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी जानकारी में बताया कि चक्रवात मुरासु से राज्य के आठ सरकारी विभागों में प्रारंभिक अनुमान के अनुसार ₹343.95 करोड़ का नुकसान हुआ है। इसमें से करीब 94 प्रतिशत नुकसान केवल कृषि क्षेत्र में हुआ है।
सात जिलों के 465 गाँवों में 50,473 हेक्टेयर में फैली फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे 69,828 किसान प्रभावित हुए हैं। इनमें से 45,900 हेक्टेयर में धान की फसल बर्बाद हुई है। कृषि क्षेत्र को कुल प्रारंभिक नुकसान ₹324.22 करोड़ आँका गया है। बापटला, कृष्णा और गुंटूर जिलों में बागवानी उपज सहित फसलों को विशेष रूप से गंभीर क्षति पहुँची है।
गृह मंत्री अमित शाह भी हुए सक्रिय
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को मुख्यमंत्री नायडू को फोन कर चक्रवात मुरासु के प्रभाव, नुकसान की सीमा और जारी राहत प्रयासों की जानकारी ली थी। एक ही दिन में शाह से दो बार बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य चक्रवात अर्नब के असर से पूरी तरह उबरा भी नहीं था कि चक्रवात मुरासु ने स्थिति को और विकट बना दिया।
इससे पहले मुख्यमंत्री नायडू ने गृह मंत्री शाह को पत्र लिखकर कई जिलों में फसलों और संपत्ति को हुए भारी नुकसान और जनता की परेशानियों का विवरण देते हुए तत्काल वित्तीय सहायता जारी करने का आग्रह किया था।
राहत एवं बचाव अभियान
मुख्यमंत्री के अनुसार, चक्रवात की आशंका को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, रियल-टाइम गवर्नेंस सोसाइटी और आपातकालीन संचालन केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया था। राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए 11 SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और 13 NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) टीमें तैनात की गई थीं।
प्रभावित जिलों में 480 स्कूलों को राहत केंद्रों में बदला गया है और 12,230 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश रबी फसल की तैयारियों में जुटा था — लगातार दो चक्रवातों ने राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था पर दोहरी मार की है।
आने वाले दिनों में केंद्र सरकार की ओर से राहत पैकेज की घोषणा की उम्मीद जताई जा रही है, जिसकी नायडू सरकार ने माँग की है।